गोरखपुर एनकाउंटर:आजमगढ़ के बसपा नेता कलामुद्दीन खान हत्याकांड का मुख्य आरोपी मुस्तफिजुल रहमान उर्फ बाबू मारा गया , एक लाख का इनामी अपराधी लंबे समय से था फरार
Gorakhpur encounter: Mustafizul Rehman alias Babu, the main accused in the murder of BSP leader Kalamuddin Khan of Azamgarh, was killed. The criminal, carrying a reward of Rs 1 lakh, was absconding for a long time.

आजमगढ़ 14 जुलाई :उत्तर प्रदेश में अपराधियों के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई लगातार जारी है। इसी क्रम में गोरखपुर जिले के खोराबार थाना क्षेत्र में सोमवार देर रात उत्तर प्रदेश एसटीएफ और स्थानीय पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में एक लाख रुपये के इनामी बदमाश मुस्तफिजुल रहमान उर्फ बाबू पुलिस मुठभेड़ में मारा गया। मुस्तफिजुल रहमान पर आजमगढ़ के बहुचर्चित बसपा नेता कलामुद्दीन खान हत्याकांड का मुख्य आरोपी होने का आरोप था और उसकी गिरफ्तारी के लिए लंबे समय से आजमगढ़ पुलिस प्रयास कर रही थी। उसके खिलाफ हत्या, हत्या के प्रयास, आपराधिक षड्यंत्र, पुलिस हिरासत से फरार होने सहित दस से अधिक गंभीर मुकदमे दर्ज थे।पुलिस के अनुसार मुठभेड़ के दौरान आरोपी ने पुलिस टीम पर ताबड़तोड़ फायरिंग की, जिसके जवाब में पुलिस ने भी कार्रवाई की। गोली लगने से घायल हुए बदमाश को जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। इस मुठभेड़ में एक पुलिसकर्मी भी घायल हुआ है, जिसका उपचार कराया गया।
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गुप्त सूचना पर हुई घेराबंदी
जानकारी के अनुसार सोमवार रात करीब 11 बजे एसटीएफ गोरखपुर यूनिट के प्रभारी सत्य प्रकाश सिंह को सूचना मिली कि आजमगढ़ जिले के मेहनगर थाना क्षेत्र के खुन्दनपुर गांव का रहने वाला वांछित अपराधी मुस्तफिजुल रहमान उर्फ बाबू गोरखपुर के रामनगर करजहा क्षेत्र से कुशीनगर की ओर जाने वाला है।सूचना को गंभीरता से लेते हुए एसटीएफ और खोराबार थाना पुलिस ने संयुक्त रणनीति तैयार की। रामनगर करजहा इलाके में कई स्थानों पर पुलिस टीम ने घेराबंदी कर दी। देर रात संदिग्ध व्यक्ति के पहुंचते ही पुलिस ने उसे रुकने का इशारा किया, लेकिन उसने आत्मसमर्पण करने के बजाय पुलिस टीम पर फायरिंग शुरू कर दी।
पुलिस की जवाबी कार्रवाई में ढेर हुआ आरोपी
पुलिस अधिकारियों के अनुसार बदमाश लगातार पुलिस टीम को निशाना बनाकर गोलियां चला रहा था। आत्मरक्षा में पुलिस ने जवाबी फायरिंग की। इसी दौरान मुस्तफिजुल रहमान को गोली लगी और वह गंभीर रूप से घायल होकर गिर पड़ा।घायल आरोपी को तत्काल जिला अस्पताल पहुंचाया गया, जहां चिकित्सकों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। मुठभेड़ के दौरान एक सिपाही भी घायल हुआ, जिसे प्राथमिक उपचार के बाद चिकित्सकीय निगरानी में रखा गया।घटनास्थल से पुलिस ने हथियार, कारतूस और अन्य आपत्तिजनक सामग्री भी बरामद की है। बरामद हथियारों की फॉरेंसिक जांच कराई जा रही है।
कलामुद्दीन खान हत्याकांड का मुख्य आरोपी था
मुस्तफिजुल रहमान का नाम आजमगढ़ के चर्चित बसपा नेता कलामुद्दीन खान हत्याकांड में मुख्य आरोपियों में शामिल था। इस हत्या के बाद पूरे क्षेत्र में सनसनी फैल गई थी और पुलिस ने आरोपियों की तलाश तेज कर दी थी।जांच के दौरान पुलिस ने मुस्तफिजुल रहमान की भूमिका को गंभीर मानते हुए उसके खिलाफ कार्रवाई शुरू की। लेकिन घटना के बाद वह लगातार फरार चल रहा था। पुलिस कई बार उसके संभावित ठिकानों पर दबिश देती रही, लेकिन हर बार वह गिरफ्तारी से बच निकलता था।लंबे समय तक गिरफ्तारी न होने पर वाराणसी जोन के एडीजी ने उसकी गिरफ्तारी पर एक लाख रुपये का इनाम घोषित किया था। इसके बाद भी आरोपी लगातार पुलिस की आंखों में धूल झोंकता रहा।
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वर्षों से फरार चल रहा था अपराधी
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार मुस्तफिजुल रहमान वर्ष 2011 से ही कई मामलों में वांछित था। उसके खिलाफ हत्या, हत्या का प्रयास, आपराधिक षड्यंत्र, रंगदारी, धमकी, चोरी और पुलिस हिरासत से फरार होने जैसे गंभीर अपराध दर्ज थे।बसपा नेता की हत्या के बाद पुलिस की कार्रवाई तेज होने पर उसने उत्तर प्रदेश छोड़ दिया और गुजरात में जाकर छिप गया। वहां भी उसने अपनी पहचान छिपाकर रहने की कोशिश की।हालांकि विभिन्न राज्यों की पुलिस उसके बारे में लगातार सूचनाएं एकत्र करती रही। कई बार उसके लोकेशन बदलने की जानकारी भी मिली, लेकिन वह गिरफ्तारी से बचता रहा।
महाराष्ट्र पुलिस हिरासत से भी हो चुका था फरार
मुस्तफिजुल रहमान की आपराधिक गतिविधियां केवल उत्तर प्रदेश तक सीमित नहीं थीं। पुलिस के अनुसार वर्ष 2024 में महाराष्ट्र के अमरावती ग्रामीण जिले में उसे गिरफ्तार किया गया था।लेकिन पुलिस हिरासत के दौरान वह फरार होने में सफल हो गया। इस घटना के बाद महाराष्ट्र पुलिस ने भी उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था।इस घटना के बाद उसकी तलाश और तेज कर दी गई थी। उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र और गुजरात की पुलिस उसके बारे में लगातार सूचनाओं का आदान-प्रदान कर रही थी।
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एसटीएफ को मिली थी सटीक सूचना
सूत्रों के अनुसार एसटीएफ को काफी समय से मुस्तफिजुल रहमान की गतिविधियों पर नजर रखने की जिम्मेदारी दी गई थी। तकनीकी निगरानी और मुखबिर तंत्र के जरिए उसकी आवाजाही पर लगातार नजर रखी जा रही थी।सोमवार रात मिली सूचना को पूरी तरह सत्यापित करने के बाद एसटीएफ ने स्थानीय पुलिस के साथ संयुक्त अभियान चलाया। अधिकारियों का कहना है कि यदि आरोपी आत्मसमर्पण कर देता तो मुठभेड़ की नौबत नहीं आती, लेकिन उसने पुलिस टीम पर सीधे फायरिंग कर दी।
पुलिस पर की ताबड़तोड़ फायरिंग
मुठभेड़ के दौरान आरोपी ने पुलिस को निशाना बनाते हुए कई राउंड फायरिंग की। अचानक हुई गोलीबारी से इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।पुलिस ने पहले आरोपी को आत्मसमर्पण करने की चेतावनी दी, लेकिन उसने फायरिंग जारी रखी। इसके बाद पुलिस ने जवाबी कार्रवाई की।गोलीबारी में आरोपी गंभीर रूप से घायल हो गया, जबकि एक पुलिसकर्मी को भी चोट आई। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि घायल जवान का इलाज कराया गया और उसकी स्थिति खतरे से बाहर है।
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दहशत का पर्याय बन चुका था आरोपी
आजमगढ़ और आसपास के जिलों में मुस्तफिजुल रहमान का नाम लंबे समय से अपराध जगत में सक्रिय अपराधियों की सूची में शामिल था। स्थानीय लोगों के अनुसार उसका नाम कई संगीन घटनाओं में सामने आ चुका था।उसके खिलाफ हत्या, जानलेवा हमला और अन्य गंभीर मामलों में मुकदमे दर्ज थे। पुलिस रिकॉर्ड में उसे शातिर और बेहद खतरनाक अपराधी माना जाता था।इसी कारण पुलिस उसके खिलाफ विशेष अभियान चला रही थी।
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आजमगढ़ पुलिस के लिए बड़ी सफलता
मुस्तफिजुल रहमान की मौत को आजमगढ़ पुलिस के लिए बड़ी सफलता माना जा रहा है। कलामुद्दीन खान हत्याकांड में आरोपी की लंबे समय से तलाश की जा रही थी।पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आरोपी की गिरफ्तारी या उसके खिलाफ कार्रवाई इस बहुचर्चित मामले की जांच के लिहाज से महत्वपूर्ण थी।हालांकि मामले में शामिल अन्य आरोपियों और सहयोगियों के खिलाफ कार्रवाई जारी रहेगी।
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एक लाख का घोषित था इनाम
बसपा नेता की हत्या के मामले में लगातार फरार रहने और गिरफ्तारी से बचने के कारण पुलिस ने उस पर पहले इनाम घोषित किया था। बाद में उसकी गिरफ्तारी के लिए इनामी राशि बढ़ाकर एक लाख रुपये कर दी गई।इनाम घोषित होने के बाद भी आरोपी अपना ठिकाना बदलता रहा। वह अलग-अलग राज्यों में छिपकर रह रहा था और लगातार पुलिस से बचने की कोशिश कर रहा था।
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अपराधों की लंबी सूची
पुलिस के अनुसार मुस्तफिजुल रहमान के खिलाफ दर्ज प्रमुख मामलों में शामिल हैं-हत्या-हत्या का प्रयास-आपराधिक षड्यंत्र-धमकी-चोरी*पुलिस हिरासत से फरार होना-अन्य गंभीर आपराधिक मामले-इन सभी मामलों को मिलाकर उसके खिलाफ दस से अधिक मुकदमे दर्ज थे।
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फॉरेंसिक और कानूनी प्रक्रिया जारी
मुठभेड़ के बाद पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण कराया। फॉरेंसिक टीम ने मौके से साक्ष्य एकत्र किए हैं।बरामद हथियारों और कारतूसों को जांच के लिए भेजा गया है। मृतक के शव का पंचनामा भरने के बाद पोस्टमार्टम कराया जाएगा।मुठभेड़ की पूरी घटना की नियमानुसार मजिस्ट्रियल जांच और अन्य कानूनी प्रक्रियाएं भी पूरी की जाएंगी।
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क्षेत्र में बढ़ाई गई सुरक्षा
मुठभेड़ के बाद गोरखपु के खोराबार क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई। पुलिस ने आसपास के इलाकों में गश्त तेज कर दी ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति से बचा जा सके।वरिष्ठ अधिकारी पूरी घटना की निगरानी करते रहे और पुलिस टीम को आवश्यक दिशा-निर्देश देते रहे।
कानून व्यवस्था पर पुलिस का संदेश
उत्तर प्रदेश पुलिस लगातार यह संदेश दे रही है कि गंभीर अपराधों में वांछित अपराधियों के खिलाफ अभियान जारी रहेगा। पुलिस का कहना है कि अपराधियों की गिरफ्तारी प्राथमिकता है और यदि कोई पुलिस पर हमला करता है तो कानून के दायरे में रहकर जवाबी कार्रवाई की जाएगी।



