Azamgarh news :जिला ओटीडी (वन ट्रिलियन डॉलर) सेल की प्रथम त्रैमासिक बैठक सम्पन्न

जिला ओटीडी (वन ट्रिलियन डॉलर) सेल की प्रथम त्रैमासिक बैठक सम्पन्न

स्वरोजगार एवं उद्यमिता योजनाओं के माध्यम से अधिकाधिक युवाओं को ऋण उपलब्ध कराएं – जिलाधिकारी

आजमगढ़ ब्यूरो चीफ राकेश श्रीवास्तव

 

जिलाधिकारी रविन्द्र कुमार की अध्यक्षता में शुक्रवार को कलेक्ट्रेट सभागार में जिला ओटीडी (वन ट्रिलियन डॉलर) सेल की प्रथम त्रैमासिक बैठक आयोजित की गई। बैठक में जनपद की अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ बनाने, सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) में वृद्धि तथा विभिन्न विभागों के निर्धारित लक्ष्यों एवं प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई।

बैठक को संबोधित करते हुए जिलाधिकारी ने कहा कि उत्तर प्रदेश को एक ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था बनाने के लक्ष्य की प्राप्ति में जनपदों की महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक विभाग अपने-अपने क्षेत्र में निर्धारित लक्ष्यों के अनुरूप कार्य करते हुए उत्पादन, रोजगार, निवेश एवं सेवाओं में वृद्धि सुनिश्चित करे, जिससे जनपद की जीडीपी में निरंतर बढ़ोतरी हो सके।

समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने जिला गन्ना अधिकारी को निर्देशित किया कि गन्ना उत्पादन के क्षेत्रफल एवं उत्पादकता में वृद्धि के लिए किसानों को आधुनिक तकनीकों से जोड़ते हुए प्रभावी कार्ययोजना तैयार करें। उन्होंने कहा कि अधिक उत्पादन से किसानों की आय बढ़ेगी और कृषि क्षेत्र की आर्थिक गतिविधियों को भी गति मिलेगी।

श्रम विभाग की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने कारखाना अधिनियम, 1948 के अंतर्गत नए पंजीकृत कारखानों की स्थिति की जानकारी प्राप्त की। उन्होंने निर्देश दिया कि ऐसे सभी उत्पादन स्थलों का सर्वेक्षण कराया जाए, जहां 12 या उससे अधिक श्रमिक कार्यरत हैं। ऐसे प्रतिष्ठानों को नियमानुसार कारखाने के रूप में पंजीकृत कराया जाए, जिससे श्रमिकों को विधिक संरक्षण एवं अन्य सुविधाओं का लाभ मिल सके तथा औद्योगिक गतिविधियों का समुचित अभिलेखीकरण सुनिश्चित हो।

उद्योग विभाग की समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने कहा कि जनपद में औद्योगिक विकास को गति देने के लिए संचालित विभिन्न योजनाओं का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए। उन्होंने मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान के अंतर्गत अधिकाधिक पात्र युवाओं से आवेदन प्राप्त कराते हुए उन्हें समयबद्ध रूप से ऋण उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। साथ ही उद्योगों की स्थापना, विस्तार एवं रोजगार सृजन को प्राथमिकता देने पर बल दिया।

परिवहन विभाग की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने पंजीकृत वाणिज्यिक वाहनों की संख्या बढ़ाने तथा निजी बसों को जारी किए गए परमिटों की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने विभाग को लक्ष्य के अनुरूप कार्यवाही करते हुए परिवहन क्षेत्र की आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देने के निर्देश दिए।

बैठक में लीड बैंक मैनेजर (एलडीएम) को निर्देशित करते हुए जिलाधिकारी ने कहा कि बैंक स्तर पर लंबित ऋण आवेदनों का शीघ्र निस्तारण किया जाए तथा अधिकाधिक पात्र लाभार्थियों को विभिन्न स्वरोजगार योजनाओं के अंतर्गत ऋण उपलब्ध कराया जाए। उन्होंने बैंकवार लक्ष्य निर्धारित कर माइक्रो प्लान तैयार करने तथा उसकी नियमित समीक्षा करने के निर्देश दिए।

जिलाधिकारी ने कहा कि मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान, एक जनपद एक उत्पाद (ओडीओपी) वित्तपोषण सहायता योजना, मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना, प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना, मुख्यमंत्री ग्रामोद्योग रोजगार योजना सहित अन्य स्वरोजगार योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि बैंकों के माध्यम से सेल्फ एम्प्लॉयमेंट योजनाओं को व्यापक स्तर पर बढ़ावा दिया जाए, जिससे अधिक से अधिक युवाओं को रोजगार एवं स्वरोजगार के अवसर प्राप्त हो सकें।

उन्होंने सभी संबंधित विभागों को निर्देश दिए कि विभागीय लक्ष्यों की नियमित समीक्षा करते हुए आपसी समन्वय के साथ कार्य करें तथा प्रत्येक तिमाही में निर्धारित प्रगति सुनिश्चित करें। साथ ही योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के माध्यम से जनपद की अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ बनाने में अपनी सक्रिय एवं उत्तरदायी भूमिका निभाएं।

बैठक में मुख्य विकास अधिकारी राकेश कुमार पटेल, अपर जिलाधिकारी (वि./रा.) गम्भीर सिंह, मुख्य राजस्व अधिकारी संजीव ओझा, जिला विकास अधिकारी संजय कुमार सिंह, मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. एन.आर. वर्मा, डीसी मनरेगा राम उदरेज यादव, डीसी एनआरएलएम डॉ. अराधना त्रिपाठी, परियोजना निदेशक सच्चिदानंद, लीड बैंक मैनेजर अभिषेक द्विवेदी, जिला गन्ना अधिकारी, जिला उद्योग प्रोत्साहन एवं उद्यमिता विकास केंद्र के अधिकारी, श्रम विभाग, परिवहन विभाग सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

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