Azamgarh News:जैवलिन थ्रो में गोल्ड जीतकर लौटे आनंद सिंह का ननिहाल में भव्य स्वागत,

आजमगढ़ बलरामपुर/पटवध से बबलू राय

चीन में गूंजा आजमगढ़ का नाम: जैवलिन थ्रो में गोल्ड जीतकर लौटे आनंद सिंह का ननिहाल में भव्य स्वागत, भारत माता के जयकारों से गूंजा गांव

आजमगढ़। चीन में आयोजित एशियन अंडर-23 जैवलिन थ्रो चैंपियनशिप 2026 में स्वर्ण पदक जीतकर देश का गौरव बढ़ाने वाले आजमगढ़ के होनहार खिलाड़ी आनंद सिंह का जनपद आगमन पर जगह-जगह भव्य स्वागत किया जा रहा है। रविवार को उनका पहला आगमन सगड़ी तहसील के भटौली इब्राहिमपुर स्थित अपने ननिहाल में हुआ, जहां ग्रामीणों ने पूरे उत्साह और पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ उनका अभिनंदन किया।

आनंद सिंह ने अपने शानदार प्रदर्शन से अंडर-23 वर्ग की जैवलिन थ्रो प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक जीतकर न केवल आजमगढ़ बल्कि पूरे उत्तर प्रदेश और भारत का नाम अंतरराष्ट्रीय स्तर पर रोशन किया है। उनकी इस ऐतिहासिक उपलब्धि ने जिले के युवाओं में नई ऊर्जा और आत्मविश्वास का संचार किया है।

ननिहाल पहुंचने पर चंद्रशेखर सिंह एवं गोपाल सिंह के आवास पर आयोजित सम्मान समारोह में आनंद सिंह का आरती, चंदन, वैदिक मंत्रोच्चार, पुष्प वर्षा और माल्यार्पण के साथ जोरदार स्वागत किया गया। पूरे गांव में उत्सव जैसा माहौल रहा और लोगों ने भारत माता के जयकारों के बीच अपने लाल का अभिनंदन किया।

इस अवसर पर आनंद सिंह ने कहा कि यह स्वर्ण पदक उनके माता-पिता, परिवार, कोच और वरिष्ठों के मार्गदर्शन का परिणाम है। उन्होंने कहा कि मेहनत, अनुशासन और निरंतर अभ्यास से हर लक्ष्य हासिल किया जा सकता है। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे कठिन परिश्रम और दृढ़ संकल्प के साथ अपने सपनों को पूरा करने का प्रयास करें।

सम्मान समारोह के बाद आनंद सिंह ने रजादेपुर मठ पहुंचकर मठाधीश शिवसागर भारती का आशीर्वाद लिया। मठाधीश ने उन्हें स्वर्ण पदक जीतने पर बधाई देते हुए उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं और कहा कि आनंद सिंह की सफलता पूरे पूर्वांचल के युवाओं के लिए प्रेरणा है।

इस अवसर पर नरेंद्र सिंह, जोगेंद्र सिंह, अधिवक्ता मनोज प्रभाकर सिंह, उपेंद्र सिंह, सुरेंद्र सिंह, बलवंत सिंह, सुजीत सिंह, बबलू गोड, भाजपा मंडल अध्यक्ष मनोज श्रीवास्तव, चाणक्य न्यूज़ इंडिया लाइव टीवी के मंडल ब्यूरो चीफ भास्कर सिंह (रिंकू सिंह), विक्रम सिंह (लाली सिंह), गोपाल सिंह, आलोक सिंह, मुकेश सिंह, हरेंद्र सिंह, सत्यसेन पांडे, उमा सिंह, हेमंत सिंह, गौतम रंगवा सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।

आनंद सिंह की इस ऐतिहासिक उपलब्धि ने यह साबित कर दिया है कि छोटे गांवों से निकलने वाली प्रतिभाएं भी अपने हौसले और मेहनत के दम पर विश्व मंच पर तिरंगा बुलंद कर सकती हैं। आज उनका स्वर्ण पदक केवल एक खिलाड़ी की जीत नहीं, बल्कि पूरे देश के युवाओं के लिए यह संदेश है कि मेहनत, लगन और आत्मविश्वास से हर सपना सच किया जा सकता है।

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