Azamgarh News:आजमगढ़ में हिस्ट्रीशीटर अशरफ जुमा मोहम्मदपुर फेटी सहित सात शस्त्र लाइसेंस निरस्त,हर्ष फायरिंग और आपराधिक मामलों पर कार्रवाई

आजमगढ़ बलरामपुर /पटवध से बबलू राय
आजमगढ़, 20 सितंबर:लोक सुरक्षा और लोकशांति के दृष्टिगत जिलाधिकारी न्यायालय ने भारतीय शस्त्र अधिनियम, 1959 की धारा 17(3) के तहत सात शस्त्र लाइसेंस निरस्त कर दिए हैं। ये आदेश 15 सितंबर 2026 को विभिन्न मामलों में पारित किए गए। एक अन्य मामले में लाइसेंसधारी की मृत्यु हो जाने के कारण लाइसेंस को स्वतः समाप्त मानते हुए कार्यवाही समाप्त कर दी गई।जिला प्रशासन के अनुसार, कार्रवाई पुलिस आख्या, संबंधित व्यक्तियों के आपराधिक इतिहास, शस्त्र एवं कारतूस के उपयोग तथा अन्य अभिलेखों के परीक्षण के बाद की गई।
मो. आरिफ के दो लाइसेंस निरस्त
थाना गंभीरपुर क्षेत्र के ग्राम कमरावों निवासी मो. आरिफ के राइफल और रिवॉल्वर के दो शस्त्र लाइसेंस निरस्त किए गए। पुलिस अभिलेखों में उनके विरुद्ध वर्ष 2012 और 2018 के कई मुकदमों का उल्लेख है। इनमें पॉक्सो एक्ट से संबंधित एक मामला भी शामिल है, जो विशेष न्यायालय पॉक्सो में विचाराधीन बताया गया है।पुलिस आख्या में शस्त्र खरीदने के बाद कुल 150 कारतूस खरीदे जाने और तीन कारतूस शेष होने का उल्लेख किया गया। हर्ष फायरिंग तथा शस्त्र लाइसेंस की शर्तों के उल्लंघन को आधार बनाते हुए दोनों लाइसेंस निरस्त किए गए।
मनजीत उर्फ रंजीत सिंह का राइफल लाइसेंस रद्द
थाना कोतवाली क्षेत्र के पुरा जोधी निवासी मनजीत उर्फ रंजीत सिंह का एनपीबी राइफल का लाइसेंस निरस्त किया गया। उनके विरुद्ध लखनऊ के जानकीपुरम थाने में वर्ष 2020 में धारा 307 आईपीसी और आयुध अधिनियम की धारा 30 के तहत मुकदमा दर्ज होने का उल्लेख है। पुलिस के अनुसार संबंधित राइफल 30 मई 2020 से थाना जानकीपुरम में जमा है।
मो. फैसल का लाइसेंस भी निरस्त
थाना महराजगंज क्षेत्र के सिकन्दरपुर निवासी मो. फैसल का एनपीबी राइफल लाइसेंस निरस्त किया गया। उनके विरुद्ध वर्ष 2018 और 2022 में हत्या के प्रयास समेत विभिन्न धाराओं में कई मुकदमे दर्ज होने का उल्लेख आदेश में किया गया है। पुलिस आख्या में लाइसेंसी शस्त्र से संबंधित फायरिंग और कारतूसों के उपयोग का भी उल्लेख है।
अशरफ जुमा का डीबीबीएल गन लाइसेंस रद्द
थाना बरदह क्षेत्र के मोहम्मदपुर फेटी निवासी अशरफ जुमा/जमो का डीबीबीएल गन लाइसेंस निरस्त किया गया। पुलिस अभिलेखों के अनुसार उनके विरुद्ध 1994 से 2020 तक कई आपराधिक मामले दर्ज हैं। इनमें हत्या के प्रयास, लूट, आयुध अधिनियम और गैंगस्टर एक्ट से संबंधित मामले भी शामिल हैं। पुलिस आख्या में उन्हें इतिहासशीटर के रूप में दर्ज किए जाने का उल्लेख किया गया है।
जिलेदार यादव का एसबीबीएल गन लाइसेंस निरस्त
थाना निजामाबाद क्षेत्र के बैसर संसारपुर निवासी जिलेदार यादव का एसबीबीएल गन लाइसेंस भी निरस्त कर दिया गया। उनके विरुद्ध वर्ष 2025 में भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज हुआ था, जिसमें पुलिस द्वारा आरोप-पत्र न्यायालय भेजे जाने की जानकारी दी गई है।पुलिस आख्या के अनुसार वर्ष 2003 से 2025 के बीच उनके द्वारा कुल 125 कारतूस खरीदे गए, जिनमें 17 कारतूस शेष बताए गए। न्यायालय ने आपराधिक मामले तथा शस्त्र-कारतूस से संबंधित अभिलेखों का परीक्षण करने के बाद लाइसेंस निरस्त करने का आदेश दिया।
थाना फूलपुर क्षेत्र के विशेसा निवासी असहद उर्फ चुन्नू शेख के रिवॉल्वर लाइसेंस से संबंधित कार्यवाही भी आदेश में शामिल थी। उनके विरुद्ध वर्ष 2016 में विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज होने का उल्लेख है। हालांकि जांच के दौरान उनकी 4 सितंबर 2024 को मृत्यु की पुष्टि हुई। इसके बाद जिलाधिकारी न्यायालय ने लाइसेंस को स्वतः समाप्त मानते हुए कार्यवाही समाप्त कर दी और लाइसेंस पंजिका में इसे निरस्त अंकित करने तथा भविष्य में नवीनीकरण नहीं करने के निर्देश दिए।जिलाधिकारी न्यायालय के आदेशों के अनुपालन में संबंधित लाइसेंसों के संबंध में लाइसेंस पंजिका में आवश्यक प्रविष्टियां करने और संबंधित शस्त्र कार्यालय व पुलिस अधिकारियों को आगे की कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। प्रशासन ने कहा है कि शस्त्र लाइसेंस के दुरुपयोग, आपराधिक गतिविधियों में संलिप्तता तथा लोक सुरक्षा एवं लोकशांति से जुड़े मामलों में नियमानुसार कार्रवाई जारी रहेगी।



