आजमगढ़:नम आंखों से दी गई भावपूर्ण श्रद्धांजलि, यूपी के बहुचर्चित उमेश पाल हत्याकांड में शहीद हुए गनर संदीप निषाद

रिपोर्ट:सुमित उपाध्याय

अहरौला/आजमगढ़:अहिरौला थाना क्षेत्र के विस ईपुर गांव में आज संदीप निषाद के परिजन एवं ग्रामीणों ने प्रशासन व क्षेत्र के सम्मानित लोगों के साथ मिलकर प्रथम पुण्यतिथि मनाया बताते चले कि आज उमेश पाल हत्याकांड में शहीद हुए गनर संदीप निषाद को शहीद हुवे 1 वर्ष पूर्ण हो गया जिसको याद कर उनके माता-पिता की आंखें और ग्रामिणो सहित वहां पर उपस्थित सभी लोगों की आंखें नम हो गई और नम आंखों से लोगों ने संदीप की प्रतिमा पर फूल माला अर्पित करके दीप दिखाकर उन्हें भावपूर्ण श्रद्धांजलि दिया । इस मौके पर अहिरौला थाने से श्री प्रकाश मिश्रा उप निरीक्षक व कांस्टेबल आलोक कुमार के द्वारा सलामी दी गई । इस मौके पर संदीप निषाद के दोस्तों ने बताया उद्देश्य विहीन , महत्वहीन लंबा जीवन जीने से अच्छा है कि एक उद्देश्य पूर्ण , महत्वपूर्ण छोटा जीवन जिया जाए ताकि हमेशा अमर होकर लोगों के दिलों में जिंदा रहे क्योंकि शाहिद कभी मरता नहीं वह अमर हो जाता है इस मौके पर सहित गनर संदीप निषाद के भाई से बातचीत की गई तो उन्होंने बताया कि सरकार के वादे केवल वादे ही रह गए हैं जबकि वास्तविकता यह है कि हमें अभी तक कुछ हासिल नहीं हुआ है संदीप निषाद के भाई का कहना है कि मेरे भाई संदीप की पत्नी पिछले 20 मार्च 2023 के बाद से आज तक कभी भी ना हम लोगों से मिलने आई है ना कभी फोन के माध्यम से हम लोगों की हाल-चाल पूछा संदीप के भाई का यह भी कहना है कि सरकार के आला अधिकारियों का यह भी कहना है कि संदीप के नाम से हम लोग शहीद पार्क भी बनवाएंगे आप लोग को आवास भी मिलेगा और हम लोगों के द्वारा दो नौकरी की भी मांग की गई थी जिस पर सरकार ने अभी कोई भी उचित कार्रवाई नहीं की गई है इस विषय में संदीप के भाई ने बताया कि पहले तो आवास के नाम पर मेरे पिता को कई महीनो तक लगातार सरकारी दफ्तरों का चक्कर लगवाया गया लेकिन उसके बाद उनसे बताया गया कि आपके पास आवास है इसलिए आपको आवास नहीं मिलेगा अगर आप चाहते हैं तो आपको गायों को रखने के लिए एक पशु सैड की व्यवस्था कर दी जाएगी जिस पर शहीद के पिता का कहना था कि यह आवास जिसमें हम रह रहे हैं वह हमारे चाचा का है जिन्होंने हमें बदहाली की वजह से रहने के लिए दिया हुआ है जबकि मेरा घर गांव में अभी भी वैसे कच्चा और खस्ता हालात में पड़ा हुआ है आज भी संदीप निषाद की माता पिता व परिजनों का रो-रो कर बुरा हाल है।

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