झूठ फैलाने वालों में सच सुनने का साहस नहीं, विश्वास की राजनीति पर लगी जनता की मुहर:पीएम मोदी
Those who spread lies do not have the courage to hear the truth, the people's seal on the politics of trust: PM Modi
नई दिल्ली, 3 जुलाई। राज्यसभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर लाए गए धन्यवाद प्रस्ताव पर बोलते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि देश में तीसरी बार एनडीए की सरकार बनना ऐतिहासिक है। स्वतंत्र भारत के इतिहास और संसदीय यात्रा में कई दशकों के बाद ऐसा हुआ है कि जनता ने लगातार तीसरी बार किसी सरकार को जनादेश दिया है।पीएम मोदी ने कहा, 60 साल के बाद ऐसा हुआ है कि सरकार 10 साल तक सत्ता में रहने के बाद वापस लौटी है। मैं समझता हूं कि यह कोई सामान्य बात नहीं है। कुछ लोगों ने जानबूझकर जनता द्वारा दिए गए इस फैसले को ब्लैकआउट करने की कोशिश की। हमारे देश के लोगों ने हमें अपनी अर्थव्यवस्था को वैश्विक स्तर पर 5वें से तीसरे स्थान पर लाने का जनादेश दिया है, और मुझे पूरा विश्वास है कि हम भारत की अर्थव्यवस्था को दुनिया में शीर्ष 3 में पहुंचा कर रहेंगे।उन्होंने कहा कि इन चुनावों में हम देश की जनता की बुद्धिमता पर गर्व महसूस करते हैं। उन्होंने दुष्प्रचार को पराजित किया। उन्होंने प्रदर्शन को प्राथमिकता दी। उन्होंने छल की राजनीति को खारिज किया और विश्वास की राजनीति पर विजय की मुहर लगाई। अगले पांच साल बुनियादी सुविधाओं की संतृप्ति सुनिश्चित करने और गरीबी के खिलाफ लड़ाई के लिए है। यह देश अगले पांच वर्षों में गरीबी के खिलाफ विजयी होगा और मैं यह पिछले दस वर्षों के अनुभव के आधार पर कह रहा हूं। जब भारत दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन जाएगा, तो इसका प्रभाव जीवन के हर क्षेत्र पर होगा।पीएम मोदी ने कहा कि पहले हमारे देश में छोटे किसानों को किसान क्रेडिट कार्ड योजना के माध्यम से ऋण प्राप्त करने में बड़ी कठिनाई का सामना करना पड़ता था, और बहुत कम किसानों तक इसकी पहुंच होती थी। आज हमारी नीतियों के कारण, संख्या में काफी वृद्धि हुई है। हमने किसानों को एक व्यापक भूमिका में देखा है, और किसान क्रेडिट कार्ड के विस्तार और किसानों, पशुपालकों और मछुआरों को इसके लाभों के माध्यम से हमने उनके जीवन को सुविधाजनक बनाया है, इससे कृषि क्षेत्र मजबूत हुआ है और उनके काम के लिए मजबूत समर्थन प्रदान किया गया है।विपक्ष पर हमला बोलते हुए पीएम मोदी ने कहा कि देश देख रहा है कि झूठ फैलाने वालों में सच सुनने का भी साहस नहीं है। उनमें सच का सामना करने और इतनी चर्चा के बाद उठाए गए सवालों का जवाब देने का साहस नहीं है। वे उच्च सदन की महान परंपरा का अपमान कर रहे हैं। देश की जनता ने उन्हें हर तरह से हरा दिया है, उनके पास सड़कों पर नारे लगाने, हंगामा करने और मैदान छोड़कर भाग जाने के अलावा कुछ नहीं बचा है।



