SDM ज्योति मौर्य और आशिक मनीष दुबे की नौकरी गई,जांच रिपोर्ट में पाए गए दोषी,मामले में अब तक का सबसे बड़ा खुलासा

ज्योति मौर्य केस में महोबा के होमगार्ड जिला कमांडेंट मनीष दुबे के प्रेम कहानी अब पर्सनल नहीं रह गई है। दोनों की मोहब्बत की चर्चा शहर के हर गली में हो रही है।ये मामला चर्चा में तब आया जब ज्योति मौर्य के पति आलोक का वीडियो सामने आया, जिसके उसने रो रोकर अपनी दर्द भरी दास्तां सुनाई थी। वहीं, आलोक ने यह भी आरोप लगाया था कि दोनों मिलकर मेरी हत्या करना चाहते हैं। वहीं, अब खबर आ रही है कि ज्योति मौर्य और मनीष दुबे के खिलाफ चल रही जांच कार्रवाई पूरी हो चुकी है, जिसमें दोनों दोषी पाए गए हैं। कहा जा रहा है कि दोनों को निलंबित किया जा सकता है। दोनों के निलंबन के लिए सिफारिश की गई है।मिली जानकारी के अनुसार मनीष दुबे को लेकर डीआईजी होमगार्ड संतोष सिंह ने अपनी जांच रिपोर्ट डीजी होमगार्ड बीके मौर्य को सौंप दी है। जांच में मनीष दुबे के 3 मामलों का जिक्र करते हुए विभाग की छवि को धूमिल करने का दोषी पाया गया है। जांच रिपोर्ट के आधार पर मनीष दुबे के निलंबन की सिफारिश कर दी गई है। जांच रिपोर्ट अब शासन को भेजी जाएगी जिसके बाद मनीष दुबे पर कार्रवाई तय होगी। हालांकि अभी तक ज्योति मौर्य को सस्पेंड किए जाने की कोई जानकारी नहीं मिली है।Mahoba Home Guard District Commandant Manish Dubey’s love story in the Jyoti Maurya case is no longer personal. The matter came to light when the video of Jyoti Maurya’s husband Alok came out, in which he cried and told his painful story. Alok had also alleged that they wanted to kill me together. Meanwhile, there are now reports that the ongoing investigation against Jyoti Maurya and Manish Dubey has been completed, in which both have been found guilty. That being said, both could be suspended. Both have been recommended for suspension.According to information received, DIG Home Guard Santosh Singh has submitted his investigation report on Manish Dubey to DG Home Guard BK Maurya. The investigation has found Manish Dubey guilty of tarnishing the image of the department by referring to three cases. Based on the investigation report, the suspension of Manish Dubey has been recommended. The investigation report will now be sent to the government after which action will be taken against Manish Dubey. However, there is no information about Jyoti Maurya’s suspension.
मनीष दुबे का एक और महिला के साथ संबंध!
बताया गया कि जांच में मनीष दुबे के तीन मामलों का जिक्र किया गया है। पहला एसडीएम ज्योति मौर्य के साथ उनके संबंध और जिसकी वजह से विभाग की धूमिल हुई छवि है। दूसरा मामला अमरोहा जिले का है। बताया जा रहा है कि मनीष दुबे के खिलाफ अमरोहा में एक महिला होमगार्ड ने भी आरोप लगाया था। कमांडेंट मनीष दुबे अकेले में उसे मिलने के लिए बुलाते हैं और जब महिला होमगार्ड मिलने नहीं गई तो उसकी ड्यूटी पर रोक लगा दी गई। महिला होम गार्ड ने इस मामले की शिकायत डीजी होम से भी की थी।
जांच में दोषर पाए गए मनीष दुबे
जांच रिपोर्ट में तीसरी शिकायत में मनीष दुबे की पत्नी का भी जिक्र किया गया है, जिसमें मनीष दुबे की पत्नी ने जांच के दौरान लिखित बयान देकर आरोप लगाया कि शादी के बाद मनीष दुबे अब उससे 80 लाख रुपए दहेज मांग रहे हैं। बता दें कि इस मामले में जांच के दौरान पहले एसडीएम ज्योति मौर्य को तलब किया गया तो उन्होंने कोई भी बयान देने से इनकार किया। लेकिन बाद में डीआईजी होमगार्ड संतोष सिंह को लिखित बयान देते हुए कहा कि उनके पति आलोक मौर्य से उनका विवाद चल रहा है, जिसकी उन्होंने प्रयागराज के धूमनगंज थाने में एफआईआर दर्ज करवा दी है। मामला कोर्ट में लंबित है। उनको जो कुछ कहना होगा कोर्ट में कहेंगी।
ज्योति मौर्य ने बयान देने से किया इनकार
वहीं, दूसरी तरफ मनीष दुबे की पत्नी ने भी शुरुआत में अपना निजी मामला बताकर कुछ भी बयान देने से इनकार किया लेकिन बाद में मनीष दुबे की पत्नी की तरफ से भी दो पेज का लिखित बयान डीआईजी संतोष सिंह को दिया गया, जिसमें मनीष दुबे की पत्नी ने शादी के बाद दहेज मांगने का आरोप लगाया । अब शासन जांच रिपोर्ट के आधार पर मनीष दुबे पर कार्रवाई तय करेगा। लेकिन माना जा रहा है कि शासन मनीष दुबे को निलंबित कर विभागीय कार्रवाई के आदेश देगा।
ये है पूरा मामला
दरअसल, मनीष दुबे का नाम आलोक मौर्य ने अपनी पत्नी एसडीएम ज्योति मौर्य (SDM Jyoti Maurya) के साथ जोड़ा है। आलोक का कहना है कि एसडीएम बनते ही ज्योति ने उन्हें छोड़ दिया और मनीष दुबे के साथ रिलेशन में आ गईं। आलोक का आरोप है कि उसने ज्योति को पढ़ाने में मदद की, लेकिन जब ज्योति बड़ी अफसर बन गई तो वह उससे अलग हो गई।इस मुद्दे पर हाल ही में मनीष दुबे (Manish Dubey) ने भी अपनी बात रखी थी। उन्होंने कहा कि अगर मैं और ज्योति आम व्यक्ति होते तो इस केस पर जरूर बोलते। लेकिन जिस पद पर मैं हूं, कैमरे के सामने कुछ भी बोल नहीं सकता। इस केस के कारण ज्योति के साथ-साथ मेरा भी जीना मुहाल हो गया है। हम दोनों का तो कुर्सी पर बैठना ही गुनाह हो गया है। उन्होंने कहा, ”मैं सॉफ्टवेयर इंजीनियर था, अच्छी नौकरी कर रहा था। लेकिन अब लगता है कि पता नहीं कहां आकर फंस गया हूं। ‘आलोक कह रहा कि उसने ज्योति को पढ़ाया है। लोग भी यही कह रहे हैं, जबकि पढ़ाने-लिखाने का मतलब होता है बचपन से पढ़ाया-लिखाया जाए, जिस पोस्ट पर हम बैठे हैं, क्या सच में कोई हमें बना सकता है?”मनीष दुबे ने आगे कहा कि ”जो शख्स ज्योति को पढ़ाने-लिखाने का दावा कर रहा है, वो ये तक नहीं बता सकता कि कितने पेपर होते हैं। मुझे हैरानी होती है कि इस चीज को इतना क्यों बढ़ाया जा रहा है। ये तो किसी का पर्सनल मामला है। मैं खुद इस बारे में कोई बात नहीं करना चाहता. लेकिन इतना जरूर कहना चाहता हूं कि इससे हमारी प्रोफेशनल लाइफ खराब हो रही है। हमारे इस मामले में कुछ भी बोलने से समस्या सुलझेगी नहीं। बल्कि और उलझ जाएगी।In fact, Manish Dubey’s name has been linked by Alok Maurya to his wife SDM Jyoti Maurya. Alok says Jyoti left him as soon as he became SDM and got into a relationship with Manish Dubey. Alok alleged that he helped Jyoti to study, but when Jyoti became a senior officer, she broke up with him.Manish Dubey (Manish Dubey) also spoke on this issue recently. “If Jyoti and I were ordinary persons, we would have spoken on this case. But in the position I’m in, I can’t say anything in front of the camera. This case has made it impossible for me to live along with Jyoti. We’ve both been guilty of sitting in the chair. He said, ”I was a software engineer, doing a good job. But now I feel like I’m stuck. ‘Alok is saying he has taught Jyoti. People are saying the same, while teaching means being taught from childhood, can anyone really make us in the post we are sitting on?” Manish Dubey added, “The person who He who claims to teach cannot even tell how many papers there are. It makes me wonder why this thing is being extended so much. This is someone’s personal matter. I don’t want to talk about it myself. But I must say that it is ruining our professional life. Nothing we say in this case will solve the problem. Instead, it will become more convoluted.

