यूपी में 2017 के बाद एमबीबीएस की सीटों में 108 और पीजी की सीटों में 181 फीसद का इजाफा
After 2017, there has been an increase of 108 percent in MBBS seats and 181 percent in PG seats in UP

लखनऊ:। उत्तर प्रदेश योगी आदित्यनाथ की अगुआई में भाजपी की सरकार में मेडिकल कॉलेजों की संख्या में अभूतपूर्व बढ़ोतरी हुई है।
इस समय प्रदेश में 78 मेडिकल कॉलेज संचालित हैं, जबकि वर्ष 2017 में इनकी संख्या महज 39 थी। इसी तरह प्रदेश में पिछले साढ़े सात वर्षों में एमबीबीएस की सीटों में 108 प्रतिशत और पीजी की सीटों में 181 प्रतिशत का इजाफा हुआ है।
मेडिकल एजुकेशन एंड ट्रेनिंग उत्तर प्रदेश की महानिदेशक किंजल सिंह के मुताबिक राज्य में 2017 से अब तक बड़े पैमाने पर मेडिकल कॉलेज की संख्या में वृद्धि हुई है। योगी सरकार बनने से पहले 2017 में प्रदेश में 39 मेडिकल कॉलेज संचालित थे। इनमें से 14 सरकारी मेडिकल कॉलेज और 25 प्राइवेट मेडिकल कॉलेज थे। 2017 में योगी आदित्यनाथ के सत्ता संभालने के बाद साढ़े सात वर्षों में प्रदेश में कुल मेडिकल कॉलेजों की संख्या बढ़कर 78 हो गई है। इनमें 43 सरकारी और 35 प्राइवेट हैं।
राज्य में 2017 के बाद एमबीबीएस की सीटों में 108 प्रतिशत और पीजी की सीटों में 181 प्रतिशत की बढ़ोत्तरी हुई है। वर्ष 2017 में राज्य में एमबीबीएस की कुल 5,390 सीटें थीं। इनमें से 1,840 सीटें सरकारी और 3550 प्राइवेट थीं, लेकिन वर्ष 2024 आते-आते यह आंकड़ा लगभग दोगुना होकर 11,200 सीटों तक पहुंच चुका है। इनमें एमबीबीएस की कुल 5150 सरकारी सीटें और 6050 प्राइवेट सीटें शामिल हैं।
इसी तरह स्नातकोत्तर में सीटों की बात करें तो वर्ष 17 में केवल 1,344 सीटें ही थीं, जिनमें 741 सीटें सरकारी और 603 प्राइवेट थीं। योगी सरकार के आने के बाद 2024 स्नातकोत्तर सीटों की संख्या बढ़कर 3,781 हो गई है। इनमें 1,759 सीटें सरकारी कॉलेजों में 2022 सीटें निजी कॉलेजों में हैं।
इसके अलावा डीजीएमई किंजल सिंह ने बताया कि 2024 में राज्य में 12 स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय संचालित हैं। ये महाविद्यालय बिजनौर, कुशीनगर, सुल्तानपुर, गोंडा, ललितपुर, लखीमपुर खीरी, चंदौली, बुलंदशहर, पीलीभीत, औरैया, कानपुर देहात और कौशांबी में चल रहे हैं। इनमें 15 प्रतिशत सीटों पर ऑल इंडिया कोटा के तहत काउंसलिंग की प्रक्रिया चल रही है। इन कॉलेजों की बाकी बची 85 फीसद सीटों पर राज्य स्तरीय यूजी नीट प्रथम चक्र की काउंसलिंग से एडमिशन प्रक्रिया पूरी की जाएगी। साथ ही विभाग ने सोनभद्र के मेडिकल कॉलेज को मान्यता देने के लिए भी केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री से अपील की है।
उन्होंने बताया कि अमेठी में स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय का निर्माण भी किया जा रहा है, जो जल्दी ही पूरा कर लिया जाएगा। अगले साल 2025-26 में केंद्र सरकार से इसकी 100 सीटों की लेटर ऑफ परमिशन लेने के लिए एनएमसी, नई दिल्ली के पोर्टल पर आवेदन किया जाएगा। साथ ही मऊ में कल्पनाथ राय इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज का निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है। यह कॉलेज पीपीपी मॉडल के तहत बनाया जा रहा है। इसके लेटर ऑफ परमिशन के लिए भी अगले साल ही आवेदन किया जाएगा।
वायबिलिटी गैप फंडिंग (वीजीएफ) स्कीम के तहत बागपत, हाथरस और कासगंज में मेडिकल कॉलेज की स्थापना के लिए जल्द ही कैबिनेट के समक्ष प्रस्ताव रखा जाएगा। ये कॉलेज भी पीपीपी पर बनाए जाएंगे।



