सीएम धामी ने की शहीदों के परिवारों के लिए सहायता राश‍ि 50 लाख रुपये करने की घोषणा

CM Dhami announced assistance of Rs 50 lakh for the families of the martyrs

पौड़ी गढ़वाल। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गुरुवार को राज्य के शहीद सैनिकों के परिवारों के लिए वित्तीय सहायता राशि बढ़ाकर 50 लाख रुपये करने की घोषणा की है।

 

सीएम धामी ने यह ऐलान उत्तराखंड के पौड़ी गढ़वाल स्थित लैंसडाउन छावनी में आयोजित ‘सैनिकों के साथ दीपावली मिलन’ कार्यक्रम के दौरान कही।

जय बद्री विशाल और भारत माता की जय के अभिवादन के साथ शुरुआत करते हुए सीएम धामी ने सैनिकों के साथ उत्सव का हिस्सा बनने पर गर्व व्यक्त किया।

उन्होंने गढ़वाल राइफल्स रेजिमेंट के पांच सैनिकों के बलिदान को भी श्रद्धांजलि दी, जो जुलाई में जम्मू के कठुआ क्षेत्र में भारी हथियारों से लैस आतंकवादियों द्वारा घात लगाकर किए गए हमले में शहीद हो गए थे।

सीएम धामी ने जॉली ग्रांट हवाई अड्डे पर शहीदों के पार्थिव शरीर प्राप्त करने के अपने अनुभव को याद करते हुए कहा, “हाल ही में मैंने जम्मू-कश्मीर में उस स्थान का दौरा किया, जहां उत्तराखंड के इन पांच बहादुर सैनिकों ने अपने प्राणों की आहुति दी थी। मुझे लगा कि परिवारों के लिए 10 लाख रुपये का मुआवजा अपर्याप्त है। इसलिए हमने अपने राज्य के उन सैनिकों के परिवारों के लिए प्रावधान को बढ़ाकर 50 लाख रुपये कर दिया है, जो सेवा के दौरान अपनी जान गंवाते हैं।”

सीएम धामी ने दिवाली की शुभकामनाएं देते हुए कहा, “कई लोगों के लिए दीपावली परिवार से जुड़ी होती है, लेकिन घर से दूर रहने वाले सैनिकों के लिए यह कर्तव्य का प्रतीक है। हम अपनी दीपावाली मनाने और सुरक्षा की भावना का श्रेय अपने बहादुर सैनिकों को देते हैं, जो दिन-रात हमारी सीमाओं की रक्षा करते हैं।”

सीएम धामी ने कहा कि, “यह दीपावली विशेष रूप से महत्वपूर्ण है, क्योंकि हम 500 साल बाद भगवान राम की घर वापसी का जश्न मना रहे हैं। मेरा मानना ​​है कि हमारे सैनिकों द्वारा संभाली गई हर चौकी एक पूजा स्थल है, अपने आप में एक मंदिर है।”

एक सैन्य परिवार से आने वाले सीएम धामी ने बताया कि उनके पिता की सैन्य पृष्ठभूमि ने उनके जीवन में अनुशासन और सेवा के प्रति प्रतिबद्धता को गहराई से प्रभावित किया।

उन्होंने जसवंत सिंह की विरासत को नमन करते हुए कहा कि, “मेरे पिता अक्सर 4 गढ़वाल राइफल्स के महावीर चक्र विजेता जसवंत सिंह के बारे में बात करते थे, जिन्होंने अकेले ही 72 घंटों तक चीनी सेना को रोके रखा था। वह हम सभी के लिए प्रेरणास्रोत हैं। आज शहीद स्मारक पर जाकर मुझे गढ़वाल रेजिमेंट के वीर सैनिकों की याद आ गई।”

सीएम धामी ने कहा कि, “प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत की सेना किसी भी खतरे का मजबूती से जवाब देने में सक्षम है। अब हमारी सेना पीछे नहीं हटती, वे निर्णायक रूप से जवाब देती है। सर्जिकल स्ट्राइक इसका प्रमाण है और यह हमारे बहादुर सैनिकों की वजह से ही है कि पाकिस्तान जैसे देश सीमा पर गड़बड़ी करने से पहले दो बार सोचते हैं।”

Related Articles

Back to top button