मलेरिया,डेंगू के रोकथाम के लिये फैमिली हैल्थ इंडिया ,एंबेड परियोजना व्दारा दो दिवसीय कार्यशाला का आयोजन
Two day workshop organized by Family Health India, Embed project for prevention of Malaria, Dengue

हिंद एकता टाइम्स भिवंडी
रवि तिवारी
भिवंडी – ठाणे शहर में दिनांक २७ और २८ दिसंबर २०२४ को सार्वजनिक आरोग्य विभाग, महाराष्ट्र और गोदरेज कंज्यूमर प्रोडेक्ट लिमिटेड के सहयोग से संचालित एंबेड परियोजना “फैमिली हेल्थ इंडिया की दो दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस कार्यशाला का उद्घाटन माननीय अतिरिक्त आयुक्त संदीप मालवी (ठा.म.पा.), के माननीय उठ. आयुक्त श्री उमेश बिरारे (ठा.म.पा.), डॉ. महेंद्र जगताप राज्य कीटक विज्ञानी, डॉ. चेतना वैद्यकीय आरोग्य अधिकारी, डॉ. स्मिताली हुमरास्कर, उप वैद्यकीय आरोग्य अधिकारी, डॉ. संतोषी शिंदे, जिला मलेरिया अधिकारी डॉ. प्रतिभा पानपाटील, मेडिकल ऑफिसर (साथरोग) , डॉ. बित्रा जॉर्ज, Technical Advisor – FH INDIA, सोम कुमार शर्मा Associate Director of FH India, डॉ. नेहा वाघ – CHRI, एवं परियोजना केभईसक समन्वयक आकाश व्यास द्वारा दीप प्रज्वलन के साथ किया गया।इस आयोजन में गोदरेज – एंबेड परियोजना के तहत महाराष्ट्र के 6 जिलों के 75 कार्यकर्ता और सामुदायिक सहयोगी उपस्थित थे।कार्यशाला में प्रमुख रूप से मलेरिया और डेंगू से संबंधित जागरूकता पर ध्यान केंद्रित किया गया। प्रशिक्षक के रूप में डॉ. महेंद्र जगताप, डॉ. नेहा वाघ और डॉ. अमोल मानकर एवं डॉ. बित्रा जॉर्ज ने मलेरिया और डेंगू के लक्षण, इलाज और बचाव के उपायों पर विस्तार से जानकारी दी।इस कार्यशाला में गोदरेज – एंबेड परियोजना द्वारा मलेरिया और डेंगू के नियंत्रण के लिए कई महत्वपूर्ण गतिविधियों पर जोर दिया गया। राज्य कीट विज्ञानी डॉ. महेंद्र जगताप के मार्गदर्शन में यह परियोजना घर-घर भ्रमण करने, मच्छरों के लार्वा की पहचान और नष्ट करने, बुखार के मामलों में शीघ्र जांच कराने और मच्छरदानी का उपयोग करने जैसी गतिविधियाँ संचालित कर रही है। इसके अलावा, बच्चों को स्कूलों में मलेरिया और डेंगू के प्रति जागरूक करने की योजना बनाई गई है। कार्यकर्ताओं को यह भी सिखाया गया कि वे कैसे मच्छरों के लार्वा की पहचान कर सकते हैं और उसे खत्म करने के लिए परिवारों को प्रेरित कर सकते हैं। इस कार्यशाला का एक महत्वपूर्ण पहलू वॉलेंटियर मॉडल को पूरे राज्य में लागू करना था, ताकि मलेरिया और डेंगू प्रभावित क्षेत्रों में केस आधारित गतिविधियाँ सुनिश्चित की जा सकें। स्वास्थ्य विभाग और अन्य संबंधित अधिकारियों के साथ मिलकर मलेरिया नियंत्रण और डेंगू रोकथाम के कार्यों पर चर्चा की गई और नवाचारों के माध्यम से बेहतर कार्यप्रणाली को विकसित करने पर बल दिया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य था कि समुदाय स्वयं इन बीमारियों से निपटने में सक्षम हो, और सामूहिक प्रयासों से मलेरिया और डेंगू की रोकथाम में सफलता प्राप्त की जा सके।


