मकर संक्रांति के दिन बन रहा है दुर्लभ भौम पुष्प योग होगा शुभ फलदायक – आचार्य अजय शुक्ल, 

14 जनवरी को मकर संक्रांति ,इस दिन से हो जाएंगे शुभ कार्य शुरू। 

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विनय मिश्र ,जिला संवाददाता

 

सलेमपुर, देवरिया। साल में पड़ने वाले 12 संक्रांतियों में मकर संक्रांति सबसे महत्वपूर्ण संक्रांति है।यह पर्व भारत में बड़े ही श्रद्धा व उल्लास के साथ मनाया जाता है। इस वर्ष मकर संक्रांति 14 जनवरी को पड़ रहा है, इस दिन सूर्य धनु राशि से मकर राशि में प्रवेश करते हैं। इसे सूर्य देव का उत्तरायण भी कहा जाता है,इसके साथ ही खरमास भी समाप्त हो जाता है और शुभ कार्य शुरू हो जाते हैं।उक्त बातें बताते हुए आचार्य अजय शुक्ल ने कहा कि इस मकर संक्रांति को 19 साल बाद दुर्लभ भौम पुष्प योग भी बन रहा है, ज्योतिष शास्त्र में भौम पुष्प योग को अत्यंत शुभ फलदायक माना जाता है, इस दिन किए गए कार्यो में निश्चित सफलता प्राप्त होता है।हिन्दू पंचांग के अनुसार मकर संक्रांति पर महा पुण्यकाल की शुरुआत सुबह 9 बजकर 3 मिनट पर होगी।वहीं इसकी समाप्ति सुबह 10 बजकर 48 मिनट पर होगी।इसके साथ ही पूण्य काल सुबह 9 बजकर 3 मिनट से शाम 5 बजकर 46 मिनट तक रहेगा।इसके अलावा ब्रम्ह मुहूर्त सुबह 5 बजकर 27 मिनट से 6 बजकर 21 मिनट तक रहेगा।इस दिन लोग गंगा ,यमुना, सरयू,नर्वदा,सहित पवित्र नदियों व सरोवर में स्नान करने के बाद सूर्य देव को अर्घ्य देकर दान पुण्य जैसे शुभ कार्य करते हैं।इस वर्ष प्रयागराज में महाकुंभ का आयोजन किया गया है।इस दिन गुड़, तिल का दान करना सबसे शुभ माना जाता है, वहीं खिचडी ,मूंग की दाल को दान करना भी शुभ फलदायक होता है।जाड़े के दिन होने के कारण निर्धन लोंगो व जरूरतमंद लोगों को गर्म वस्त्र भी वितरण करना चाहिए।

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