राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के तहत दो दिवसीय कृषक गोष्ठी का आयोजन। 

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विनय मिश्र, जिला संवाददाता।

 

देवरिया‌ ,राजकीय पौधशाला, भुजौली, देवरिया में राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के तहत दो दिवसीय कृषक गोष्ठी का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि जिला पंचायत देवरिया के अध्यक्ष पंडित गिरीश चंद तिवारी थे।

गोष्ठी में जिला उद्यान अधिकारी श्री रामसिंह ने विभागीय योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि जनपद देवरिया को राज्य औद्यानिक मिशन योजना में चयनित किया गया है, जिसके तहत वित्तीय वर्ष 2025-26 से कार्यक्रमों का संचालन प्रारंभ होगा। उन्होंने जैविक खेती, उर्वरकों और दवाओं के संतुलित उपयोग और औद्यानिक फसलों की खेती पर जोर दिया। उन्होंने किसानों को सिघाड़ा, ड्रैगन फ्रूट, स्ट्रॉबेरी, गुलाब, गेंदा, मशरूम उत्पादन, और वर्मी कम्पोस्ट जैसे फायदेमंद कार्यक्रम अपनाने के लिए प्रेरित किया।

कार्यक्रम का संचालन साहित्यकार सौदागर सिंह ने किया। कृषि विज्ञान केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. मान्धाता सिंह ने आम, अमरूद, केला, पपीता, स्ट्रॉबेरी और ड्रैगन फ्रूट की खेती में नवीनतम तकनीकों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि ड्रिप सिस्टम के साथ स्ट्रॉबेरी की खेती एक एकड़ में 7-8 लाख रुपये की आमदनी दे सकती है। डॉ. रजनीश श्रीवास्तव ने ड्रैगन फ्रूट की खेती के लंबे समय तक लाभदायक होने की जानकारी दी।

एन.एच.आर.डी.एफ. के प्रभारी डॉ. विनोद सिंह ने प्याज और लहसुन की खेती से होने वाले लाभ और उनकी खेती की उन्नत तकनीकों की जानकारी दी। मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी ने पशुपालन के साथ कृषि को जोड़कर अधिक आय प्राप्त करने और पशुओं की देखभाल व टीकाकरण की आवश्यकता पर बल दिया।

गोष्ठी में प्रगतिशील कृषक करूणेश मौर्या ने ताइवान पिंक अमरूद की खेती के लाभ और अपने अनुभव साझा किए। बी.आर.डी.पी.जी. कॉलेज के प्रोफेसर डॉ. सत्येंद्र सिंह ने फूलों की खेती जैसे गेंदा और गुलाब पर जानकारी प्रदान की।

कार्यक्रम में भूमि संरक्षण अधिकारी, अपर कृषि अधिकारी, जी.एम.डी.आई.सी. प्रतिनिधि, और आरसेटी के निदेशक राकेश कुमार ने विभागीय योजनाओं और बैंकिंग से संबंधित जानकारी दी। अंत में जिला उद्यान अधिकारी श्री राम सिंह ने सभी अतिथियों, अधिकारियों, किसानों का आभार व्यक्त करते हुए गोष्ठी का समापन किया। इस गोष्ठी में बड़ी संख्या में प्रगतिशील किसान, अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहे।

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