विद्युत मजदूर पंचायत की हुई आपातकालीन बैठक, मामले की उच्च स्तरीय जांच कराने की मांग

 

रिपोर्ट अशरफ संजरी

गाजीपुर। विद्युत मजदूर पंचायत के पदाधिकारियों ने संगठन भवन लाल दरवाजा बैठक किया जिसमें संगठन ने 2 मार्च 2025 को मृतक संविदा कर्मी देवेंद्र राय उर्फ मुन्ना राय के विद्युत पोल पर काम करते समय हुए आकस्मिक मौत पर श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए पूरे प्रकरण की उच्च स्तरीय जांच कराने की मांग किया है। मंडल अध्यक्ष अरविंद श्रीवास्तव ने बताया कि अकुशल संविदा कर्मी अवधेश पाल से करीमुद्दीनपुर उप केंद्र पर उपकेंद्र परिचालक का कार्य लिया जा रहा था। कुशल संविदा कर्मी का काम अकुशल संविदा कर्मी अवधेश पाल से उपकेंद्र परिचालक का काम क्यों लिया जा रहा था? जबकि अकुशल संविदा कर्मी को उपकेंद्र परिचालक के संबंध में कोई जानकारी नहीं होती है। यह काम कुशल संविदा कर्मी ही संपादित कर सकता है। अनट्रेंड संविदा कर्मी से उपकेंद्र परिचालक का काम लिया जा रहा था इसी कारण यह घटना घटी है।वही मृतक संविदा कर्मी देवेंद्र राय उर्फ मुन्ना राय भी अकुशल संविदा कर्मी थे, पोल पर चढ़कर लाइन बनाने का काम कुशल संविदा कर्मी का होता है तो किन परिस्थिति में श्री उपेंद्र राय उर्फ मुन्ना राय को शटडाउन देकर पोल पर चढ़ाकर उनकी जान ली गई। संगठन ने पूरे घटना की उच्च स्तरीय जांच कराए जाने की मांग की एवं दोषी अभियंताओं के विरुद्ध कड़ी से कड़ी कार्रवाई किए जाने की मांग की है जिससे भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति ना हो पाए एवं साथ ही साथ मृतक संविदा कर्मी के परिवार को विभाग से मिलने वाला 10 लाख मुआवजा, पत्नी को पेंशन एवं आश्रित को नौकरी दिए जाने की मांग किया है।वहीं घटना पर उपस्थित प्रत्यक्ष दर्शियों ने आरोप लगाया है कि मृतक संविदा कर्मी देवेंद्र राय उर्फ मुन्ना राय बिना सुरक्षा उपकरण के शटडाउन लेकर लाइन बनाने चढ़े थे तभी पता नहीं कैसे अचानक लाइन आ गई औ देवेंद्र राय को मौत के आगोश में ले लिया। विभागीय सूत्रों की माने तो एमडी पावर कॉरपोरेशन लखनऊ का स्पष्ट आदेश है कि यदि विद्युत दुर्घटना में कोई दुर्घटना होती है तो अधिशासी अभियंता का पूर्ण उत्तरदायित्व माना जाएगा।

Related Articles

Back to top button