निजीकरण के विरोध में विद्युतकर्मियों का प्रदर्शन
अधीक्षण अभियंता कार्यालय पर विरोध प्रदर्शन कर निजीकरण के खिलाफ बुलंद की आवाज

भदोही। निजीकरण के विरोध में विद्युतकर्मियों ने मंगलवार को दोपहर दो बजे से शाम पांच बजे तक
अधीक्षण अभियंता कार्यालय के बाहर विरोध प्रदर्शन किया। बिजली कर्मचारियों ने निजीकरण के खिलाफ आवाज बुलंद की। कर्मचारियों ने नारेबाजी की और धरना दिया।
इस दौरान राज्य विद्युत परिषद जूनियर इंजीनियर संगठन के क्षेत्रीय सचिव इं.अभिषेक प्रजापति ने कहा कि निजीकरण का फैसला वापस होने तक आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि उपभोक्ताओं को कोई परेशानी नहीं होगी। यह आंदोलन पिछले 6 महीने से चल रहा है। उन्होंने बताया कि जहां विद्युत का निजीकरण हुआ है, वहां बिजली दरें काफी बढ़ गई हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि निजीकरण से यहां के उपभोक्ताओं पर भी आर्थिक बोझ बढ़ेगा। ऐसे में निजीकरण का फैसला वापस लिया जाए। जिससे उपभोक्ताओं और कर्मचारियों दोनों के हित सुरक्षित रह सके। संघर्ष समिति के संयोजक इं.धीरेंद्र प्रताप कौशल ने प्रबंधन की तुलना अंग्रेजी शासन से की। उन्होंने कहा कि अगर प्रबंधन अपनी नीतियां नहीं बदलेगा तो उन्हें पद छोड़ना पड़ेगा। इं.विनोद प्रजापति ने कहा कि निजीकरण न तो उपभोक्ताओं के हित में है और न ही विभाग के ही हित में है।
इस मौके पर इं.प्रमोद चौहान, कुंवर ज्योति प्रकाश, ईश्वर शरण सिंह, सुजीत पटेल, रविंद्र प्रताप यादव, रविंद्र पाल, मनोज यादव, प्रताप भार्गव, मनीष सिंह, शैलेंद्र मौर्य, सत्यप्रकाश, ब्रह्मदत्त पटेल, ओमप्रकाश, उदयभान पाल, दिनेश मौर्य आदि कर्मचारी प्रमुख रूप से मौजूद रहें।



