Deoria news, श्रीमद्भागवत में जड़ भारत की कथा का श्रद्धालुओं को कराया रसपान

श्रीमद् भागवत में जड़ भरत की कथा का श्रद्धालुओं को कराया रसपान।
देवरिया।
बरहज नगर क्षेत्र के पचौहा में चल रहे श्रीमद्भागवत के दौरान वाराणसी से पधारे आर्चाय नितीश, त्रिपाठी ने, श्रद्धालुओं को कथा का रसपानकरते हुए कहा कि
राजा परीक्षित को कथा सुनाते हुए सुखदेव जी महाराज ने कहा कि जड़ भरत जी को एक हिरण के बच्चे से प्रेम हो गया था क्योंकि उसका लालन पालन भरत ने ही किया था
निरंतर हिरण का बच्चा जड़ भरत के साथ रहता था एक दिन वह पूजा कर रहे थे इसी बीच हिरनो का एक झुड आया, और जड़ भरत के आश्रम में पल रहा हिरण का बच्चा भी झुंड के साथ हो लिया पूजा पाठ से उठने पर जड़ भरत हिरण के बच्चे को ढूंढने लगे कहीं पता नहीं चला उस हिरण के वियोग में मैं जड़ भरत का शरीर छूट गया जीवन अंतिम समय में हिरण का चिंतन करते हुए जड़ भरत का प्राण छुटा था इसलिए उन्हें पुनर्जन्म लेना पड़ा पूर्व का ज्ञान हिरण की शरीर में रहते हुए भी जड़ भरत को था।
कथा के इस अवसर पर मुख्य यजमान बनबीर सिहं श्रीमति सुरसती सिंह धनंजय कुमार सिंह, सोनू सिंह, रामप्रताप सिंह, रत्नेश सिंह, कृष्ण मुरारी उर्फ मोनू सिंह, वशिष्ठ मिश्रा, आलोक सिंह, श्रीनेत रंजन सिंह ,मोनू सिंह, समीर सिंह, उदय प्रताप सिंह उर्फ डिंपू सिंह, योगेंद्र सिंह, मुरलीधर सिंह, श्रीमती प्रिया, गुड्डी सिंह, प्रियंका सिंह ,मनोरमा सिंह, सरिता सिंह, नीता सिंह, गिरिजा देवी, रितु ,जूही सिंह, रेखा सिंह, सीमा सिंह एवं ध्रुवधर द्भिवेदी, श्याम जी मिश्रा, ओम प्रकाश चौरसिया, उदय पाल, विद्यासागर मिश्र, रविन्द पाल एवं समस्त ग्रामवासी उपस्थित रहे।

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