Azamgarh News: आजमगढ़ में 15–16 दिसंबर को होगी शीतकालीन सारस गणना

आजमगढ़ बलरामपुर से बबलू राय
आजमगढ़ वन विभाग द्वारा आगामी 15 और 16 दिसंबर को राज्य पक्षी सारस की शीतकालीन गणना कराई जाएगी। गणना अभियान को सफल बनाने के लिए वन विभाग ने तैयारियां तेज कर दी हैं। इसके लिए प्रत्येक रेंज से कर्मचारियों की ड्यूटी निर्धारित की जा रही है तथा सभी आवश्यक व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दिया जा रहा है। वन विभाग वन्यजीव संरक्षण को लेकर विशेष सतर्कता बरत रहा है और राज्य पक्षी सारस की सुरक्षा एवं संरक्षण इसके प्रमुख लक्ष्यों में शामिल है। इसी क्रम में हर वर्ष दो बार ग्रीष्मकालीन एवं शीतकालीन—सारस गणना की जाती है। इस बार भी दो दिनों तक निर्धारित स्थल पर सुबह-शाम गणना की जाएगी।
गणना प्रातः 7:00 से 9:00 बजे तक तथा सायं 3:00 से 5:00 बजे तक होगी। प्रत्येक गणना स्थल पर अक्षांश–देशांतर (GPS रीडिंग) अंकित करना अनिवार्य किया गया है। कर्मचारी दलदल, टापू तथा ऊंचे स्थानों से दूरबीन व कैमरे की सहायता से सारसों की संख्या दर्ज करेंगे और उनके फोटो भी लेंगे। गणना पूर्ण होने के बाद प्रत्येक कर्मचारी रिपोर्ट वन क्षेत्राधिकारी को सौंपेगा, जिसे आगे डीएफओ के माध्यम से लखनऊ स्थित मुख्यालय भेजा जाएगा। डीएफओ आकांक्षा जैन ने बताया कि शीतकालीन सारस गणना उत्तर प्रदेश में प्रतिवर्ष आयोजित होने वाली एक महत्वपूर्ण प्रक्रिया है, जिसका उद्देश्य राज्य पक्षी सारस की वास्तविक आबादी, उनके प्राकृतिक आवास और संरक्षण की स्थिति का आकलन करना है। उन्होंने बताया कि इस अभियान में वनकर्मियों के साथ विद्यार्थी और प्रकृति प्रेमी भी भाग लेते हैं, जिससे संरक्षण कार्यों को नया सहयोग मिलता है। जिले में कई स्थान सारस के प्रमुख आवास हैं, जिनमें बड़ैला ताल और ताल सलोना के दलदली क्षेत्र सबसे अधिक महत्वपूर्ण माने जाते हैं। डीएफओ ने कहा कि सारस गणना से वन विभाग को संरक्षण प्रयासों की प्रगति का आकलन करने और आवासों को सुरक्षित बनाए रखने में मदद मिलती है, जिससे जैव विविधता को बढ़ावा मिलता है।
वन विभाग ने अपील की है कि गणना के दौरान स्थानीय लोग सहयोग करें और सारस के आवासों के संरक्षण में अपनी सहभागिता सुनिश्चित करें।



