Jabalpur news:पतंग की डोर बनी मौत का फंदा: जबलपुर में चाइनीज मांझे से खतरा बढ़ा

मकरसंक्रांति की खुशियों पर चाइनीज मांझे का साया, जानलेवा बनती पतंगबाजी

मांझा- जबलपुर

जबलपुर:मकरसंक्रांति पर हमारे देश की बहुत पुरानी पतंग उड़ाने की परंपरा चली आ रही है लेकिन बदलते भारत के साथ उस परंपरा में ग्रहण लगता नजर आ रहा है क्योकि जिस देशी धागे और मंझे से पतंग उड़ाई जाती है उसकी जगह चायनीज धागा और मांझा ले रहा है जिससे पशु पक्षी की जान तो जा ही रही है बल्कि इंसानों के कान गला हाथ भी चाइनीज मांझा काट कर उनकी जान भी ले रहा है,आसमान से खूबसूरत नजर आने वाला यह है जबलपुर शहर जिसे संस्कारधानी के नाम से भी जाना जाता है और आसमान में रंग-बिरंगी पतंगों को देखकर आपको भी अपने बचपन के दिन याद आते होंगे आसमान में उड़ती रंग-बिरंगी पतंगें हमें बचपन की खुशियां लौटाती तो हैं परन्तु परेशानी ये है कि पतंग की वही डोर अब चाइनीज मांझे में बदल गई है जहां पर सूती धागे की जगह प्लास्टिक का धागा इस्तेमाल होने लगा है और इसका नतीजा यह है की ये खिलौना अब मौत की डोर बन गया है चाइनीज मांझा न सिर्फ इंसानों की जान ले रहा है बल्कि पक्षियों के लिए भी मौत बन रहा है इसलिए आज हमारी टीम ने चीनी मांझे और सूती के मांझे की ग्राउंड रिपोर्ट तैयार की है जहां हमारी टीम ने देखा कि किस तरह से बाजार में मिलने वाला कॉटन का मांझा और चीनी मांझे को आम आदमी कैसे समझ सकता है और क्यों यह खतरनाक है और क्या कहते है दुकानदार,जबलपुर में कई दुकानों पर चीनी मांझे की जानकारी जुटा तो किसी दुकानदार ने चाइनीस मांझा रखने से इनकार कर दिया लेकिन चोरी छुपे बाजार में यह बिक रहा है हमारी टीम ने एक पतंग व्यवसाय के पास जाकर सूती के मांझे की जांच की.इसके बाद उन बच्चों के पास भी पहुंची जो पतंग उड़ाते हैं बाजार में तो हमें चाइनीस मांझा नहीं मिला लेकिन बच्चों के पास जरूर चाइनीस मांझा था और वह उसी से पतंग उड़ा रहे थे और यह चाइनीस मांझा नायलॉन-सिंथेटिक धागे पर कांच और मेटल पाउडर की कोटिंग वाले चाइनीज से बने और पक्के होते हैं इससे बड़ी तेजी से दूसरों की पतंग भी कटती हैं, लेकिन ये जानलेवा भी हैं चाइनीज मांझा ब्लेड से भी तेज होता है ये प्लास्टिक से बना और मैटेलिक कोटिंग से तैयार होता है चाइनीज मांझा प्लास्टिक के धागे जैसा होता है इसे नायलॉन और मैटेलिक पाउडर से तैयार किया जाता है इसमें एल्युमिनियम ऑक्साइड और लेड मिलाते हैं और फिर मांझे पर कांच या लोहे के चूरे से धार भी लगाई जाती है जिससे ये बहुत खतरनाक हो जाता है चाइनीज मांझा खींचने पर टूटने की बजाय स्ट्रेच हो जाता है इसलिए पतंग का शौक रखने वाले अब ज्यादातर लोग इसी चाइनीज मांझा से पतंग उड़ाने का काम करते है पर कुछ लोग इसे जान लेवा समझते हुए इसका बहिष्कार भी करते नजर आते है,-इधर चाइनीस मंझे से लगातार हो रही घटनाओं को लेकर मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने भी इसमें स्वत संज्ञान लिया था हाई कोर्ट ने राज्य सरकार को निर्देश दिए थे कि चयनित माझा के निर्माण बिक्री भंडारण पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगाए जाएं हाई कोर्ट ने भी यह भी कहा कि इंदौर सहित 14 जिलों में प्रशासन की निगरानी और कार्यवाही की जाए इसके साथ ही सोशल मीडिया में भी चीनी मंझे को लेकर लोगों को जागरूक करने के हाईकोर्ट निर्देश दिए है जिसको लेकर राज्य सरकार ने चीनी मांझे को लेकर इंदौर देवास उज्जैन रतलाम नीमच मंदसौर आगर मालवा शाजापुर राजगढ़ झाबुआ अलीराजपुर खरगोन और बड़वानी जिलों में पूरी तरह से प्रतिबंध लगाया है इधर इस मंझे को लेकर जबलपुर पुलिस भी अलर्ट मोड पर है जहां पर चायनीज मंझे के प्रबंध को लेकर सीएसपी सोनू कुर्मी का कहना है कि ग्रामीण और शहरी क्षेत्र के तमाम थाना प्रभारी को निर्देश दिए गए हैं कि जहां पर चीनी मांझे की बिक्री हो रही है वहां कार्रवाई की जाए इसके साथ ही राजस्व विभाग के साथ मिलकर पुलिस की एक टीम संयुक्त रूप से चीनी मांझा बेचने वालों पर नजर बनाए हुए हैं,फाइनल-वीओ- हाल ही में इंदौर में पतंग उड़ाने के दौरान एक पुजारी का गला कट गया था जिसमें कि उसके 10 से अधिक टांके आए थे हाई कोर्ट ने मामले पर राज्य सरकार को निर्देश दिए हैं इसके बावजूद भी जिस तरह से धड़ल्ले से चोरी छिपे चीनी मांझे बिक रहे हैं वह कहीं ना कहीं कई बड़े सवाल दुकानदारों के साथ उन पतंग के शौकीनों पर भी खड़े करते नजर आ रहे है,

जबलपुर से वाजिद खान की रिपोर्ट

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button