Azamgarh News:सिंहपुर में प्रधान अखिलेश कुमार ने धूमधाम से मनाई संत शिरोमणि गुरु रविदास जयंती

Azamgarh News:Pradhan Akhilesh Kumar celebrated the birth anniversary of Sant Shiromani Guru Ravidas with great pomp in Singhpur".

सिंहपुर में प्रधान अखिलेश कुमार ने धूमधाम से मनाई संत शिरोमणि गुरु रविदास जयंती

आजमगढ़। जनपद के सिसवा गांव के ग्राम प्रधान अखिलेश कुमार के नेतृत्व में सिंहपुर में संत शिरोमणि गुरु रविदास (रैदास) जी की जयंती बड़े ही धूमधाम, हर्ष और उल्लास के साथ मनाई गई। इस अवसर पर हजारों समर्थकों की उपस्थिति में भव्य झांकी, डीजे, ढोल-नगाड़ों के साथ शोभायात्रा निकाली गई, जो क्षेत्र के विभिन्न मार्गों से होते हुए कार्यक्रम स्थल सिंहपुर पहुंची।कार्यक्रम के दौरान ग्राम सिसवा से संत शिरोमणि गुरु रविदास जी का भव्य रथ सजाकर डीजे व बाजे-गाजे के साथ सिंहपुर के मैदान में लाया गया। वहां संत रविदास जी के चित्र पर पुष्प अर्पित कर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्ज्वलन किया गया।प्रधान अखिलेश कुमार ने उपस्थित ग्रामीणों व श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए कहा कि संत शिरोमणि गुरु रविदास मध्यकालीन भारत के महान संत, कवि और समाज सुधारक थे। उन्होंने जाति-पाति के भेदभाव को मिटाकर मानवता, समानता और भाईचारे का संदेश दिया। उनके विचार आज भी समाज को नई दिशा देने का कार्य करते हैं।उन्होंने बताया कि संत रविदास जी का जन्म 14वीं–15वीं शताब्दी के बीच उत्तर प्रदेश के वाराणसी जनपद स्थित गोवर्धन गांव में माघ पूर्णिमा के दिन हुआ था। उनके पिता का नाम संतोख दास (रघ्घु) तथा माता का नाम कर्मा देवी (कलसा) था। वे निर्गुण भक्ति परंपरा के महान संत थे, जिनके पद और दोहे गुरु ग्रंथ साहिब सहित अनेक ग्रंथों में संकलित हैं। उनका प्रसिद्ध कथन “मन चंगा तो कठौती में गंगा” आज भी लोगों को सच्चाई और पवित्रता का मार्ग दिखाता है।कार्यक्रम में संत रविदास जी के जीवन और विचारों से प्रेरणा लेकर उनके बताए मार्ग पर चलने का संकल्प लिया गया। इस अवसर पर विभिन्न संगठनों द्वारा संयुक्त रूप से भव्य रैली निकाली गई। रैली में सैकड़ों की संख्या में लोग बाइक और अन्य वाहनों पर बहुजन समाज पार्टी के झंडे, बैनर लेकर शामिल हुए और “जय भीम, जय भारत” व “गुरु रविदास अमर रहें” के नारे लगाए।कार्यक्रम के दौरान एक दर्जन से अधिक लोगों को अंगवस्त्र भेंट कर सम्मानित किया गया। आयोजन में क्षेत्र के कई जनप्रतिनिधि, पदाधिकारी और बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे। संपूर्ण वातावरण भक्ति, सामाजिक एकता और उत्साह से सराबोर रहा।

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