भारत के साथ औपचारिक रिश्तों की ओर ऑर्थोडॉक्स ऑर्डर ऑफ़ माल्टा

हज़ार साल पुराने ऑर्थोडॉक्स ऑर्डर की भारत से डिप्लोमैटिक साझेदारी की पहल

नई दिल्ली / कॉन्स्टेंटिनोपल | 21 जनवरी 2026 सॉवरेन ऑर्डर मेलिटेंस ऑफ़ सेंट जॉन ऑफ़ जेरूसलम (ऑर्थोडॉक्स नाइट्स ऑफ़ माल्टा) ने भारत गणराज्य के साथ औपचारिक राजनयिक संबंध स्थापित करने की दिशा में पहल की है। इस संबंध में ऑर्डर के ग्रैंड प्रिये मेलिटेंस के गवर्नर जनरल, कैलेगरो साल्वो फ्रांसेस्को की ओर से भारत के विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर को आधिकारिक नोटा वर्बल और प्रस्ताव भेजा गया है।ऑर्डर ने भारत में एक डिप्लोमैटिक मिशन हेडक्वार्टर खोलने और द्विपक्षीय संबंधों की शुरुआत के लिए भारत सरकार से मान्यता (Accreditation) का अनुरोध किया है। प्रस्ताव में ऑर्डर ने स्वयं को अंतरराष्ट्रीय कानून के अंतर्गत एक सॉवरेन सब्जेक्ट बताते हुए अपने ऐतिहासिक, कानूनी और मानवीय कार्यों का उल्लेख किया है।इस अवसर पर श्री शर्मा शशि कुमार (जन्म: 14 अप्रैल 1962, रायबरेली, उत्तर प्रदेश; पासपोर्ट संख्या: IND Z8135846) को ऑर्डर का कॉरेस्पोंडेंट नियुक्त किया गया है। उन्हें सॉवरेन ऑर्डर मेलिटेंस के अंतरराष्ट्रीय और राजनयिक संबंधों को विकसित करने तथा अंतर-सरकारी संपर्क स्थापित करने का अधिकार प्रदान किया गया है।ऑर्डर के अनुसार, उसकी स्थापना वर्ष 1118 में सेंट जॉन ऑफ़ जेरूसलम के नाम पर हुई थी और इसका इतिहास एक हज़ार वर्षों से अधिक पुराना है। संगठन ने विभिन्न कालखंडों में मानवीय सहायता, स्वास्थ्य सेवाओं और विकास सहयोग के क्षेत्र में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कार्य किया है। ऑर्डर का कहना है कि वह बिना किसी राजनीतिक, धार्मिक या राष्ट्रीय भेदभाव के मानव कल्याण के लिए समर्पित है।प्रस्ताव में यह भी कहा गया है कि ऑर्थोडॉक्स ऑर्डर ऑफ़ माल्टा की अपनी सरकार, स्वतंत्र न्यायिक प्रणाली और संविधान है, तथा उसके कई देशों और अंतरराष्ट्रीय संगठनों के साथ राजनयिक संपर्क रहे हैं। ऑर्डर ने संयुक्त राष्ट्र चार्टर के उद्देश्यों और सिद्धांतों के प्रति अपनी प्रतिबद्धता भी दोहराई है।गवर्नर जनरल ने भारत सरकार से इस प्रस्ताव पर सकारात्मक विचार करने का अनुरोध करते हुए कहा कि भारत के साथ सहयोग से मानवीय सहायता, विकास परियोजनाओं और अंतरराष्ट्रीय सहयोग को नई दिशा मिल सकती है।ऑर्डर का मुख्यालय प्रशासनिक रूप से कॉन्गो (पॉइंट-नोइरे) और यूरोप के लिए इटली (एंज़ियो, रोम) में स्थित है और यह कॉन्स्टेंटिनोपल के पवित्र इक्यूमेनिकल पैट्रिआर्केट के निर्देशन में कार्य करता है।

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