Azamgarh news :सनबीम स्कूल के छात्रों को अपर पुलिस अधीक्षक यातायात ने साइबर अपराध के प्रति किया जगरूक

सनबीम स्कूल के छात्रों को अपर पुलिस अधीक्षक यातायात ने साइबर अपराध के प्रति किया जगरूक

आजमगढ़ ब्यूरो चीफ राकेश श्रीवास्तव
श्रीमान पुलिस महानिदेशक, उत्तर प्रदेश पुलिस के आदेशानुसार तथा वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक आजमगढ़ डॉ. अनिल कुमार के निर्देशन में एवं अपर पुलिस अधीक्षक यातायात / नोडल अधिकारी साइबर क्राइम श्री विवेक त्रिपाठी के कुशल पर्यवेक्षण में आज दिनांक- 04 फरवरी 2026 को सनवीम स्कूल, मुस्कुरा, जनपद आजमगढ़ में एक साइबर जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
उक्त कार्यक्रम में क्षेत्राधिकारी साइबर क्राइम श्रीमती आस्था जायसवाल, प्रभारी साइबर सेल सागर कुमार रंगू तथा मुख्य आरक्षी ओमप्रकाश जायसवाल द्वारा उपस्थित छात्र-छात्राओं को साइबर अपराधों के प्रति जागरूक किया गया एवं सुरक्षित तथा जिम्मेदार डिजिटल व्यवहार अपनाने हेतु प्रेरित किया गया।
कार्यक्रम के दौरान छात्र-छात्राओं को साइबर अपराधों के विभिन्न स्वरूपों जैसे ऑनलाइन ठगी, फर्जी कॉल/लिंक, सोशल मीडिया फ्रॉड, साइबर बुलिंग, ऑनलाइन गेमिंग फ्रॉड, जॉब फ्रॉड आदि के संबंध में विस्तार से जानकारी दी गई तथा उनसे बचाव के प्रभावी उपाय बताए गए।
संवादात्मक सत्र
कार्यक्रम के अंतर्गत क्षेत्राधिकार साइबर क्राइम श्रीमती आस्था जायसवाल द्वारा छात्र-छात्राओं के साथ संवादात्मक सत्र आयोजित किया गया, जिसमें साइबर सुरक्षा से संबंधित उनके प्रश्नों का सरल, स्पष्ट एवं व्यवहारिक उदाहरणों के माध्यम से समाधान किया गया। इस दौरान विशेष रूप से निम्न बिंदुओं पर मार्गदर्शन दिया गया— साइबर ठगी होने की स्थिति में तत्काल की जाने वाली कार्यवाही।
सोशल मीडिया पर अनजान व्यक्तियों से संपर्क व मित्रता के संभावित खतरे।
मोबाइल फोन गुम, चोरी अथवा हैक होने की स्थिति में सुरक्षा उपाय।
ऑनलाइन पढ़ाई एवं गेमिंग के दौरान व्यक्तिगत डाटा की गोपनीयता।
छात्रों एवं किशोरों के लिए जिम्मेदार इंटरनेट उपयोग एवं डिजिटल अनुशासन का महत्व।
डिजिटल अरेस्ट फ्रॉड पर विशेष जानकारी
छात्र-छात्राओं को अवगत कराया गया कि वर्तमान समय में साइबर अपराधी स्वयं को CBI, पुलिस, ED या अन्य सरकारी एजेंसियों का अधिकारी बताकर वीडियो कॉल अथवा फोन कॉल के माध्यम से डिजिटल अरेस्ट की धमकी देकर धन की मांग करते हैं, जबकि भारत में डिजिटल अरेस्ट जैसी कोई कानूनी प्रक्रिया अस्तित्व में नहीं है। ऐसे किसी भी कॉल की स्थिति में कॉल तुरंत काटने, किसी भी प्रकार की धनराशि न भेजने तथा तत्काल 1930 साइबर हेल्पलाइन या नजदीकी पुलिस थाने को सूचना देने की अपील की गई।
साइबर हेल्पलाइन एवं पोर्टल की जानकारी
कार्यक्रम के दौरान छात्र-छात्राओं को बताया गया कि साइबर अपराध की स्थिति में—राष्ट्रीय साइबर अपराध हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल कर तत्काल सहायता प्राप्त की जा सकती है।
राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल www.cybercrime.gov.in के माध्यम से ऑनलाइन शिकायत दर्ज की जा सकती है।
शिकायत के समय संबंधित साक्ष्य, स्क्रीनशॉट, कॉल विवरण एवं बैंक से संबंधित जानकारी सुरक्षित रखना आवश्यक है।
कार्यक्रम के अंत में छात्र-छात्राओं से अपील की गई कि वे स्वयं साइबर अपराधों के प्रति सतर्क रहें तथा अपने परिवार एवं समाज को भी साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक करें।

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