एमएमसीएच की बदहाल व्यवस्था पर भाकपा ने उपायुक्त को लिखा पत्र
CPI Writes to Deputy Commissioner Regarding the Deplorable State of Affairs at MMCH
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विशेष संवाददाता
मेदिनीनगर (पलामू): एकमात्र बड़े सरकारी अस्पताल एमएमसीएच की बदहाल स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी ने गंभीर चिंता जताई है। भाकपा के जिला सचिव रूचिर कुमार तिवारी ने अस्पताल का निरीक्षण करने के बाद पलामू उपायुक्त को पत्र लिखकर स्वास्थ्य व्यवस्था में व्याप्त लापरवाही, अव्यवस्था और भ्रष्टाचार पर कड़ी नाराजगी व्यक्त की है।
रूचिर तिवारी ने कहा कि एमएमसीएच पलामू जिले की आम जनता की लाइफ लाइन” है, लेकिन यहां की अव्यवस्था के कारण प्रतिदिन मरीजों की जान जोखिम में पड़ रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि अस्पताल में गंभीर मरीजों को समुचित इलाज नहीं मिल पा रहा है। उन्होंने पत्र में उल्लेख किया कि इमरजेंसी सेवा में रात के समय तीन डॉक्टरों की टीम तैनात रहनी चाहिए। उन्होंने कहा कि अस्पताल में यह व्यवस्था कभी लागू नहीं होती और अस्पताल अधीक्षक इस कमी को छुपाते हैं। भाकपा नेता ने कई डॉक्टर सरकारी अस्पताल की अपेक्षा निजी क्लीनिकों में व्यस्त रहते हैं जिसकी समुचित जांच जरूरी है। अस्पताल में आने वाले मरीजों को दलालों के माध्यम से निजी अस्पतालों में भेजा जाता है।
रूचिर तिवारी ने शिशु वार्ड की स्थिति पर भी सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि नवजात एवं बच्चों के इलाज के लिए बने वार्ड में 24 घंटे शिशु रोग विशेषज्ञ की तैनाती जरूरी है, लेकिन ऐसा नहीं हो रहा। इसी लापरवाही के कारण पूर्व में एक शिशु की मौत हुई थी और हाल ही में जच्चा-बच्चा दोनों की मौत ने पूरे जिले को झकझोर दिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि वे अस्पतालों की कई अनियमितताओं को छुपाने का प्रयास किया जाता है।
भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी, पलामू जिला परिषद ने उपायुक्त से मांग की है कि एमएमसीएच की स्वास्थ्य व्यवस्था में तत्काल सुधार किया जाए, सीनियर डॉक्टरों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित की जाए तथा रात में इमरजेंसी सेवा के लिए तीन डॉक्टरों की टीम की अनिवार्य तैनाती लागू की जाए।


