Azamgarh news :“अब कोई बच्चा टीकाकरण से न छूटे : सीएमओ डाॅ एन आर वर्मा”

“अब कोई बच्चा टीकाकरण से न छूटे : सीएमओ डाॅ एन आर वर्मा”

“शहरी मलिन बस्तियों, प्रवासी परिवारों और वंचित समुदायों पर रहेगा विशेष फोकस”

आजमगढ़ ब्यूरो चीफ राकेश श्रीवास्तव

जनपद में नियमित टीकाकरण से वंचित बच्चों एवं झिझक वाले परिवारों तक स्वास्थ्य सेवाओं की प्रभावी पहुंच सुनिश्चित करने के उद्देश्य से शनिवार को शहर के मध्य स्थित एक प्रतिष्ठित होटल के सभागार में मुख्य चिकित्साधिकारी डाॅ एन आर वर्मा की अध्यक्षता में जीरो डोज कार्यक्रम (फेज-2) हेतु जनपद स्तरीय उन्मुखीकरण कार्यक्रम का आयोजन किया गया जो देर शाम तक चला। कार्यक्रम एड्रा इंडिया के सहयोग से आयोजित हुआ, जिसमें स्वास्थ्य विभाग, यूनिसेफ एवं राज्य स्तरीय विशेषज्ञों ने सहभागिता की।

मुख्य चिकित्साधिकारी डाॅ एन आर वर्मा ने कहा कि “प्रत्येक बच्चे का सुरक्षित एवं स्वस्थ भविष्य सुनिश्चित करना स्वास्थ्य विभाग की प्राथमिक जिम्मेदारी है। कोई भी बच्चा केवल जानकारी के अभाव, भ्रांतियों या झिझक के कारण जीवनरक्षक टीकों से वंचित न रहे, इसके लिए विभाग पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रहा है।” उन्होंने सभी अधीक्षकों एवं प्रभारी चिकित्साधिकारियों को निर्देशित किया कि वे अपने क्षेत्रों में आशा, एएनएम एवं आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं के माध्यम से घर-घर संपर्क स्थापित कर वंचित एवं जीरो डोज बच्चों की पहचान सुनिश्चित करें।

जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डाॅ अब्दुल अजीज़ ने कार्यक्रम के दौरान जीरो डोज बच्चों की पहचान, माइक्रोप्लानिंग, सामुदायिक सहभागिता तथा झिझक वाले परिवारों को नियमित टीकाकरण से जोड़ने की रणनीतियों पर विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि टीकाकरण केवल एक स्वास्थ्य कार्यक्रम नहीं बल्कि बच्चों को गंभीर बीमारियों से सुरक्षित रखने का सबसे प्रभावी माध्यम है। उन्होंने फील्ड स्तर पर कार्यरत स्वास्थ्य कर्मियों से समुदाय में विश्वास निर्माण और नियमित फॉलोअप पर विशेष ध्यान देने की अपील की। वहीं एडिशनल सीएमओ डाॅ उमाशरण पांडेय द्वारा शहरी मलिन बस्तियों, प्रवासी परिवारों एवं वंचित समुदायों तक विशेष पहुंच सुनिश्चित करने पर बल दिया गया।

राज्य स्तर से आए विशेषज्ञ श्री विवेकानंद विश्वास ने जीरो डोज कार्यक्रम के इम्प्लीमेंटेशन प्लान, फील्ड मॉनिटरिंग, सामुदायिक सहभागिता एवं व्यवहार परिवर्तन संचार रणनीतियों पर विस्तृत प्रस्तुतीकरण दिया। उन्होंने कहा कि स्थानीय समुदाय, धार्मिक एवं सामाजिक प्रतिनिधियों की सहभागिता से टीकाकरण के प्रति झिझक को काफी हद तक दूर किया जा सकता है।

यूनिसेफ के डिविजनल हेल्थ कोऑर्डिनेटर एवं डिस्ट्रिक्ट कोऑर्डिनेटर द्वारा जनपद, ब्लॉक एवं समुदाय स्तर पर संचालित होने वाली गतिविधियों की जानकारी साझा करते हुए विभिन्न विभागों के समन्वय और सामुदायिक भागीदारी को कार्यक्रम की सफलता का महत्वपूर्ण आधार बताया गया।

अर्बन नोडल अधिकारी/ डिप्टी सीएमओ डाॅ अविनाश झा द्वारा शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में नियमित टीकाकरण की वर्तमान स्थिति, चुनौतियों एवं समाधान आधारित कार्ययोजना पर चर्चा की गई।

इस अवसर पर मुख्य चिकित्साधिकारी डाॅ एन आर वर्मा द्वारा कार्यक्रम से संबंधित IEC सामग्री का अनावरण भी किया गया। अधिकारियों ने बताया कि उक्त IEC सामग्री के माध्यम से समुदाय में टीकाकरण के प्रति जागरूकता बढ़ाने, भ्रांतियों को दूर करने तथा वंचित बच्चों की पहचान करने में सहायता मिलेगी।

कार्यक्रम में जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डाॅ अब्दुल अजीज़, एडिशनल सीएमओ डाॅ उमाशरण पांडेय,डिप्टी सीएमओ डाॅ आलेन्द्र कुमार , डाॅ अविनाश झा , डीसीपीएम विपिन बिहारी पाठक , अर्बन हेल्थ कोऑर्डिनेटर, जनपद के समस्त अधीक्षक एवं प्रभारी चिकित्साधिकारी सहित यूनिसेफ एवं एड्रा इंडिया के जिला प्रतिनिधि मनोज कुमार सोनकर सहित अन्य विभागीय अधिकारी एवं सहयोगी उपस्थित रहे।

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