Azamgarh News: कन्जरा दिलशादपुर बाजार में अवैध गैस रिफलिंग का भंडाफोड़, भारी मात्रा में घरेलू सिलेंडर व उपकरण बरामद

आजमगढ़ बलरामपुर/पटवध से बबलू राय
कन्जरा दिलशादपुर बाजार में अवैध गैस रिफलिंग का भंडाफोड़, भारी मात्रा में घरेलू सिलेंडर व उपकरण बरामद
आजमगढ़ जनपद में घरेलू गैस सिलेंडरों की कालाबाजारी और अवैध रिफलिंग के खिलाफ प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए कन्जरा दिलशादपुर बाजार में संचालित एक अवैध गैस रिफलिंग केंद्र का भंडाफोड़ किया है। जिलाधिकारी के निर्देश पर आपूर्ति विभाग की टीम द्वारा की गई छापेमारी में मौके से भारी मात्रा में घरेलू गैस सिलेंडर, गैस रिफलिंग उपकरण और अन्य सामग्री बरामद की गई। मामले में आरोपी के खिलाफ आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत थाना जीयनपुर में मुकदमा दर्ज कराया गया है।
जिला पूर्ति अधिकारी द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, आपूर्ति विभाग की टीम ने अजमतगढ़-नदवा सराय मुख्य मार्ग स्थित कन्जरा दिलशादपुर बाजार में छापेमारी की। जांच में पाया गया कि शिवकुमार पुत्र पतिराम द्वारा बनाए गए कटरे में सुरेन्द्र प्रताप पुत्र लिल्लू निवासी ग्राम छपरा सुल्तानपुर, थाना जीयनपुर अवैध रूप से गैस रिफलिंग का कारोबार संचालित कर रहा था।
टीम जब मौके पर पहुंची तो आरोपी सुरेन्द्र प्रताप एक 14.2 किलोग्राम के घरेलू गैस सिलेंडर से दूसरे खाली घरेलू सिलेंडर में गैस भरता हुआ पाया गया। पूछताछ के दौरान उसने स्वीकार किया कि वह चोरी और कालाबाजारी के जरिए आसपास से घरेलू गैस सिलेंडर जुटाता था तथा प्रत्येक सिलेंडर से एक से पांच किलोग्राम तक गैस निकालकर दूसरे खाली सिलेंडरों में भरकर ऊंची कीमतों पर बेचता था।
छापेमारी के दौरान दुकान में कुल 17 घरेलू गैस सिलेंडर तथा पांच किलोग्राम क्षमता का एक सिलेंडर बरामद किया गया। विभागीय टीम द्वारा सभी सिलेंडरों का वजन कराया गया, जिसमें कई सिलेंडर खाली तथा कई आंशिक रूप से भरे पाए गए। बरामद सिलेंडरों में इंडियन ऑयल, भारत पेट्रोलियम और हिन्दुस्तान पेट्रोलियम कंपनियों के घरेलू गैस सिलेंडर शामिल थे।
जांच के दौरान मौके से गैस रिफलिंग में प्रयुक्त दो बांसुरी (रिफलिंग यंत्र), सिलेंडरों की सील खोलने में इस्तेमाल होने वाला पेंचकस, प्लास तथा इलेक्ट्रॉनिक वेट मशीन भी बरामद की गई। जब विभागीय अधिकारियों ने आरोपी से सिलेंडरों और गैस कारोबार से संबंधित अभिलेख मांगे तो वह कोई वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सका।
जिला पूर्ति अधिकारी ने बताया कि आरोपी का यह कृत्य द्रवीकृत पेट्रोलियम गैस (प्रदाय एवं वितरण का विनियमन) आदेश-2000 के विभिन्न प्रावधानों का स्पष्ट उल्लंघन है, जो आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 की धारा 3/7 के तहत दंडनीय अपराध की श्रेणी में आता है।
जिलाधिकारी के अनुमोदन के बाद आरोपी सुरेन्द्र प्रताप के खिलाफ थाना जीयनपुर में आवश्यक वस्तु अधिनियम की धारा 3/7 के अंतर्गत प्राथमिकी दर्ज करा दी गई है। प्रशासन द्वारा मामले की आगे की जांच की जा रही है तथा अवैध गैस कारोबार में जुड़े अन्य लोगों की भी तलाश की जा रही है।



