Azamgarh news:विदेश में नौकरी का झांसा देकर साइबर ठगी करने वाला आरोपी गिरफ्तार, फर्जी मालदीव वर्क परमिट बरामद
इंटरनेट से डाउनलोड किए गए वर्क परमिट में एडिटिंग कर तैयार करता था फर्जी दस्तावेज, पुराने संपर्कों के जरिए श्रमिकों को बनाता था ठगी का शिकार

गंभीरपुर /आजमगढ़। आजमगढ़ की साइबर पुलिस ने सोमवार को एक बड़ी सफलता हासिल की है जिसमें विदेश में नौकरी दिलाने के नाम पर साइबर ठगी करने वाले अभियुक्त मुकेश यादव पुत्र चंद्र भूषण यादव निवासी हैदराबाद छतवारा थाना रानी की सराय को यादव ढाबा के पास छतवारा मोड़ से गिरफ्तार किया है।
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बताते चलें की वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक आजमगढ़ डॉ. अनिल कुमार द्वारा जनपद में साइबर अपराधियों के विरुद्ध चलाए जा रहे विशेष अभियान “साइबर ठगी के जड़ में वार” के क्रम में, अपर पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) चिराग जैन, अपर पुलिस अधीक्षक (यातायात) पंकज श्रीवास्तव एवं क्षेत्राधिकारी नगर के कुशल निर्देशन तथा प्रभारी साइबर सेल उ0नि0 रवि प्रकाश गौतम के नेतृत्व में साइबर सेल एवं थाना सिधारी पुलिस की संयुक्त टीम द्वारा विदेश में नौकरी दिलाने के नाम पर साइबर ठगी करने वाले एक अभियुक्त को गिरफ्तार किया गया।
Azamgarh news :आजमगढ़ में मालदीव भेजने का झांसा देकर ठगी करने वाला शातिर साइबर अपराधी दबोचा गया
दिनांक 05.07.2026 को साइबर सेल प्रभारी उ0नि0 रवि प्रकाश गौतम, उ0नि0 योगराज सिंह तथा पुलिस टीम प्रतिबिम्ब पोर्टल पर प्राप्त संदिग्ध बैंक खातों एवं एटीएम हॉटस्पॉट की जांच के दौरान क्षेत्र छतवारा में मौजूद थी। इसी दौरान मुखबिर से सूचना प्राप्त हुई कि एक व्यक्ति मालदीव में नौकरी दिलाने का झांसा देकर लोगों से साइबर ठगी कर रहा है तथा प्लेटिना मोटरसाइकिल से हुसैनगंज की ओर से छतवारा आ रहा है। सूचना पर तत्काल कार्रवाई करते हुए पुलिस टीम द्वारा यादव ढाबा के पास घेराबंदी कर संदिग्ध वाहन को रोकने का प्रयास किया गया। अभियुक्त भागने का प्रयास करने लगा, जिसे पुलिस टीम ने घेरकर पकड़ लिया।दो अदद कूटरचित (फर्जी) मालदीव वर्क परमिट, एक अदद सैमसंग मोबाइल फोन, एक अदद आधार कार्ड, ₹200/- नकद, घटना में प्रयुक्त प्लेटिना मोटरसाइकिल (UP-50 V-3176), जिसे धारा 207 मोटर वाहन अधिनियम के अंतर्गत सीज किया गया।
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पूछताछ में अभियुक्त ने अपना नाम मुकेश यादव पुत्र चन्द्र भूषण यादव, निवासी हैदराबाद (छतवारा), थाना सिधारी, जनपद आजमगढ़, उम्र लगभग 29 वर्ष बताया।
पूछताछ के दौरान अभियुक्त ने स्वीकार किया कि उसने इंटरनेट से मालदीव का मूल वर्क परमिट डाउनलोड कर अपने मोबाइल में सुरक्षित रखा था तथा उसी में एडिटिंग कर विभिन्न व्यक्तियों के नाम से फर्जी वर्क परमिट तैयार कर व्हाट्सएप अथवा हार्ड कॉपी के माध्यम से उपलब्ध कराकर उनसे धनराशि प्राप्त करता था। मोबाइल की जांच के दौरान Ministry of Economic Development, Republic of Maldives का वर्क परमिट टेम्पलेट बरामद हुआ, जिसका उपयोग अभियुक्त कूटरचित वर्क परमिट तैयार करने में करता था।पूछताछ में यह भी महत्वपूर्ण तथ्य प्रकाश में आया कि अभियुक्त पूर्व में मुंबई में मर्चेन्ट नेवी से संबंधित कार्य कर चुका है। वहां कार्य करने के दौरान उसकी पहचान विभिन्न राज्यों के श्रमिकों एवं मजदूर वर्ग के ऐसे व्यक्तियों से हुई थी, जो विदेश में रोजगार प्राप्त करने के इच्छुक थे। अभियुक्त ने इन्हीं पुराने संपर्कों का दुरुपयोग करते हुए स्वयं को विदेश में नौकरी एवं वीजा उपलब्ध कराने वाला व्यक्ति बताकर लोगों का विश्वास जीता और उन्हें मालदीव सहित अन्य देशों में आकर्षक वेतन पर नौकरी दिलाने का झांसा दिया। इसके बाद वह इंटरनेट से डाउनलोड किए गए मूल वर्क परमिट के प्रारूप में एडिटिंग कर फर्जी एवं कूटरचित वर्क परमिट तैयार करता था तथा व्हाट्सएप अथवा प्रिंट कॉपी के माध्यम से पीड़ितों को भेजकर उनसे विभिन्न किस्तों में धनराशि प्राप्त करता था। प्रारंभिक पूछताछ में यह भी स्वीकार किया है कि उसने अपने पुराने संपर्कों का लाभ उठाकर अनेक व्यक्तियों से विदेश भेजने के नाम पर ठगी की है। पुलिस द्वारा उसके अन्य पीड़ितों, बैंक खातों, सहयोगियों तथा पूरे नेटवर्क के संबंध में विस्तृत जांच की जा रही है।
जांच में यह भी प्रकाश में आया कि अभियुक्त ने अपनी भाभी के दस्तावेजों का दुरुपयोग कर यूनियन बैंक में बैंक खाता खुलवाया था। समन्वय पोर्टल पर जांच करने पर उक्त खाते के विरुद्ध पश्चिम बंगाल निवासी शिकायतकर्ता की साइबर शिकायत प्राप्त हुई, जिसमें विदेश में नौकरी दिलाने के नाम पर ₹21,000 की ऑनलाइन ठगी का विवरण मिला। अभियुक्त ने स्वीकार किया कि उसने शिकायतकर्ता से कुल ₹35,000 में विदेश भेजने का सौदा किया था तथा अब तक ₹21,000 प्राप्त कर फर्जी वर्क परमिट उपलब्ध कराया था।
अभियुक्त के विरुद्ध धारा 318(4), 338, 336(3), 340(2) भारतीय न्याय संहिता (BNS) एवं धारा 66C सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम के अंतर्गत अभियोग पंजीकृत कर विधिक कार्यवाही की जा रही है।
जनपद पुलिस आमजन से अपील करती है कि विदेश में नौकरी, वीजा अथवा वर्क परमिट दिलाने के नाम पर किसी भी व्यक्ति अथवा एजेंसी के झांसे में न आएं। किसी भी संस्था अथवा एजेंट को धनराशि देने से पूर्व उसकी वैधता एवं प्रामाणिकता की भली-भांति जांच कर लें। किसी भी प्रकार की साइबर धोखाधड़ी होने पर तत्काल साइबर हेल्पलाइन 1930 अथवा राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराएं, ताकि समय रहते आवश्यक कार्रवाई की जा सके।



