Azamgarh News:स्थानाभाव की समस्या दूर करने की पहल: डॉ. एन. आर. वर्मा ने कार्यालय का किया निरीक्षण, वैकल्पिक व्यवस्था के दिए निर्देश*

आजमगढ़ बलरामपुर /पटवध से बबलू राय
*स्थानाभाव की समस्या दूर करने की पहल: डॉ. एन. आर. वर्मा ने कार्यालय का किया निरीक्षण, वैकल्पिक व्यवस्था के दिए निर्देश*
आजमगढ़ 7 जुलाई 2026
आजमगढ़। जनपद की स्वास्थ्य सेवाओं के संचालन को और अधिक व्यवस्थित बनाने की दिशा में मंगलवार को डॉ. एन. आर. वर्मा ने मुख्य चिकित्साधिकारी कार्यालय का विस्तृत निरीक्षण किया। कार्यालय के विभिन्न अनुभागों में अधिकारियों एवं कर्मियों के बैठने की दिक्कत तथा स्थानाभाव के कारण शासकीय कार्यों के संचालन में आ रही व्यावहारिक कठिनाइयों का संज्ञान लेते हुए उन्होंने स्वयं कार्यालय के विभिन्न कक्षों एवं भवन के ऊपरी तल का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया तथा आवश्यक निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान उन्होंने कहा कि मुख्य चिकित्साधिकारी कार्यालय जनपद की स्वास्थ्य व्यवस्था की प्रशासनिक धुरी है। यहीं से आयुष्मान भारत, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, नियमित टीकाकरण, मलेरिया, फाइलेरिया, कुष्ठ, संचारी रोग नियंत्रण, दिव्यांगजन से संबंधित योजनाओं सहित अनेक राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों का संचालन किया जाता है। इसके अतिरिक्त न्यायालय से संबंधित प्रकरणों का निस्तारण, प्रशासनिक एवं वित्तीय कार्यों के साथ-साथ विभिन्न शाखाओं एवं पटलों का संचालन भी इसी कार्यालय से होता है। ऐसे में सीमित स्थान के कारण अधिकारियों एवं कर्मियों को कार्य निष्पादन में व्यावहारिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है, जिसका समाधान आवश्यक है।
व्यवस्थाओं को सुचारु बनाए रखने के उद्देश्य से उन्होंने कार्यालयी कार्य के पटल सहायक अविनाश श्रीवास्तव को निर्देशित किया कि मलेरिया कार्यालय को अस्थायी रूप से भवन के ऊपरी तल पर कुष्ठ विभाग के समीप उपलब्ध स्थान पर स्थानांतरित कराया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह व्यवस्था अधिकारियों एवं कर्मचारियों के लिए पर्याप्त कार्यस्थल उपलब्ध कराने, अभिलेखों की सुरक्षा सुनिश्चित करने तथा शासकीय कार्यों के निर्बाध संचालन को ध्यान में रखते हुए की जा रही है।
डॉ. वर्मा ने बताया कि वर्तमान भवन में उपलब्ध स्थान की तुलना में मानव संसाधन तथा विभागीय कार्यक्रमों का दायरा लगातार बढ़ा है। इसे देखते हुए नए कार्यालय भवन के निर्माण का प्रस्ताव शासन को भेजा जा चुका है। उन्होंने आशा व्यक्त की कि शीघ्र ही भवन के डिजाइन की स्वीकृति एवं निर्माण हेतु आवश्यक धनराशि अवमुक्त होगी, जिससे भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप आधुनिक एवं सुव्यवस्थित कार्यालय भवन उपलब्ध हो सकेगा।
उन्होंने कहा कि अधिकारियों एवं कर्मचारियों को सुरक्षित, सुव्यवस्थित एवं कार्य-अनुकूल वातावरण उपलब्ध कराना विभाग की प्राथमिकता है। उपलब्ध संसाधनों के बेहतर उपयोग के साथ-साथ आधारभूत संरचना को सुदृढ़ करने के प्रयास लगातार किए जा रहे हैं, ताकि जनहित से जुड़े स्वास्थ्य कार्यक्रमों का संचालन निर्बाध रूप से जारी रह सके।



