मुसलमान और दलित जब कांग्रेस में थे तब भाजपा के सिर्फ़ दो सांसद होते थे – शाहनवाज़ आलम,अल्पसंख्यक कांग्रेस का 15 से 25 जून तक दलित आबादी की तीन हज़ार चाय की दुकानों पर संविधान चर्चा का अभियान शुरू

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रिपोर्ट:रोशन लाल
उत्तर प्रदेश अल्पसंख्यक कांग्रेस का दलित बाहुल मुहल्लों में चाय की दुकानों पर संविधान चर्चा का 10 दिवसीय अभियान 15 जून से शुरू हो गया। इस अभियान में 25 जून तक तीन हज़ार चाय की दुकानों पर भाजपा शासन में संविधान पर मंडराते खतरे और संविधान बचाने के लिए कांग्रेस के साथ आने की ज़रूरत पर लोगों से संवाद किया जारहा है।

कांग्रेस मुख्यालय से जारी बयान में अल्पसंख्यक कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष शाहनवाज़ आलम ने कहा कि प्रत्येक ज़िला और शहर अल्पसंख्यक कांग्रेस कमेटी द्वारा रोज़ दो-दो चाय की दुकानों पर संविधान बचाने के लिए कांग्रेस की सरकार बनवाने का आह्वान किया जाएगा। इस तरह रोज़ पूरे प्रदेश में 300 दुकानों पर यह चर्चा होरही है।इस दौरान दलित समाज को कांग्रेस की पूर्ववर्ती सरकारों में मिले ज़मीन के पट्टों, दलितों की ज़मीन को गैर दलितों के क़ब्ज़े से बचाने के लिए बनाए गए क़ानून को भाजपा सरकार द्वारा बदल दिए जाने जैसे मुद्दों पर संवाद किया जारहा है।साथ ही यह भी समझाया जारहा है कि जब तक दलित और मुसलमान एक साथ मिलकर कांग्रेस को वोट देते थे तब संविधान विरोधी भाजपा के पूरे देश में सिर्फ़ दो सांसद होते थे। आज अगर भाजपा को फिर से दो सीटों पर पहुंचाना है तो दलित और मुसलमानों को फिर कांग्रेस को वोट करना होगा।

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