विप्रो ने की सरयू तट पर किया श्नावणी पूजा। 

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जिला संवाददाता ,विनय मिश्र।

देवरिया, बरहज‌ सरयू तट पर क्षेत्र के बिप्रो ने द्वारा आज श्रावणी पूजा वैदिक मंत्रों के बीच किया गया । पूजन के आचार्य विश्राम शुक्ल द्वारा वैदिक परंपरा के अनुसार क्रमशः देव ऋण, पल, पितृ ऋण, ऋषि ऋण से पूर्ण होने के लिए दूध दही गाय का गोबर गोमूत्र , कुश दूब अपामार्ग आदि से सरयू में स्नान किया गया । श्रावणी पूजा के करने से व्यक्ति सभी ऋणों से उऋण हो जाता है , और व्यक्ति धर्म अर्थ और काम मोक्ष का अधिकारी होता है। श्रावणी पूजा के अवसर पर संस्कृत महाविद्यालय के पूर्व प्राचार्य विश्राम शुक्ला ,कृष्ण मुरारी तिवारी ,वर्तमान प्राचार्य प्रणव कुमार मिश्रा ,क्षितिज पांडे प्रवक्ता संस्कृत ,सोनू कुमार उपाध्याय, चंदन उपाध्याय, विनय कुमार मिश्र, श्रीनिवास पांडे, शिवम पाठक ,अमित पाठक, परशुराम पांडे, सोनू पाठक ,श्री प्रकाश पांडे, ओमप्रकाश दुबे, हरिशंकर पांडे , अभय कुमार पांडे, सुधांशु मिश्रा, केशव मिश्रा ,मनीष शुक्ला ,श्री प्रकाश पांडे ,संपूर्णानंद मिश्रा ,प्रमोद मिश्रा, कृष्ण मोहन त्रिपाठी, मनोज त्रिपाठी, चित्रकूट त्रिपाठी, राम बिहारी त्रिपाठी, पंकज मणि त्रिपाठी, अशोक त्रिपाठी, रमेश तिवारी अनजान, दिवाकर मिश्रा, मनोज तिवारी, गोपाल चतुर्वेदी, बालेन्दु पाठक ,विजय कुमार द्विवेदी, प्रणव कुमार मिश्रा, राकेश नाथ पांडे, केसरी नाथ पांडे ,हरि प्रसाद द्विवेदी आदि बिप्रो ने श्रावणी पूजन किया सरयू तट बरहज वैदिक मित्रों से गूंज उठा।

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