Azamgarh news:एथेनॉल प्लांट पर हाईकोर्ट सख्त,सरकार और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से मांगा जवाब
Azamgarh news: High Court strict on ethanol plant, seeks reply from government and pollution control board

जबलपुर जिले में संचालित एक एथेनॉल प्लांट के खिलाफ दाखिल जनहित याचिका पर मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय ने सख्त रुख अपनाया है। पर्यावरण नियमों के उल्लंघन और ग्रामीणों के स्वास्थ्य पर पड़ रहे दुष्प्रभावों को गंभीर मानते हुए कोर्ट ने राज्य सरकार,मध्य प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड सहित सभी संबंधित पक्षों को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है। अदालत ने मामले की अगली सुनवाई के लिए 23 मार्च की तिथि निर्धारित की है। यह याचिका अधिवक्ता अमर गुप्ता द्वारा दायर की गई है,जिसमें तहसील शाहपुरा के ग्राम नटवारा में स्थित मेसर्स श्री बालाजी बायो सॉल्यूशन फ्यूल्स एलएलपी पर एथेनॉल एवं बायो-फ्यूल उत्पादन के दौरान पर्यावरण संरक्षण अधिनियम 1986,वायु प्रदूषण नियंत्रण अधिनियम 1981 और जल प्रदूषण नियंत्रण अधिनियम 1974 के उल्लंघन के आरोप लगाए गए हैं। याचिका के अनुसार फैक्ट्री से निकलने वाला जहरीला अपशिष्ट और बिना उपचारित गंदा पानी आसपास के खेतों और जलस्रोतों में छोड़ा जा रहा है,जिससे भूजल दूषित हो रहा है, खेती प्रभावित हो रही है और वायु व ध्वनि प्रदूषण से ग्रामीणों के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल असर पड़ रहा है। गौरतलब है कि यही एथेनॉल प्लांट पूर्व में भी विवादों में रहा है। हाल ही में भाजपा विधायक नीरज सिंह ने फैक्ट्री प्रबंधन पर लगभग 400 क्विंटल चावल की हेराफेरी,सरकारी बोरियों से बोरी बदलकर ट्रकों से ढुलाई और जांच के दौरान नायब तहसीलदार को फैक्ट्री में प्रवेश न देने जैसे गंभीर आरोप लगाए थे। उस मामले में प्रशासन की भूमिका को लेकर भी सवाल उठे थे,जिससे यह औद्योगिक इकाई एक बार फिर सुर्खियों में आ गई है।
जबलपूर से वाजिद खान की रिपोर्ट



