Azamgarh News: गौ रक्षा को लेकर बुलंद हुई आवाज, एसडीएम सदर को सौंपा ज्ञापन, 15 दिन में कार्रवाई न होने पर आंदोलन की चेतावनी

आजमगढ़ बलरामपुर/पटवध से बबलू राय

गौ रक्षा को लेकर बुलंद हुई आवाज, एसडीएम सदर को सौंपा ज्ञापन, 15 दिन में कार्रवाई न होने पर आंदोलन की चेतावनी

आजमगढ़ जनपद में बढ़ती अवैध गौ-तस्करी, सरकारी गौशालाओं की बदहाल स्थिति और निराश्रित गौवंश की समस्या को लेकर सोमवार को सामाजिक कार्यकर्ताओं और गौ-भक्तों ने प्रशासन के सामने जोरदार ढंग से अपनी मांगें रखीं। ‘गौ सम्मान आह्वान’ के तहत एक प्रतिनिधिमंडल ने उपजिलाधिकारी सदर, आजमगढ़ को ज्ञापन सौंपकर गौवंश की सुरक्षा और संरक्षण के लिए तत्काल प्रभावी कदम उठाने की मांग की।

इस कार्यक्रम का नेतृत्व अमन दुबे (जिला प्रभारी), पूजा सिंह (प्रदेश अध्यक्ष) तथा नीरज सिंह (जिला सचिव, महिला मोर्चा), राष्ट्रीय सनातन सेना भारत ने किया। ज्ञापन सौंपने पहुंचे कार्यकर्ताओं ने कहा कि गौवंश की लगातार हो रही उपेक्षा न केवल धार्मिक आस्था को आहत कर रही है, बल्कि किसानों और आम जनता के लिए भी गंभीर समस्याएं पैदा कर रही है।

ज्ञापन में प्रमुख रूप से मांग की गई कि जनपद में तेजी से बढ़ रही अवैध गौ-तस्करी पर तत्काल रोक लगाई जाए और इसमें शामिल लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करते हुए रासुका के तहत मुकदमा दर्ज किया जाए।

कार्यकर्ताओं ने सरकारी गौशालाओं की खराब व्यवस्था पर भी नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि कई गौशालाओं में गौवंश को पर्याप्त चारा, स्वच्छ पानी, उचित शेड और समय पर चिकित्सा सुविधाएं नहीं मिल रही हैं, जिससे उनकी मौत हो रही है। उन्होंने मृत गौवंश की जानकारी सार्वजनिक करने की भी मांग उठाई।

प्रतिनिधिमंडल ने यह भी कहा कि सड़कों पर बेसहारा घूम रहे गौवंश किसानों की फसलों को नुकसान पहुंचा रहे हैं और आए दिन सड़क हादसों का कारण बन रहे हैं। इसके स्थायी समाधान के लिए प्रभावी नीति बनाए जाने की मांग की गई।

ज्ञापन में उत्तर प्रदेश गोवध निवारण अधिनियम 1955 का कड़ाई से पालन कराने, प्रत्येक थाने स्तर पर निगरानी समिति गठित करने और गौ-आधारित जैविक खेती व पंचगव्य उत्पादों को बढ़ावा देने के लिए ब्लॉक स्तर पर योजनाएं शुरू करने की मांग भी शामिल रही।

इस दौरान कार्यकर्ताओं ने कहा कि “गौमाता भारतीय संस्कृति, कृषि व्यवस्था और ग्रामीण अर्थव्यवस्था की आधारशिला हैं। उनकी रक्षा करना पूरे समाज की जिम्मेदारी है।”

उन्होंने प्रशासन को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि 15 दिनों के भीतर ठोस कार्रवाई नहीं की गई, तो जन-जागरण पदयात्रा, धरना-प्रदर्शन और व्यापक आंदोलन किया जाएगा।

उपजिलाधिकारी सदर ने ज्ञापन को गंभीरता से लेते हुए संबंधित विभागों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश देने का आश्वासन दिया।

इस अवसर पर रितेश चौहान, आदित्य सेठ, पीयूष सेठ, हर्ष सिंह, अनुराग ओझा, नरेश चौहान, शुभम सिंह, अभिषेक सिंह, रक्षित मिश्र, आनंद तिवारी, रोहित यादव, हिमांशु सिंह, वैभव राय, गौरव चौहान एवं आदित्य उपाध्याय सहित बड़ी संख्या में गौ-रक्षा कार्यकर्ता मौजूद रहे।

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