Azamgarh news :ट्रक खरीदने के नाम पर विश्वासघात करने वाला गिरफ्तार
ट्रक खरीदने के नाम पर विश्वासघात करने वाला गिरफ्तार

आजमगढ़ ब्यूरो चीफ राकेश श्रीवास्तव
जनपद आजमगढ़ की थाना निजामाबाद पुलिस द्वारा विश्वासघात एवं धोखाधड़ी से संबंधित प्रकरण में प्रभावी कार्यवाही करते हुए एक अभियुक्त को गिरफ्तार कर न्यायिक अभिरक्षा में भेजा गया।
वादी मुकदमा अच्छेलाल सोनकर पुत्र भोंभल सोनकर निवासी आगापुर, थाना निजामाबाद, जनपद आजमगढ़ द्वारा अशोक लीलैंड ट्रेलर (22 चक्का) टाटा कम्पनी से वित्तपोषित (फाइनेंस) कराकर क्रय किया गया था, जिसकी मासिक किस्त ₹57,600 निर्धारित थी। आर्थिक कठिनाइयों के कारण वादी ने अपनी उक्त गाड़ी को मो. हसरत खान पुत्र मोहिउद्दीन खान निवासी मालिकाना, थाना कोतवाली भदोही, जनपद संत रविदास नगर को एक लिखित बेचनामा के माध्यम से इस शर्त पर सुपुर्द कर दिया कि वाहन का बीमा समाप्त होने तक अभियुक्त वाहन का संचालन करेगा तथा सभी किस्तों एवं अन्य देयकों का भुगतान करेगा। बाद में संपूर्ण हिसाब-किताब कर वाहन अपने नाम स्थानांतरित करा लेगा।
दिनांक 30.01.2025 को गवाहों की उपस्थिति में ट्रेलर अभियुक्त को सौंप दिया गया। आरोप है कि वाहन प्राप्त करने के बाद अभियुक्त द्वारा न तो वाहन की किस्तें जमा की गईं और न ही टैक्स का भुगतान किया गया। बाद में वित्तीय संस्थान से नोटिस प्राप्त होने पर वादी द्वारा अभियुक्त से संपर्क किया गया, जिस पर अभियुक्त ने भुगतान करने से इंकार कर दिया। स्वयं को ठगा महसूस करते हुए वादी द्वारा थाना निजामाबाद पर प्रार्थना पत्र दिया गया।
प्राप्त तहरीर के आधार पर थाना निजामाबाद पर दिनांक 02.06.2026 को मु0अ0सं0- 144/2026 धारा 316(2) बीएनएस बनाम मो. हसरत खान पंजीकृत किया गया तथा विवेचना वरिष्ठ उपनिरीक्षक सुरेश सिंह यादव को सौंपी गई।
आज दिनांक 21.06.2026 को वरिष्ठ उपनिरीक्षक सुरेश सिंह यादव मय हमराह को सूचना मिली कि मुकदमा उपरोक्त से संबंधित अभियुक्त वादी पर सुलह का दबाव बनाने एवं उसे डराने-धमकाने की नीयत से उसके घर जाने वाला है तथा सेंटरवा तिराहा, कस्बा निजामाबाद पर खड़ा होकर किसी का इंतजार कर रहा है।
सूचना पर तत्काल कार्रवाई करते हुए पुलिस टीम द्वारा सेंटरवा तिराहा पहुंचकर अभियुक्त को घेराबंदी कर पकड़ लिया गया। पूछताछ एवं नाम-पता सत्यापन के उपरांत अभियुक्त मो. हसरत खान को मुकदमा उपरोक्त में समय 11:50 बजे गिरफ्तार कर लिया गया। आवश्यक विधिक कार्यवाही पूर्ण कर अभियुक्त को माननीय न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत करते हुए न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया गया।



