Azamgarh news :01 करोड़ 77 लाख रुपये मूल्य के 353.990 किग्रा गाजा के साथ अंतरराज्यीय तस्कर गिरफ्तार 

01 करोड़ 77 लाख रुपये मूल्य के 353.990 किग्रा गाजा के साथ अंतरराज्यीय तस्कर गिरफ्तार 

आजमगढ़ ब्यूरो चीफ राकेश श्रीवास्तव

मादक पदार्थों की तस्करी एवं उससे अर्जित अवैध सम्पत्तियों के विरुद्ध जनपद आजमगढ़ पुलिस द्वारा चलाए जा रहे अभियान के क्रम में थाना गम्भीरपुर पुलिस को एक महत्वपूर्ण विधिक एवं वित्तीय सफलता प्राप्त हुई है। दिनांक 12.03.2026 को एसटीएफ लखनऊ एवं थाना गम्भीरपुर पुलिस की संयुक्त टीम द्वारा 353.990 किलोग्राम अवैध गांजा (अनुमानित मूल्य लगभग 01 करोड़ 77 लाख रुपये) के साथ गिरफ्तार अंतरराज्यीय तस्कर राजीव कुमार यादव उर्फ संजीव कुमार उर्फ संजू पुत्र तिलक सिंह निवासी ग्राम सुरैंदा फूलपुर, थाना अजीतमल, जनपद औरैया के विरुद्ध की गई वित्तीय विवेचना अब एक महत्वपूर्ण मुकाम पर पहुँच गई है।

नई दिल्ली स्थित Competent Authority & Administrator, SAFEM (FOP)A एवं NDPS एक्ट द्वारा पारित आदेश में तस्करी में प्रयुक्त कंटेनर वाहन संख्या UP-79 AT-9418 को अपराध से अर्जित धनराशि से खरीदी गई सम्पत्ति मानते हुए फ्रीजिंग आदेश की पुष्टि की गई, जिसके क्रम में आज दिनांक 22.06.2026 को उक्त वाहन के विधिक जब्तीकरण की कार्रवाई सम्पन्न कराई गई।

उल्लेखनीय है कि दिनांक 12.03.2026 को एसटीएफ लखनऊ एवं थाना गम्भीरपुर पुलिस को सूचना प्राप्त हुई थी कि छत्तीसगढ़ राज्य से भारी मात्रा में अवैध गांजा कंटेनर वाहन के माध्यम से उत्तर प्रदेश लाया जा रहा है। सूचना के आधार पर अमौड़ा टोल प्लाजा के समीप संयुक्त चेकिंग अभियान चलाया गया। वाहन संख्या UP-79 AT-9418 की तलाशी के दौरान उसमें विशेष रूप से निर्मित गुप्त कैविटी से 14 बोरियों में कुल 353.990 किलोग्राम अवैध गांजा बरामद हुआ, जिसकी अनुमानित अंतरराष्ट्रीय बाजार कीमत लगभग 01 करोड़ 77 लाख रुपये थी। मौके से अभियुक्त राजीव कुमार यादव को गिरफ्तार किया गया तथा थाना गम्भीरपुर पर मु0अ0सं0 71/2026, धारा 8/20/29/60 एनडीपीएस एक्ट पंजीकृत किया गया। तस्करी में प्रयुक्त कंटेनर वाहन को उसी समय विधिक रूप से सीज कर पुलिस अभिरक्षा में लिया गया था।

विवेचना के दौरान थाना गम्भीरपुर पुलिस द्वारा एनडीपीएस एक्ट, 1985 के अध्याय-VA के अंतर्गत अभियुक्त की आय, सम्पत्तियों एवं वित्तीय लेन-देन की गहन जांच की गई। जांच में यह तथ्य प्रकाश में आया कि अभियुक्त द्वारा मादक पदार्थों की तस्करी से अर्जित अवैध धनराशि का निवेश कर टाटा कंटेनर वाहन संख्या UP-79 AT-9418 खरीदा गया था। वित्तीय अभिलेखों, उपलब्ध साक्ष्यों एवं जांच के आधार पर उक्त वाहन का मूल्य लगभग 10 लाख 50 हजार रुपये आंका गया तथा यह स्थापित हुआ कि वाहन अपराध से अर्जित आय से खरीदा गया है।

SAFEM (FOP)A एवं NDPS एक्ट, नई दिल्ली ने गम्भीरपुर पुलिस की कार्रवाई को माना विधिसम्मत

उक्त तथ्यों के आधार पर थाना गम्भीरपुर पुलिस द्वारा दिनांक 20.05.2026 को धारा 68F(1), NDPS Act, 1985 के अंतर्गत वाहन को फ्रीज करने का आदेश पारित किया गया तथा अनुमोदन हेतु सम्पूर्ण प्रकरण Competent Authority & Administrator, SAFEM (FOP)A एवं NDPS एक्ट, नई दिल्ली को भेजा गया। उपलब्ध साक्ष्यों, वित्तीय विवेचना, अभिलेखों एवं अभियुक्त को सुनवाई का अवसर प्रदान किए जाने के उपरांत सक्षम प्राधिकारी द्वारा धारा 68F(2), NDPS Act, 1985 के अंतर्गत Confirmation Order पारित करते हुए फ्रीजिंग आदेश की पुष्टि की गई। सक्षम प्राधिकारी ने अपने आदेश में स्पष्ट रूप से माना कि वाहन संख्या UP-79 AT-9418 मादक पदार्थों की तस्करी से अर्जित आय से खरीदा गया है तथा यह “Illegally Acquired Property” अर्थात अवैध रूप से अर्जित सम्पत्ति की श्रेणी में आता है। साथ ही गम्भीरपुर पुलिस द्वारा की गई वित्तीय विवेचना एवं सम्पत्ति संबंधी कार्रवाई को पूर्णतः विधिसम्मत एवं न्यायोचित माना गया।

सक्षम प्राधिकारी द्वारा पारित आदेश के अनुपालन में आज दिनांक 22.06.2026 को लगभग 10.50 लाख रुपये मूल्य के कंटेनर वाहन संख्या UP-79 AT-9418 के विरुद्ध विधिक जब्तीकरण (Confiscation) की कार्रवाई सम्पन्न की गई। यह कार्रवाई मादक पदार्थ तस्करों के आर्थिक नेटवर्क, अवैध निवेश एवं अपराध से अर्जित सम्पत्तियों के विरुद्ध आजमगढ़ पुलिस की सुदृढ़ रणनीति का प्रत्यक्ष उदाहरण है। इससे यह स्पष्ट संदेश गया है कि अपराधियों के विरुद्ध केवल आपराधिक मुकदमा ही नहीं, बल्कि उनकी अवैध कमाई से खड़ी की गई सम्पत्तियों पर भी कठोर कार्रवाई की जाएगी।

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक आजमगढ़ डॉ0 अनिल कुमार के निर्देशन में जनपद पुलिस द्वारा मादक पदार्थ तस्करों, संगठित अपराधियों एवं अपराध से अर्जित उनकी अवैध सम्पत्तियों के विरुद्ध भविष्य में भी इसी प्रकार कठोर, प्रभावी एवं विधिसम्मत कार्रवाई निरंतर जारी रहेगी। जनपद आजमगढ़ को नशामुक्त एवं अपराधमुक्त बनाने हेतु अपराधियों के आर्थिक तंत्र पर प्रहार करने की रणनीति के तहत ऐसे तत्वों के विरुद्ध जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जा रही है।

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