Azamgarh News:संवेदनशीलता, विशेषज्ञता और उत्कृष्ट प्रबंधन का संगम बना जिला महिला चिकित्सालय, आजमगढ़

आजमगढ़ बलरामपुर/पटवध से बबलू राय
संवेदनशीलता, विशेषज्ञता और उत्कृष्ट प्रबंधन का संगम बना जिला महिला चिकित्सालय, आजमगढ़
आजमगढ़ जनपद के अपर मुख्य चिकित्साधिकारी (आरसीएच) एवं वरिष्ठ बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. उमाशरण पांडेय ने शुक्रवार को जिला महिला चिकित्सालय स्थित एनआईसीयू (नवजात शिशु गहन चिकित्सा इकाई) का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने चिकित्सकीय व्यवस्थाओं का जायजा लेने के साथ चिकित्सकों, नर्सिंग स्टाफ और भर्ती नवजात शिशुओं के परिजनों से संवाद कर आवश्यक सुझाव दिए।
डॉ. उमाशरण पांडेय ने कहा कि मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में निरंतर सुधार लाना प्राथमिकता है। उन्होंने एनआईसीयू की कार्यप्रणाली की सराहना करते हुए सेवा भावना, संवेदनशील व्यवहार और टीमवर्क पर विशेष बल दिया। उनके मार्गदर्शन से चिकित्सकों एवं कर्मचारियों में नई ऊर्जा और उत्साह का संचार हुआ।
इस अवसर पर जिला महिला चिकित्सालय के अधीक्षक डॉ. विनय सिंह यादव की कार्यशैली की भी सराहना की गई। उनके कुशल नेतृत्व, बेहतर प्रबंधन एवं नवाचारों के चलते अस्पताल में सुव्यवस्थित स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। मरीजों एवं उनके परिजनों के प्रति उनका मानवीय व्यवहार और समस्याओं के त्वरित समाधान की कार्यशैली अस्पताल की पहचान बन चुकी है।
निरीक्षण के दौरान यह भी स्पष्ट हुआ कि जिला महिला चिकित्सालय आजमगढ़ मातृ एवं नवजात स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में प्रदेश के उत्कृष्ट चिकित्सालयों में अपनी अलग पहचान बना रहा है। अधिकारियों ने कहा कि प्रशासनिक दक्षता, चिकित्सकीय विशेषज्ञता और मानवीय संवेदनाओं के समन्वय से ही स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक प्रभावी एवं जनोन्मुख बनाया जा सकता है।
अंत में डॉ. उमाशरण पांडेय एवं डॉ. विनय सिंह यादव के नेतृत्व में मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं के निरंतर बेहतर होने की कामना व्यक्त करते हुए उनके कार्यों की सराहना की गई।



