Azamgarh News:एक पेड़ माँ के नाम” पर आयोजित होगा वृक्षारोपण महायज्ञ 2026

आजमगढ़ बलरामपुर /पटवध से बबलू राय
“एक पेड़ माँ के नाम” पर आयोजित होगा वृक्षारोपण महायज्ञ 2026
वृक्षारोपण महायज्ञ-2026 के अन्तर्गत एक ही दिन 12 जुलाई को प्रदेश में रिकॉर्ड 35 करोड़ के सापेक्ष आजमगढ़ में 65 लाख होगा वृक्षारोपण
वृक्षारोपण महायज्ञ के सफल आयोजन हेतु जिलाधिकारी ने सभी विभागों को दिए आवश्यक निर्देश
आजमगढ़ में नवीन विशिष्ट वन-वन्दे मातरम वाटिका, महर्षि चरक औषधीय वन, समरस वन, समृद्धि वन, कपि वन एवं ऊर्जा वन की होगी स्थापना
आजमगढ़ 07 जुलाई 2026/
जिलाधिकारी रविंद्र कुमार ने बताया कि वृक्षारोपण महायज्ञ-2026 के अंतर्गत व्यापक जनसहभागिता के साथ सफलतापूर्वक संचालन सुनिश्चित कराने हेतु 12 जुलाई को वृक्षारोपण को एक उत्सव के रूप में क्रियान्वित करने तथा जनपद में वन विभाग व अन्य विभागों द्वारा वृक्षारोपण हेतु तैयार किये गये विभिन्न स्थलों पर सहभागिता सुनिश्चित कराते हुए निर्धारित लक्ष्य के अनुसार प्रदेश में एक ही दिन में 12 जुलाई, 2026 को 35 करोड पौधों के रोपण का लक्ष्य शत-प्रतिशत पूर्ण कराया जाएगा।
आजमगढ़ जनपद में वर्ष 2026 हेतु 6469400 पौधों का लक्ष्य आवंटित है, जिसके सापेक्ष 05 जून 2026 को 09लाख पौधों का रोपण किया गया। शेष लक्ष्य 12 जुलाई.2026 हेतु कुल 5569400 पौधों का लक्ष्य आवंटित है, जिसके सापेक्ष 5618700 हेतु अग्रिम मृदा कार्य (गड्ढा खुदान) कार्य पूर्ण किया जा चुका है जो लक्ष्य के सापेक्ष 100.88 प्रतिशत है।
आजमगढ़ जनपद में वृक्षारोपण हेतु कुल क्षेत्रफल 4387 हे0 में कुल 12680 स्थलों का चिन्हीकरण किया गया है, जिसमें मुख्यतः शीशम, सागौन, अर्जुन, कंजी, अमरूद, जामुन, पीपल, पाकड़, बरगद, नीम, सहजन आदि पौधों का रोपण किया जायेगा।
लक्ष्य को प्राप्त करने हेतु आजमगढ़ जनपद में कुल 37 विभागीय नर्सरियों में 9644729 पौधें उपलब्ध है। सभी विभागों के लिए नर्सरी चिन्हित की जा चुकी है!
वृक्षारोपण की तिथि 12 जुलाई.2026 निर्धारित की गयी है। वृक्षारोपण की रिर्पोटिंग विगत वर्ष की भाँति घंटेवार की जाय। मा० जनप्रतिनिधियों हेतु कुल 8 वी०आई०पी० स्थलों का भी चिन्हीकरण किया गया है।
वृक्षारोपण महायज्ञ 2026 के अभियान में आजमगढ़ जनपद में नवीन विशिष्ट वन-वन्दे मातरम वाटिका, महर्षि चरक औषधीय वन, समरस वन, समृद्धि वन, कपि वन एवं ऊर्जा वन की जा रही है। आजमगढ़ जनपद की नदियों के पुनरूद्धार हेतु सिलनी नदी के किनारें सिंचाई विभाग द्वारा 60000 पौधों का रोपण कार्य किया जायेगा।
वृक्षों द्वारा मृदा संरक्षण, भूमि की उर्वरता में वृद्धि, विभिन्न प्रकार के पशु पक्षी तथा शुष्क जीवों का आश्रय स्थल होने के कारण जैव विविधता के समर्थन में महत्वपूर्ण योगदान देते है। वृक्ष ग्रीन हाउस गैसों के उत्सर्जन को कम करके ग्लोबल वार्मिंग को कम करके सहायता प्रदान करते है। इसके अलावा वृक्ष आय का भी श्रोत है। वृक्षारोपण केवल एक पर्यावणीय नही बल्कि भविष्य की सुरक्षा है। हमे अधिक से अधिक वृक्ष लगाकर आने वाली पीढ़ियों को सुरक्षित और हरा-भरा पर्यावरण देना है।



