'इस्तेमाल की गई अखबारों-किताबों से ग्रामीण लाइब्रेरी का पीएम मोदी ने दिया था आइडिया'

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नई दिल्ली, 30 दिसंबर (आईएएनएस)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के अनेक किस्से हैं, जो समय-समय पर लोगों के सामने आते रहते हैं। उनसे जुड़ा हुआ एक ऐसा ही किस्सा केंद्रीय मंत्री सतीश चंद्र दुबे ने सोमवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स के ‘मोदी स्टोरी’ हैंडल पर शेयर किया।

उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक बार सांसदों की बैठक में यह विचार साझा किया था कि समाचार पत्रों और पुस्तकों को गांव के पुस्तकालयों में बदलना चाहिए।

सतीश चंद्र दुबे ने कहा कि एक बार पीएम मोदी की सांसदों के साथ बैठक हो रही थी। इस दौरान उन्होंने कहा कि आप गांव के एक छोटे कस्बे में रहते हैं। न्यूज पेपर, किताब और मैगजीन आप पढ़ने के लिए मंगाते हैं। अगर आपने उसे पढ़ लिया तो उसका उपयोग समाज के लिए कीजिए। ऐसे में लोगों को एक छोटी सी लाइब्रेरी बनानी चाहिए। न्यूज पेपर, किताब और मैगजीन को एक टेबल पर सजाकर रख देना चाहिए, जहां गांव के 10 लोग आकर बैठ और अध्ययन कर सकें। इस दौरान आप उनसे तमाम विषयों पर चर्चा-परिचर्चा कर सकते हैं। यह भी समाज के लिए एक बड़ी उपलब्धि होगी।

राज्यसभा सांसद ने बताया कि बातचीत के क्रम में पीएम मोदी ने कहा कि आप एक सामाजिक कार्यकर्ता हैं, आम आदमी या किसान हैं। आप अपना कोई न कोई न्यूजपेपर मंगाते हैं। उसका प्रयोग खत्म होने के बाद आप इसका उपयोग समाज के लिए कर सकते हैं।

उन्होंने कहा कि हर गांव और हर घर में कहीं न कहीं एक जगह है, जहां लोग बैठते हैं। वहां एक टेबल और कुर्सी रखिए और न्यूजपेपर, किताब और मैगजीन को रख दीजिए। अगर आप धर्म या इतिहास से जुड़ी किताबों को वहां रख देंगे तो लोग आकर अपना ज्ञानवर्धन कर सकेंगे। इस प्रकार की पहल से समाज में एक सकारात्मक वातावरण का माहौल बनेगा और आप चर्चा के केंद्र में रहेंगे।

–आईएएनएस

एकेएस/एकेजे

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इनपुट. आईएएनएस के साथ

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