मणिपुर : बीरेन सिंह ने विस्थापित छात्रों को दी खुशियां, एम्यूजमेंट पार्क के लिए उपलब्ध कराए पास

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इम्फाल, 23 मार्च (आईएएनएस)। मणिपुर के पूर्व मुख्यमंत्री एन. बीरेन सिंह ने रविवार को बताया कि उन्होंने विस्थापित छात्रों को थेंगुचिंगजिन स्थित वाटर एम्यूजमेंट पार्क भेजने की व्यवस्था की, जिससे उन्हें स्वयं खुशी मिली है। उन्होंने बताया कि बच्चे चुराचंदपुर जिले से आंतरिक रूप से विस्थापित परिवारों से हैं।

बीरेन सिंह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पार्क का एक वीडियो शेयर करते हुए कैप्शन में लिखा, “चुराचांदपुर जिले से आंतरिक रूप से विस्थापित परिवारों के छात्रों के लिए थेंगुचिंगजिन में वाटर एम्यूजमेंट पार्क की यात्रा की व्यवस्था करके मुझे खुशी हुई। हमने छात्रों को पार्क में मुफ्त पास प्रदान करने की व्यवस्था की, जैसा कि याओशांग उत्सव के एक दिन पहले मेरे निवास पर मैतेई सोसायटी, चुराचांदपुर के प्रतिनिधियों को मैंने आश्वासन दिया था।”

उन्होंने लिखा, “मैं पर्यटन विभाग के अधिकारियों को दौरे की व्यवस्था करने के लिए और मणिपुर पुलिस हाउसिंग कॉरपोरेशन लिमिटेड को छात्रों को जलपान और आवश्यक सहायता प्रदान करने के लिए धन्यवाद देता हूं। मैं इस यात्रा को सफल बनाने के लिए हिंगाग विधानसभा क्षेत्र के भाजपा कार्यकर्ताओं की भी सराहना करता हूं।”

उल्लेखनीय है कि हिंसाग्रस्त मणिपुर में 9 फरवरी को एन. बीरेन सिंह के मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने के बाद राज्य में राष्ट्रपति शासन लगा दिया गया है। गृह मंत्रालय द्वारा जारी अधिसूचना में कहा गया था कि राष्ट्रपति ने राज्यपाल की रिपोर्ट के आधार पर और राज्य की परिस्थितियों की जानकारी के आधार पर संविधान के अनुच्छेद 356 के तहत मणिपुर में राष्ट्रपति शासन लगाया है। इस अनुच्छेद के तहत राज्य में संवैधानिक प्रणाली के विफल होने की स्थिति में राष्ट्रपति शासन लगाया जाता है।

उल्लेखनीय है कि मणिपुर में जातीय हिंसा शुरू होने के लगभग 21 महीने बाद एन. बीरेन सिंह ने अपना पद छोड़ दिया था। मई 2023 में शुरू हुई इस हिंसा में 250 से अधिक लोग मारे गए हैं और हजारों लोग विस्थापित हुए हैं। केंद्र सरकार का कहना है कि वह मणिपुर की मौजूदा स्थिति पर नजर बनाए हुए है। एन. बीरेन सिंह को राज्य में जातीय संघर्ष से निपटने के तरीके को लेकर आलोचनाओं का सामना करना पड़ा था। उन्होंने पिछले वर्ष मणिपुर में हिंसा को लेकर राज्य की जनता से माफी मांगी थी।

–आईएएनएस

पीएसके/एकेजे

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इनपुट. आईएएनएस के साथ

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