Jabalpur news:जबलपुर में ‘मैगी’ लापता, ढूंढने वाले को 10 हजार का इनाम

'Maggi' missing in Jabalpur, Rs 10,000 reward for finder

जबलपुर:9 साल पहले जिसे अपने घर का सदस्य बेटी के जैसे मानकर पाल पोशकर बड़ा किया, वह मैगी अपने जन्मदिन से 1 माह पहले गायब हो गई। जिसे लेकर अब पूरा परिवार बेहद परेशान है और जबलपुर के मदन महल थाने में गुमशुदगी की शिकायत भी दर्ज कराई है इसके साथ ही मैगी को ढूंढने और पता बताने वाले को 10 हजार का इनाम एवं सम्मान भी किया जाएगा। मैगी के गायब होने के बाद पूरे परिवार का रो-रो कर बुरा हाल है। मैगी के परिवार का साफ कहना है कि मैगी सिर्फ एक पालतू जानवर नहीं, बल्कि उनकी बेटी की तरह है और उसके बिना घर सूना लगने लगा है।दरअसल जबलपुर शहर इन दिनों एक पालतू डॉग की तलाश में पोस्टरों से भरा हुआ है। राइट टाउन के रहने वाले डॉक्टर अखिलेश तिवारी और उनकी पत्नी निष्ठा की लाड़ली ‘मैगी’ (ब्लैक फीमेल ल्हासा अप्सो) 19 नवंबर को अचानक घर से बाहर निकल गई और फिर लौटकर नहीं आई। परिवार ने हर संभव जगह उसे ढूंढा, सीसीटीवी फुटेज देखे, मोहल्ले में पूछताछ की, लेकिन मैगी का कुछ पता नहीं चल पाया। अब परिवार ने शहर के कई इलाकों में पोस्टर लगाकर अपील की है कि जो भी मैगी को सुरक्षित वापस पहुंचाएगा उसे 10,000 रुपये का इनाम और सम्मान दिया जाएगा। निष्ठा तिवारी बताती हैं कि मैगी को उन्होंने लगभग नौ साल पहले घर लेकर आई थी। उस समय वह छोटी-सी डेढ़ माह की थी जिसे परिवार ने अपनी बच्ची मानकर पाला। समय के साथ “मैगी” घर की सबसे प्यारी सदस्य बन गई। सुबह उठने से लेकर रात को सोने तक हर पल वह उनके साथ रहती थी। निष्ठा तिवारी कहती हैं वह सिर्फ डॉग नहीं, हमारी धड़कन जैसी थी। उसके बिना घर में अजीब-सी खामोशी छाई हुई है।19 नवंबर को न जाने कैसे घर का गेट खुला और मैगी बाहर निकल गई। जब तक किसी ने ध्यान दिया वह गली के मोड़ से आगे निकल चुकी थी। परिवार ने आसपास लगे कैमरों की फुटेज खंगाली, लेकिन कुछ दूरी के बाद उसका पता नहीं चला। यही कारण है कि परिवार ने थक हारकर मदनमहल थाने में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई और पोस्टरों के जरिए पूरे शहर से मदद मांगी है। निष्ठा तिवारी कहती हैं कि यदि किसी के पास मैगी पहुंच गई है तो वे घबराएं नहीं। परिवार उनके खिलाफ कोई शिकायत नहीं करेगा। बस यह उम्मीद है कि जो भी उसे लेकर आएगा, उसे न केवल इनाम मिलेगा बल्कि परिवार जीवन भर उसका आभारी रहेगा। परिवार मैगी को नियमित रूप से पेट पार्लर लेकर जाता था। उसके बालों की ग्रूमिंग से लेकर उसके खाने तक हर चीज पर खास ध्यान दिया जाता था। निष्ठा बताती हैं कि पति अखिलेश मैगी से बेहद जुड़े हुए थे और हर सप्ताह उसके साथ समय बिताने के लिए खास वक्त निकालते थे। इसी महीने मैगी का नौवां जन्मदिन था, जिसे पूरे परिवार ने मनाने की तैयारी भी की थी, लेकिन उससे पहले ही वह गायब हो गई।ल्हासा अप्सो तिब्बत में पाई जाने वाली एक बहुमूल्य नस्ल है। इनकी ऊंचाई लगभग 10–11 इंच और वजन करीब 5.5 से 7 किलो तक होता है। उम्र औसतन 12 से 15 साल तक होती है। बुद्धिमत्ता, सतर्कता और परिवार के प्रति वफादारी इन्हें खास बनाती है। इस नस्ल की कीमत 35 हजार से 50 हजार रुपये तक होती है इसलिए इन्हें बहुत कीमती भी माना जाता है।

जबलपुर से वाजिद खान की रिपोर्ट

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