Azamgarh news :गांव-गांव आसान आवागमन, स्वरोजगार के संग सुगम परिवहन
गांव-गांव आसान आवागमन, स्वरोजगार के संग सुगम परिवहन

आजमगढ़ बलरामपुर से बबलू राय
मुख्यमंत्री ग्राम परिवहन योजना 2026 से ग्रामीणों को नई उम्मीद
आजमगढ़,प्रदेश की ग्रामीण जनता को बेहतर परिवहन सुविधा उपलब्ध कराने और युवाओं को स्वरोजगार से जोड़ने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री ग्राम परिवहन योजना 2026 एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में सामने आई है। इस योजना के माध्यम से सरकार का लक्ष्य है कि प्रदेश के प्रत्येक ग्राम पंचायत को सस्ती और सुगम परिवहन सेवा से जोड़ा जाए, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में आवागमन आसान होने के साथ-साथ स्थानीय युवाओं को रोजगार के अवसर भी मिल सकें।
योजना के तहत इच्छुक व्यक्ति अपने वाहन को निर्धारित मानकों के अनुसार लगाकर स्वरोजगार प्राप्त कर सकते हैं। इसके साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा, स्वास्थ्य, बाजार और अन्य आवश्यक सेवाओं तक पहुंच भी पहले से अधिक सरल हो जाएगी।
वाहन और शुल्क से संबंधित जानकारी
इस योजना के अंतर्गत 15 से 28 सीट क्षमता वाले डीजल, सीएनजी या इलेक्ट्रिक वाहन संचालित किए जा सकते हैं। वाहन की अधिकतम आयु 8 वर्ष निर्धारित की गई है, जबकि एनसीआर क्षेत्र में केवल सीएनजी या इलेक्ट्रिक वाहन ही मान्य होंगे। वाहन संचालन के लिए अनुबंध अवधि 10 वर्ष रखी गई है, जिसे आवश्यकता पड़ने पर 5 वर्ष तक और बढ़ाया जा सकता है।
योजना में आवेदन करने के लिए ₹2000 का आवेदन शुल्क निर्धारित किया गया है, जबकि प्रति वाहन ₹5000 की सिक्योरिटी राशि जमा करनी होगी, जो वापसी योग्य होगी। इसके अतिरिक्त ₹1500 प्रतिमाह का नाममात्र शुल्क निर्धारित किया गया है।
योजना के प्रमुख लाभ
मुख्यमंत्री ग्राम परिवहन योजना के तहत वाहन संचालकों को कई महत्वपूर्ण लाभ दिए जाएंगे। सबसे बड़ी सुविधा यह है कि वाहन परमिट शुल्क से पूरी तरह छूट दी जाएगी। इसके साथ ही वाहन स्वामी को निर्धारित सीमा के भीतर किराया वसूलने का अधिकार होगा और पूरी कमाई उसी की होगी।
वाहन स्वामी अपनी सुविधा के अनुसार मार्ग, फेरे और समय का निर्धारण कर सकते हैं, हालांकि प्रत्येक ग्राम पंचायत में प्रतिदिन कम से कम दो फेरे लगाना अनिवार्य होगा। इसके अलावा एक से अधिक विकास खंडों में बस संचालन की भी अनुमति दी जाएगी। योजना के तहत आवेदन के बाद 15 से 45 दिनों के भीतर चयन प्रक्रिया पूरी करने का लक्ष्य रखा गया है।
जिलाधिकारी की अध्यक्षता में होगा रूट निर्धारण
योजना के अंतर्गत प्रत्येक जनपद में रूट का अंतिम निर्धारण जिलाधिकारी की अध्यक्षता में गठित समिति द्वारा किया जाएगा, ताकि ग्रामीण क्षेत्रों की वास्तविक जरूरतों के अनुसार परिवहन सेवा संचालित हो सके।
दुर्घटना की स्थिति में वाहन स्वामी की जिम्मेदारी
यदि किसी वाहन के साथ दुर्घटना होती है तो प्रभावित व्यक्तियों को मिलने वाली प्रतिकर राशि अथवा बीमा से संबंधित देयता वाहन स्वामी द्वारा वहन की जाएगी। इसलिए वाहन स्वामियों को बीमा और सुरक्षा नियमों का विशेष ध्यान रखने की सलाह दी गई है।
ऐसे करें आवेदन
योजना से संबंधित विस्तृत जानकारी Uttar Pradesh State Road Transport Corporation की आधिकारिक वेबसाइट UPSRTC Official Website (https://upsrtc.up.gov.in�) पर उपलब्ध है। इच्छुक आवेदक विज्ञप्ति जारी होने के 15 दिनों के भीतर अपने क्षेत्र के सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक कार्यालय (UPSRTC) में आवेदन कर सकते हैं।
सरकार की इस पहल से ग्रामीण क्षेत्रों में विकास की गति तेज होने की उम्मीद है। यह योजना जहां गांवों को बेहतर परिवहन सुविधा देगी, वहीं स्थानीय युवाओं को आत्मनिर्भर बनने का भी अवसर प्रदान करेगी। ग्रामीण विकास और स्वरोजगार की दिशा में यह कदम प्रदेश की प्रगति में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाला माना जा रहा है।



