आजमगढ़ में राजस्व वसूली पर डीएम सख्त, बड़े बकायेदारों पर कार्रवाई के निर्देश
बिजली बिल वसूली धीमी होने पर जिलाधिकारी ने जताई नाराजगी

*आज कलेक्ट्रेट सभागार में कर करेत्तर, राजस्व वसूली एवं राजस्व वादों के निस्तारण की मासिक समीक्षा बैठक की गई आयोजित*
*जनपद के सबसे बड़े 10 बकायेदारों के ऊपर कार्यवाही करते हुए वसूली सुनिश्चित करायी जाए- जिलाधिकारी*
*तहसीलों में उपलब्ध भूमि के आधार पर भूमिहीन व्यक्तियों का सत्यापन कराकर नियमानुसार कृषि भूमि आवंटित करें- जिलाधिकारी*
*राजस्व वादों का निस्तारण निर्धारित अवधि में सुनिश्चित किया जाए- जिलाधिकारी*
आजमगढ़ 13 अप्रैल 2026/जिलाधिकारी रविन्द्र कुमार की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में कर करेत्तर, राजस्व वसूली एवं राजस्व वादों के निस्तारण की मासिक समीक्षा बैठक आयोजित की गई।विद्युत देयकों की वसूली में प्रगति कम पाये जाने पर जिलाधिकारी ने कड़ी नाराजगी व्यक्त करते हुए वसूली की प्रगति बढ़ाने के सख्त निर्देश दिये। उन्होने कहा कि वसूली की प्रगति क्यों कम हुई, इसका कारण स्पष्ट करें। जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि निकायवार समीक्षा करते हुए राजस्व वसूली बढ़ाने के निर्देश दिये। उन्होने निर्देश दिया कि जनपद के सबसे बड़े 10 बकायेदारों के ऊपर कार्यवाही करते हुए वसूली सुनिश्चित करायी जाए। उन्होने खान निरीक्षक को निर्देश दिया कि जनपद में कहीं भी अवैध खनन नही होना चाहिए। अवैध खनन करने वालों के विरूद्ध नियमानुसार कड़ी कार्यवाही की जाए। उन्होने निर्देश दिया कि अवैध खनन पकड़े जाने की वीडियोग्राफी/फोटोग्राफी भी कराई जाए तथा एआरटीओ से समन्वय कर वाहनों का चालान भी करायें।कृषि भूमि आवंटन की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने कहा कि तहसीलों में उपलब्ध भूमि के आधार पर भूमिहीन व्यक्तियों का सत्यापन कराकर नियमानुसार कृषि भूमि का पट्टा किया जाए। उन्होने सख्त निर्देश दिया कि खतौनी में नाम मिस्मैच की शिकायत को गम्भीरता से लेते हुए नाम सही कराने की नियमानुसार कार्यवाही की जाए। उन्होने कहा कि स्वामित्व योजना के अन्तर्गत प्रपत्र-7 जनरेट होने के बाद किसी भी स्तर पर कोई प्रकरण लम्बित नही रहना चाहिए।मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना कल्याण योजना की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने कहा कि मृतक कृषकों को नियमानुसार निर्धारित अवधि में दुर्घटना का लाभ दिया जाए, इसमें किसी भी प्रकार से लापरवाही अथवा देरी नही होनी चाहिए। जिलाधिकारी ने समस्त उप जिलाधिकारियों को निर्देश दिया कि भू माफियाओं तथा अतिक्रमणकर्ताओं के विरूद्ध नियमानुसार कड़ी कार्यवाही की जाए। उन्होने कहा कि प्राप्त शिकायत के आधार पर टीम गठित कर जांच कराते हुए दोषी पाये जाने पर भू-माफिया घोषित कर कार्यवाही की जाए। उन्होने कहा कि तहसीलवार सबसे बड़े भू-माफियाओं को चिन्हित कर प्रभावी कार्यवाही की जाए। उन्होने निर्देश दिया कि धारा 80 के प्रकरण को निर्धारित अवधि में गुणवत्तायुक्त निस्तारण किया जाए, कोई भी प्रकरण लम्बित न रहे।जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि दैवीय आपदाओं के कारण जितने भी किसानों के फसलों का नुकसान हुआ है, उनको प्राथमिकता के आधार पर निर्धारित अवधि में भुगतान किया जाए। धारा 34 व धारा 67 के वादों के निस्तारण में प्रगति कम पाये जाने पर जिलाधिकारी ने समस्त संबंधित तहसीलदारों को निर्देश दिया कि निर्धारित अवधि में धारा 34 व 67 के वादों का निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। धारा 24, धारा 116, धारा 38, धारा 80 के वादों के निस्तारण की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने समस्त उप जिलाधिकारियों को निर्देश दिया कि निर्धारित अवधि मे निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। इसके साथ ही जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि फार्मर रजिस्ट्री के कार्य को भी प्राथमिकता के साथ पूरी करायें।बैठक में अपर जिलाधिकारी प्रशासन राहुल विश्वकर्मा, अपर जिलाधिकारी वि0/रा0 गम्भीर सिंह, मुख्य राजस्व अधिकारी संजीव ओझा, समस्त उप जिलाधिकारी/तहसीलदार, जिला आबकारी अधिकारी, एआरटीओ, खान निरीक्षक, वन विभाग के अधिकारी, नायब तहसीलदार सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।



