बांसडीह तहसील पर गोंड समुदाय का धरना 21 अप्रैल को भी जारी रहा..

प्रमुख सचिव के शासनादेश की घोर अवमानना कर रहे हैं बांसडीह तहसीलदार नितिन कुमार सिंह..

बांसडीह! आजादी के पूर्व के भू राजस्व अभिलेखों 1345, 1356, 1359 फसली में गोंड दर्ज है जो आज भी तहसील व कलेक्ट्रेट के रिकॉर्ड रुम में सुरक्षित है! आजादी के पूर्व के जन्म-मृत्यु रजिस्टर फौती में भी स्पष्ट रूप से गोंड़ दर्ज है! प्रमुख सचिव उत्तर प्रदेश शासन समाज कल्याण अनुभाग-3 लखनऊ शासनादेश 3 नवम्बर 2021 द्वारा भी स्पष्ट दिशा निर्देश दिया गया है कि जिन आवेदकों के पूर्वजों के भू-राजस्व अभिलेखों में गोंड अंकित पाया जाय उन्हें तत्काल अनुसूचित जनजाति का प्रमाण पत्र निर्गत कर दिया जाए! इसमें किसी भी प्रकार की हिल-हवाली न की जाय! इसके बावजूद भी बांसडीह तहसीलदार मनमाना रुख अपनाते हुए गोंड अनुसूचित जनजाति का प्रमाण पत्र जारी नहीं कर रहे हैं!

ऑनलाइन आवेदन करने पर आवेदन बार बार अस्वीकृत कर दे रहे हैं! पिछले दिनों बांसडीह तहसीलदार श्री नितिन कुमार सिंह द्वारा 4 गोंड अनुसूचित जनजाति का प्रमाण पत्र जारी किया गया है! जो साक्ष्य-सबूत लेकर यह 4 गोंड जाति प्रमाण पत्र उन्होंने जारी किया है! वैसा ही साक्ष्य- सबूत लेकर धरना प्रदर्शन कर रहे गोंड लोगों का भी जाति प्रमाण पत्र जारी किया जाना चाहिए लेकिन बांसडीह तहसीलदार श्री नितिन कुमार सिंह मनमाना दोहरा मापदंड अपना रहे हैं! गोंड अनुसूचित जनजाति का प्रमाण पत्र सुगमता पूर्वक जारी कराने की मांग को लेकर गोंड समुदाय का बांसडीह तहसील पर चल रहा अनिश्चित कालीन धरना 21 अप्रैल 2026 को भी जारी रहा! गोंगपा बांसडीह तहसील इकाई अध्यक्ष उमाशंकर गोंड ने कहा कि प्रमुख सचिव के शासनादेश का अनुपालन कराने, गोंड अनुसूचित जनजाति प्रमाण पत्र सुगमता पूर्वक जारी कराने की मांग को लेकर आंदोलन के अगले क्रम में जेल भरो आंदोलन भी किया जाएगा! धरना में विजयशंकर गोंड, अजित गोंड, बलिराम गोंड, राजेंद्र गोंड, मुना गोंड, हीरालाल गोंड, मनीष गोंड, हरे कृष्ण गोंड, सोनू गोंड, दिनेश गोंड, उमेश गोंड, राजकुमार गोंड, दयानन्द गोंड, रवि कुमार गोंड, गुलाब गोंड, राम अवध गोंड, अजित कुमार गोंड प्रमुख रूप से रहे!

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