मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मऊ जनपद को दी ₹392 करोड़ से अधिक की 114 विकास परियोजनाओं की महा-सौगात।

अपराध और अपराधियों के लिए उत्तर प्रदेश में कोई जगह नहीं, सुरक्षा में सेंध लगाने वालों का सीधा यमराज करेंगे इंतजार।’

माफिया/गुंडों के सामने नतमस्तक थी सपा सरकार।’

राज्य में त्योहारों और रामलीलाओं में खलल डालने वालों की ‘रावण-कंस’ जैसी दुर्गति तय:- माननीय मुख्यमंत्री

पहले उत्तर प्रदेश का नाम सुनकर लोग पीछे हटते थे, आज यूपी देश के विकास का सबसे बड़ा रोल मॉडल बन चुका है।’

घोसी। मधुबन।प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को मऊ के मधुबन की ऐतिहासिक और शहीदी धरती पर विकास की एक नई इबारत लिखी। मुख्यमंत्री ने यहाँ आयोजित विशाल जनसभा में जनपद केलिए ₹392 करोड़ से अधिक लागत की 114 जनकल्याणकारी परियोजनाओं का भव्य लोकार्पण एवं शिलान्यास किया गया। इसके अलावा मुख्यमंत्री द्वारा विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं से लाभान्वित लाभार्थियों को प्रमाण पत्र/डेमो चेक/ डेमो चाबी का वितरण भी किया गया। इसके पूर्व मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा लगाए गए स्टालों का अवलोकन भी किया गया। गोद भराई एवं अन्नप्राशन का कार्य भी संपन्न किया गया।
जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मऊ के गौरवशाली इतिहास को याद किया और पूर्व की सरकारों में पनपे माफिया तंत्र एवं तुष्टिकरण की राजनीति पर अब तक का सबसे तीखा प्रहार किया। कहा कि अब माफिया खुली जीप में असलहा का प्रदर्शन करते नहीं घूमते हैं।
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन की शुरुआत मऊ जनपद के महान सपूतों को याद करते हुए की। उन्होंने महान क्रांतिकारी व साहित्यकार पंडित श्याम राम नारायण पांडे, महान समाज सुधारक स्वामी सहजानंद सरस्वती, मऊ को विकास की आधुनिक पहचान दिलाने वाले पूर्व केंद्रीय मंत्री स्वर्गीय कल्पनाथ राय और पूर्व राज्यपाल फागू चौहान की इस पावन धरा को कोटि-कोटि नमन किया।
इसके साथ ही, मुख्यमंत्री ने भारत रत्न चौधरी चरण सिंह जी को उनकी पुण्यतिथि पर विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि अन्नदाता किसानों के हितों के लिए चौधरी साहब का योगदान देश हमेशा याद रखेगा।
जनता के साथ सीधा संवाद स्थापित करते हुए मुख्यमंत्री ने लोकतंत्र की ताकत का महत्व समझाया। उन्होंने कहा, “जब आप अच्छे लोग चुनकर भेजते हैं, तो एक अच्छी सरकार बनती है। और जब अच्छी सरकार आती है, तो वह अपने साथ बिना किसी भेदभाव के विकास लेकर आती है। जब एक सड़क, अस्पताल, पुल या बाढ़ सुरक्षा का काम होता है, तो वह किसी की जाति पूछकर लाभ नहीं देता। इसके विपरीत, जब गलत लोग चुने जाते हैं, तो जनता की गाढ़ी कमाई के पैसे पर डकैती पड़ती है, बेटियों की सुरक्षा खतरे में पड़ती है और युवाओं के सामने पहचान का संकट खड़ा हो जाता है।”
डबल इंजन सरकार द्वारा मऊ जनपद के लिए जारी विकास कार्यों का ब्योरा देते हुए मुख्यमंत्री ने बताया:
लोकार्पण (38 परियोजनाएं): इसमें मुख्य रूप से 10 बड़ी सड़कें, पुल, पुलिस बल की अवस्थापना से जुड़ी 6 योजनाएं, ग्रामीण पेयजल की 10 योजनाएं, राजकीय पॉलिटेक्निक, गरीब बालिकाओं के लिए कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय और राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान शामिल हैं।
शिलान्यास (76 परियोजनाएं): लगभग ₹37 करोड़ की लागत से बनने वाली 55 ग्रामीण व मुख्य सड़कें, चिकित्सा, नगर विकास की 6 और पर्यटन को बढ़ावा देने वाली 3 महत्वपूर्ण परियोजनाओं का शिलान्यास किया गया।
पूर्व की समाजवादी पार्टी सरकार को आड़े हाथों लेते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, “जिन लोगों की उम्र आज 30-35 वर्ष से ऊपर है, वे भूल नहीं सकते कि 21 वर्ष पहले वर्ष 2005 में इसी मऊ को दंगे की आग में झोंकने का कुत्सित प्रयास किया गया था। आस्था के केंद्र रामलीला के आयोजनों में व्यवधान डाला जाता था। तत्कालीन सत्ता के रक्षक माफिया के सामने नतमस्तक थे, उनके सामने पसीने छोड़ते थे। गुंडे और शोहदे खुलेआम घूमते थे, बेटियां स्कूल नहीं जा पाती थीं और व्यापारी सूर्यास्त से पहले डर के मारे अपने प्रतिष्ठान बंद कर देते थे। उस दंगा और कर्फ्यू ग्रस्त माहौल के कारण हमारे युवाओं को प्रदेश के बाहर अपनी पहचान छुपाने के लिए मजबूर होना पड़ता था।”
माफिया और अपराधियों को कड़ा संदेश देते हुए मुख्यमंत्री ने गर्जना की, “2017 के बाद उत्तर प्रदेश का परसेप्शन पूरी तरह बदल चुका है। अब राज्य में किसी माफिया या गुंडे में यह दुस्साहस नहीं है कि वह खुली जीप में पिस्तौल लहराते हुए किसी हिंदू या निर्दोष नागरिक को धमका सके। अगर किसी ने भी हमारी बेटी या व्यापारी की सुरक्षा की तरफ आँख उठाकर भी देखा या सेंध लगाई, तो उसका सीधे यमराज के घर जाने का रास्ता तय है।”

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उन्होंने आगे कहा, “अब उत्तर प्रदेश में रामनवमी, जन्माष्टमी, रक्षाबंधन, शिवरात्रि और माता की चौकियां पूरी भव्यता के साथ मनाई जाती हैं। यदि किसी ने इन पावन पर्वों और धार्मिक आयोजनों में व्यवधान डालने की कोशिश की, तो उसकी रावण और कंस जैसी दुर्गति होना निश्चित है।
मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के ‘सबका साथ, सबका विकास’ के मंत्र को दोहराते हुए कहा कि हमारी सरकार के लिए केवल चार ही जातियां सर्वोपरि हैं – गरीब, युवा, नारी और अन्नदाता किसान। यदि इन चारों का उत्थान हो जाए, तो भारत को दुनिया की महाशक्ति बनने से कोई नहीं रोक सकता।
उन्होंने सपा और कांग्रेस को कटघरे में खड़ा करते हुए पूछा कि आखिर क्यों उनके शासनकाल में गरीबों को 65 लाख पक्के आवास नहीं मिले? क्यों करोड़ों माताओं-बहनों को शौचालय और मुफ्त राशन के लिए तरसना पड़ा? यह सवाल सपा और कांग्रेस से पूछा जाना चाहिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज बिना किसी सिफारिश के उत्तर प्रदेश के 10 करोड़ से अधिक जरूरतमंद लोगों को आयुष्मान भारत और मुख्यमंत्री जन आरोग्य योजना के तहत मुफ्त इलाज की गारंटी मिली हुई है। इसके अतिरिक्त, ‘मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना बीमा योजना’ के अंतर्गत यदि किसी किसान या बटाईदार के साथ कोई अनहोनी होती है, तो हमारी सरकार के जनप्रतिनिधि मात्र 24 घंटे के भीतर पीड़ित परिवार के घर जाकर ₹5 लाख की सहायता राशि सौंपते हैं।

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इस ऐतिहासिक शिलान्यास एवं लोकार्पण समारोह के दौरान मंच पर नगर विकास एवं ऊर्जा मंत्री ए.के. शर्मा, कारागार मंत्री दारा सिंह चौहान, सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (SBSP) के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं कैबिनेट मंत्री ओम प्रकाश राजभर, मऊ के प्रभारी व खेल मंत्री गिरीश चंद्र यादव, मधुबन के लोकप्रिय विधायक राम विलास चौहान, विधान परिषद सदस्य बिच्छेलाल राजभर, विक्रांत सिंह ऋषु, जिला पंचायत अध्यक्ष मनोज राय, सुनील गुप्ता और भाजपा के जिला अध्यक्ष रामाश्रय मौर्य, पूर्व विधायक विजय राजभर, अखिलेश तिवारी सहित भारी संख्या में क्षेत्रीय जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी और विशाल जनसमूह उपस्थित रहा।

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