राजाराम स्मारक इंटर कॉलेज में मनाई गई बाल गंगाधर तिलक एवं चंद्रशेखर आजाद की जयंती
Birth anniversary of Bal Gangadhar Tilak and Chandrasekhar Azad celebrated at Rajaram Memorial Inter College

गंभीरपुर /आजमगढ़।मुहम्मदपुर शिक्षा क्षेत्र के ग्राम सभा गंभीरपुर स्थित क्षेत्र के प्रतिष्ठित शिक्षण संस्थान राजाराम स्मारक इंटर कॉलेज में गुरुवार को महान स्वतंत्रता सेनानी लोकमान्य बाल गंगाधर तिलक एवं अमर शहीद चंद्रशेखर आजाद की जयंती श्रद्धा और सम्मान के साथ मनाई गई।
कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि अरुणाकर सिंह हैप्पी द्वारा बाल गंगाधर तिलक एवं चंद्रशेखर आजाद के चित्रों पर माल्यार्पण तथा दीप प्रज्वलन कर किया गया। इसके बाद उपस्थित सभी लोगों ने दोनों महान विभूतियों के चित्रों पर पुष्प अर्पित कर उन्हें नमन किया।
अपने संबोधन में अरुणाकर सिंह हैप्पी ने बाल गंगाधर तिलक के जीवन एवं उनके योगदान पर प्रकाश डालते हुए बताया कि उनका जन्म 23 जुलाई 1856 को महाराष्ट्र के रत्नागिरी में हुआ था। उनके पिता गंगाधर रामचंद्र तिलक एक प्रसिद्ध शिक्षक एवं संस्कृत विद्वान थे। तिलक ने बॉम्बे विश्वविद्यालय से गणित एवं संस्कृत में स्नातक तथा एल.एल.बी. की शिक्षा प्राप्त की।
उन्होंने कहा कि बाल गंगाधर तिलक ने भारतीयों को शिक्षित और सशक्त बनाने के उद्देश्य से वर्ष 1880 में पुणे में न्यू इंग्लिश स्कूल तथा 1884 में डेक्कन एजुकेशन सोसाइटी की स्थापना की। उन्होंने बाल विवाह का विरोध और विधवा पुनर्विवाह का समर्थन करते हुए समाज सुधार के क्षेत्र में भी महत्वपूर्ण योगदान दिया।
चंद्रशेखर आजाद के जीवन पर प्रकाश डालते हुए अरुणाकर सिंह हैप्पी ने बताया कि उनका जन्म 23 जुलाई 1906 को वर्तमान मध्य प्रदेश के अलीराजपुर जिले के भाबरा गांव में हुआ था। उनके पिता का नाम पंडित सीताराम तिवारी तथा माता का नाम जगरानी देवी था।
उन्होंने बताया कि वर्ष 1921 में महात्मा गांधी के असहयोग आंदोलन में शामिल होने के दौरान पहली बार गिरफ्तारी पर जब मजिस्ट्रेट ने उनका नाम पूछा, तो उन्होंने अपना नाम “आज़ाद”, पिता का नाम “स्वतंत्र” और पता “जेल” बताया। तभी से वे चंद्रशेखर आजाद के नाम से प्रसिद्ध हो गए।
कार्यक्रम में शुभम मौर्य, संजय यादव सहित विद्यालय के शिक्षक, छात्र-छात्राएं एवं क्षेत्र के अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे।



