सीतापुर में सपा का जोरदार शक्ति प्रदर्शन, जासमीर अंसारी के नेतृत्व में उठा लोकतंत्र बचाने का मुद्दा

जनता की आवाज के लिए संघर्ष-यही जासमीर अंसारी की पहचान है।

जासमीर अंसारी का दमदार नेतृत्व

लोकतंत्र और मतदाता अधिकारों की आवाज को मजबूती से उठाते हुए जासमीर अंसारी ने सीतापुर में शानदार नेतृत्व का परिचय दिया। उनके नेतृत्व में निकला पैदल मार्च कार्यकर्ताओं के जोश, एकजुटता और संघर्ष की मजबूत तस्वीर बना।

इस समाचार को हम तक पहुंचने में मदद की है अबू सहमा ने 

सीतापुर। समाजवादी पार्टी ने गुरुवार दोपहर करीब 2 बजे शहर में जोरदार शक्ति प्रदर्शन करते हुए ‘वोट बचाओ-देश बचाओ’ और ‘लोकतंत्र बचाओ’ अभियान के तहत पैदल मार्च निकाला। सपा कार्यालय से कलेक्ट्रेट तक निकाले गए इस मार्च में बड़ी संख्या में पार्टी नेता और कार्यकर्ता शामिल हुए। हाथों में सपा के झंडे लिए कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार और चुनाव आयोग के खिलाफ नारेबाजी करते हुए मतदाता अधिकारों की सुरक्षा का मुद्दा प्रमुखता से उठाया।प्रदर्शन की अगुवाई कर रहे नेता प्रतिपक्ष विधान परिषद जासमीर अंसारी ने कार्यकर्ताओं में जोश भरते हुए लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा के लिए मजबूती से आवाज उठाई। उनके नेतृत्व में निकला पैदल मार्च शहर के प्रमुख मार्गों से होता हुआ कलेक्ट्रेट पहुंचा। अंसारी ने कहा कि लोकतंत्र की मजबूती के लिए मतदाता सूची में पारदर्शिता और हर पात्र नागरिक के मताधिकार की सुरक्षा बेहद जरूरी है।प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने ‘लोकतंत्र बचाओ, देश बचाओ’, ‘वोट चोर, गद्दी छोड़’ और ‘ज्ञानेश कुमार इस्तीफा दो’ जैसे नारे लगाए। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ भी कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी की। सपा नेताओं ने आरोप लगाया कि एसआईआर (विशेष गहन पुनरीक्षण) के नाम पर मतदाता सूची में गड़बड़ी की आशंका है और पात्र मतदाताओं के नाम हटाए जा सकते हैं।कलेक्ट्रेट पहुंचने के बाद बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं के जुटने पर पुलिस प्रशासन ने मुख्य गेट बंद कर दिया। प्रदर्शनकारियों को परिसर में प्रवेश से रोकने के लिए बैरिकेडिंग की गई। इस दौरान पुलिस और सपा कार्यकर्ताओं के बीच धक्कामुक्की की स्थिति भी बनी, हालांकि पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित रखते हुए प्रदर्शनकारियों को कलेक्ट्रेट परिसर में प्रवेश नहीं करने दिया।जासमीर अंसारी ने अपने संबोधन में कहा कि लोकतंत्र में जनता का वोट उसकी सबसे बड़ी ताकत है और किसी भी पात्र नागरिक को उसके मताधिकार से वंचित नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने एसआईआर प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं की जांच कराने और मतदाता सूची को पारदर्शी एवं निष्पक्ष बनाने की मांग उठाई। उनके संबोधन के दौरान कार्यकर्ताओं में खासा उत्साह दिखाई दिया और समर्थकों ने जोरदार नारेबाजी की।अंसारी के नेतृत्व में निकले मार्च में सपा कार्यकर्ताओं की बड़ी मौजूदगी ने पार्टी की संगठनात्मक सक्रियता भी प्रदर्शित की। कार्यकर्ताओं में जोश और एकजुटता नजर आई। सपा नेताओं ने कहा कि मतदाता सूची की शुचिता और नागरिकों के मताधिकार की रक्षा किसी भी लोकतांत्रिक व्यवस्था की बुनियाद है।प्रदर्शन में पूर्व मंत्री नरेंद्र वर्मा, रामपाल राजवंशी समेत बड़ी संख्या में सपा पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे। सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए कलेक्ट्रेट परिसर और आसपास के क्षेत्रों में पुलिस बल तैनात किया गया था।

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