भदोही:प्रदूषण निस्पादन समिति एवं जिला गंगा/पर्यावरण समिति की जिलाधिकारी ने की बैठक
वरूणा नदी के दोनों किनारों पर डीएफओ करायेगें प्लान्टेशन -जिलाधिकारी

रिपोर्ट: अशरफ अंसारी
भदोही। जिलाधिकारी गौरांग राठी की अध्यक्षता में राष्ट्रीय हरित टिब्यूनल के अनुपालन में प्रदूषण के सम्बन्धित निष्पादन समिति की समीक्षा एवं जिला गंगा व पर्यावरण समिति की बैठक कलेक्ट्रेट सभागार में सम्पन्न हुई। उप्र प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के रिजनल आफिसर डॉ एस सी शुक्ला ने बताया कि जनपद भदोही के अन्तर्गत मोरवा व वरूणा नदी के आने वाले क्षेत्रों को प्रदूषण मुक्त बनाने के लिए विभिन्न कार्यवाही की जा रही है। उन्होंने बताया कि वरूणा नदी पर दो धरौहरा एवं नई बाजार बस्ती तथा मोरवा नदी पर बुर्बुसपुर एवं चौरी पर डेªन की कार्यवाही की जा रही है। नगर पालिका परिषद भदोही के अन्तर्गत दो एसटीपी-रजपुरा व अन्य, नगर पालिका परिषद गोपीगंज के अन्तर्गत एक एसटीपी निर्माण हेतु कार्यवाही प्रगति पर है। उन्होंने बताया कि जनपद में पहली बार वायु, गुणवत्ता के मापन हेतु मशीन भदोही नगर पालिका परिषद कार्यालय भदोही में लगायी जायेगी। जिससे जनपद में स्वच्छ वायु एवं उसको प्रदूषित करने वाले घटको व कारको से जनपदवासियों को जागरूक कराया जा सके।
जिलाधिकारी ने प्रभागीय वनाधिकारी को निर्देशित किया कि जनपद में वरूणा नदी के दोनों तटो पर वृक्षारोपण करने का निर्देश दिया।‘‘जिला पर्यावरण समिति’’ के अन्तर्गत प्रभागीय वनाधिकारी नीरज आर्य ने अवगत कराया कि जनपद में संचालित होटल व अन्य रेस्टोरेंट से निसृत किये जा रहे तरल अपसिष्ट के प्रबन्धन हेतु किये जा रहे कार्यो पर बल दिया। लेगेसी वेस्ट के प्रबन्धन हेतु किये जाने वाले कार्यवाहियों से बैठक को अवगत कराया गया। ठोस अपसिष्ट का डोर-टू-डोर माध्यम से एकत्रीकरण एवं उसके पृथककरण हेतु किये जा रही कार्यवाही की वर्तमान स्थिति की वार्ड संख्या के अनुसार समीक्षा की गयी। ठोस अपशिष्ट का ट्रांसफर स्टेशन डम्पींग साईट क्षमता एवं कार्यात्मक स्थिति पर बल दिया गया। ठोस अपशिष्ट का निस्तारण वेस्ट टू कम्पोस्ट एवं वेस्ट टू एनर्जी माध्यम से किये जा रहे कार्यवाही पर जोर दिया गया। प्लास्टिक अपशिष्टों को रिसायकल एवं प्रबन्धन की कार्यवाही से अवगत कराया गया। जैव चिकित्सा, अपशिष्ट, प्रबन्धन के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु जनपद में संचालित समस्त हेल्थ केयर फैसिलिटी का ऑथराईजेशन उप्र नियंत्रण बोर्ड वाराणसी द्वारा किया जाय।
जिलाधिकारी की अध्यक्षता में आहूत ‘‘जिला गंगा समिति’’ की बैठक में प्रभागीय वनाधिकारी नीरज आर्य ने बताया कि गंगा घाटो पर सूखा एवं गीला कचरा के एकत्रीकरण एवं ठोस अपशिष्ट के प्रबन्धन हेतु डस्टबीन लगाया गया है। जनपद में किसानों को जैविक खेती के लिए प्रेरित किया जाय। औद्योगिक ईकाईयों से निस्तृत होने वाले तरल अपशिष्ट की जॉच की जाय। तथा अपशिष्ट की गुणवत्ता प्रस्तावित मानक के अनरूप न होने की दशा में उचित दण्डात्मक कार्यवाही की जायेगी। साथ ही पर्यावरण सम्बन्धित विभिन्न बिन्दुओं व आयामों पर जिलाधिकारी ने जोर देते हुए जनपदवासियों को पर्यावरण मित्र या हितैशी क रूप में कार्य करने हेतु जागरूक करने की अपील किया।



