भदोही:ईद के चांद का दीदार होने तक पढ़ते रहें तरावीह: मौलाना कुतुबुद्दीन
नगर के पश्चिम तरफ मोहल्ले में स्थित ताहा जामा मस्जिद में विशेष नमाज-ए-तरावीह मुकम्मल

भदोही। नगर के मोहल्ला पश्चिम तरफ में स्थित ताहा जामा मस्जिद में गुरुवार की रात मुकद्दस माह-ए-रमजान में पढ़ी जाने वाली विशेष नमाज तरावीह मुकम्मल हुई। तरावीह मुकम्मल कराने के बाद मुक्तदियों ने हाफिज सद्दाम को फूल माला पहनाकर इस्तकबाल किया और मुबारकबाद दी।
इस दौरान मस्जिद के पेश इमाम मौलाना कुतुबुद्दीन मिस्बाही ने तकरीर करते हुए मुकद्दस माह-ए-रमजान की फजीलत को बयान किया। उन्होंने कहा कि रमजान का महीना इबादतों का महीना है। ऐसे में सभी मोमिन को चाहिए कि वह रोजा रखकर ज्यादा से ज्यादा इबादत करें। मौलाना ने कहा कि तरावीह मुकम्मल हो जाने के बाद अधिकांश लोग एशा की नमाज तक अदा करना भूल जाते हैं। जबकि तरावीह चांद से चांद तक पढ़ी जाती है। अगर तरावीह मुकम्मल हो गई है तो एक बार फिर तरावीह पढ़ी जा सकती है। उसके बाद सूरह तरावीह ईद का चांद दिखने तक पढ़ सकते हैं। अंत में मौलाना कुतुबुद्दीन ने दुआ की। वहीं मुक्तदियों ने भी अपने दोनों हाथों को बारगाह-ए-इलाही में फैला कर मुल्क में अमन-चैन कायम रखने तथा आलम-ए-इस्लाम के लिए दुआएं मांगी। जो परेशान-ए-हाल है उनकी परेशानियों को दूर करने, जो बीमार है उनकी शिफा के लिए भी दुआएं हुई। दुआओं में एक साथ लोगों ने आमीन कहीं। उसके बाद सलातो सलाम का नजराना पेश किया गया।
इस मौके पर हाफिज आकिब खां, हाजी मुजीब खां, हाजी असलम खां, हाजी सैयद लख्खू, इश्तियाक शाह लख्खू, जुनैद खां, बाबू बेग, सगीर खां, मासूक खां, अनीस खां, शब्बीर खां, हफीज खां, तौकीर हयात खां, जावेद खां, मुस्लिम खां, हसीब खां, तनवीर हयात खां, महमूद खां, फरीद खां, मुजाहिद अली खां, इमामुद्दीन अंसारी, आमिर खां, शोएब अंसारी, शकील खां, अब्दुल रहमान खां, रशीद खां, तंजील रब्बानी खां, वकील खां, आरिफ सिद्दिकी, अकबर अली खां, शहनवाज खां, कफील खां, बाबार खां, सरजील खां, औरंगजेब खां, मो.हसन फिरोज व मो.हम्द फिरोज आदि प्रमुख रूप से मौजूद रहें।
चित्र परिचय: मुक्तदियों के साथ हाफिज सद्दाम।



