भदोही:जमुंद के अकबरी मस्जिद में नमाज-ए-तरावीह मुकम्मल

तरावीह मुकम्मल होने के बाद हुई कारोबार में खैरों बरकत के लिए दुआएं

रिपोर्ट:अशरफ संजरी

भदोही। नगर के जमुंद मोहल्ले में स्थित अकबरी मस्जिद में शनिवार को रमजान के 15वीं शब को
मुकद्दस माह-ए-रमजान में पढ़ी जाने वाली विशेष नमाज तरावीह मुकम्मल हुई। हाफिज शहनवाज हुसैन ने तरावीह मुकम्मल कराई तो मुक्तदियों ने उनको फूलों का हार पहनाकर इस्तकबाल किया। गले मिलकर मुबारकबाद दी।इस दौरान हाफिज शहनवाज हुसैन ने वहां पर मौजूद नमाजियों को खिताब करते हुए मुकद्दस माह-ए-रमजान और कुरआन पर रौशनी डाली। इसके साथ ही उन्होंने इस महीने की बरकत और फजीलत बयान किया। साथ ही इस मुकद्दस महीने के इबारत की अहमियत को बताया। हाफिज शहनवाज ने कहा कि यह महीना मुसलमानों के लिए काफी मुकद्दस है। ऐसे में सभी मोमिनों को चाहिए कि वह रोजा रखे और कुरआन की तिलावत के साथ खूब इबादत करें। कुरआन को अल्लाह ने मुसलमानों के लिए एक बहुत बड़ी नेमत बनाकर भेजा है। जिसमें सभी मसलों का हल मौजूद है। उसके बाद हाफिज शहनवाज ने बारगाह-ए-परवरदिगार में दोनों हाथों को फैलाकर मुसलमानों के कारोबार में खैरों बरकत के लिए दुआएं मांगी तो सभी ने एक साथ आमीन कहा। अंत में सलातो सलाम का नजराना पेश किया गया।
इस मौके पर सभासद गुलाम हुसैन संजरी, हाजी जमील खां, हाजी सफीक खां, हाजी इम्तियाज खां, आजम खां, शकील खां, हलीम खां, एकबाल खां, अब्दुल्लाह इम्तियाज, गुड्डू संजरी, शाहनवाज खां, मुख्तार खां, गुड्डू खालसा, अहमद खुर्शीद, नसीम अंसारी, फखरे संजरी, इमरान खां, जाफर खां, अली अकबर, फखरे मुन्ना, अच्छू खां, पन्नू खां, नेहाल खां, जिया सिद्दीकी, अमान मकबूल, अशरफ संजरी, ओसामा अहसन व दानिश खां आदि प्रमुख रूप से मौजूद रहें।

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