आजमगढ़:हायरे डिलेवरी का व्यापार जगई यादव के फोन से प्रतिमा पांडे पर लटकी कार्रवाई की तलवार,अब एम वाई सी के बाद डिप्टी सी एम ओ करेंगे जांच, क्या आरोपित स्टाफ नर्स प्रतिमा पांडे के ऊपर आजाएगी आंच

Azamgarh: Hire delivery business Jagai Yadav's phone hangs the sword of action on Pratima Pandey, now after MYC, Deputy CMO will investigate, whether the accused staff nurse Pratima Pandey will come on fire

आजमगढ़ से रोशन लाल की खास रिपोर्ट

आजमगढ़ जिला के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बिलरियागंज में तैनात स्टाफ नर्स प्रतिमा पांडे की शिकायत जनता के बीच आम हो गई है। सूत्रों के अनुसार यदि कोई डिलेवरी केस सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बिलरियागंज में जाती है तो प्रतिमा पांडे द्वारा प्रतेक डिलेवरी से दो से ₹3000 और ₹5000 तक की डिमांड की जाती है। पैसा ना देने पर मरीज को रेफर कर देने की बात की जाती है। इस बात की सच्चाई 30 जून 2024 को तब सामने आई जब बिलरियागंज थाना क्षेत्र के कानधरपुर गांव निवासी श्रीमती पूनम यादव पत्नी सुरेश यादव को डिलेवरी होनी थी। जिसे डिलेवरी के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य बिलरियागंज पर लाया गया। उसके बाद वहां मौजूद स्टाफ नर्स पूनम के परिजनों से₹2000 तक की डिमांड करने लगी और कहने लगीं कि अगर पैसा नहीं मिला तो हम केश रेफर कर देंगे इस पर परिजनों ने विरोध किया। और कहा कि सरकारी अस्पतालों में कहां पैसा लगता है पैसा नहीं देंगे। इस पर प्रतिमा पांडे ने कहा कि आप पैसा नहीं देंगे तो टांका नहीं लग पाएगा और हम मरीज को रेफर कर देंगे उन्होंने बताया कि मरीज के आपरेशन बाहर से समान मांगना पड़ता है। जब पैसा नहीं मिला तो प्रतिमा पांडे द्वारा इमरजेंसी में मौजूद डॉक्टर पे रेफर लेटर बनवाने का दबाव डालने लगी संभवतः रेफर लेटर बन भी गया था। किंतु मरता क्या नहीं करता इसके बाद पीड़ित परिवार नेपर्टिमा पांडे को रुपए 2000 दे दिया। तब तक जानकारी होने पर जगई यादव ने प्रभारी चिकित्सा अधिकारी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बिलरियागंज से संपर्क करके सारी बातें बता दिया। इसके बाद प्रभारी चिकित्सा अधिकारी डॉक्टर सतीश चंद्र कनौजिया ने मौके पर जाकर छानबीन की तो मामला सत्य पाया गया। तब डॉक्टर साहब ने स्टाफ नर्स प्रतिमा पांडे से पैसा लेने का कारण पूछा तो प्रतिमा पांडे ने कहा कि टांका लगाने के लिए सारा सामान बाहर से लाना पड़ता है। उसके लिए यहां सामान उपलब्ध नहीं है । तब प्रभारी चिकित्सा अधिकारी ने कहा कि सरकारी अस्पतालों में सारे सामान रखे हैं आप वहां से लेकर प्रयोग करिए और पैसा वापस कर दीजिए। इसके बाद भी स्टाफ नर्स प्रतिमा पांडे के कानपर जूं तक नहीं रेंगा।और वह पैसा वापस नहीं की इसके बाद पीड़ित पक्ष मुख्य चिकित्सा अधिकारी आजमगढ़ से संपर्क किया। मुख्य चिकित्सा अधिकारी आजमगढ़ को जब जानकारी हुई तो उन्होंने तुरंत इसकी जांच के लिए प्रभारी चिकित्सा अधिकारी बिलरियागंज को लिखा । जिस संबंध में प्रभारी चिकित्सा अधिकारी बिलरियागंज में स्टाफ नर्स प्रतिमा पांडे की सारी कहानी सीएमओ आजमगढ़ को कार्रवाई के लिए भेज दिया। और साथ ही साथ सीएमओ को अवगत कराया की प्रतिमा पांडे यहां 19 . 5 . सन 2012 से कार्यरत हैं और उनसे मैरिज संतुष्ट नहीं होते हैं कभी-कभी पैसा न मिलने पर यह भी मरीजो से उलझ जाती हैं। यह सारी शिकायत हमेशा मिला करती है।जब इस संबंध में सी एम ओ आजमगढ़ से पूछा गया तो उन्होंने कहा कि हमने इसकी जांच के लिए डिप्टी सी एम ओ को मार्क कर दिया है ।

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