भारत सरकार के कपड़ा मंत्री ने किया अंतर्राष्ट्रीय कालीन मेले का उद्घाटन
नई दिल्ली के मंडप्पम के हाल नंबर 1 में 14 से 17 अप्रैल तक आयोजित किया जाएगा यह कालीन मेला पहले दिन लगभग 34 देशों से रिकॉर्ड संख्या में 125 विदेशी कालीन खरीदार ने किया मेले में प्रतिभाग

भदोही। कालीन निर्यात संवर्धन परिषद द्वारा भारत मंडप्पम के हाल नंबर 1 में आयोजित चार दिवसीय कालीन मेला 14 से 17 अप्रैल 2025 तक का शुभारम्भ सोमवार को मुख्य अतिथि भारत सरकार के कपड़ा मंत्री गिरिराज सिंह व विकास आयुक्त हस्तशिल्प भारत सरकार अमृत राज दीप जलाकर किया।
इस अवसर पर सीईपीसी अध्यक्ष कुलदीप राज वाटल, प्रशानिक समिति के सदस्य अनिल कुमार सिंह, असलम महबूब, महाबीर प्रताप, बोधराज मल्होत्रा, वासिफ अंसारी, दीपक खन्ना, हुसैन जफर हुसैनी, इम्तियाज अहमद, मेहराज यासीन जैन, पीयूष कुमार बरनवाल, रोहित गुप्ता, संजय गुप्ता शौकत खां, और शेख आशिक अहमद के साथ अन्य सदस्य निर्यातक के अलावा डाक्टर स्मिता नागरकोटी, कार्यकारी निदेशक सह-सचिव मौजूद रही। केंद्रीय कपड़ा मंत्री गिरिराज सिंह ने एक्सपो में विभिन्न कालीन स्टालों का दौरा किया और विभिन्न प्रकार के रंग बिरंगी कालीनों को देखकर मोहित हुए। उन्होंने कहा कि उद्योग के विकास के लिए उनका पूरा समर्थन है और हमेशा निर्यातकों के साथ खड़े है। उन्होंने कहा कि उद्योग की विकास के लिए सरकार की तरह से पूरा सहयोग कराने का आश्वाशन दिया। इंडिया कार्पेट एक्सपो एशिया के सबसे बड़े हस्तनिर्मित कालीन मेलों में से एक है। जहां खरीदारों को एक ही छत के नीचे बेहतरीन हस्तनिर्मित कालीन, गलीचे और अन्य फ़्लोर कवरिंग खरीदने का अनूठा मंच मिलता है। 160 प्रदर्शकों की भागीदारी के साथ, यह हस्तनिर्मित कालीनों के लिए दुनिया भर में एक लोकप्रिय गंतव्य बन गया है।पहले दिन लगभग 34 देशों से रिकॉर्ड संख्या में 125 विदेशी कालीन खरीदार मुख्य रूप से अर्जेंटीना, आष्ट्रेलिया, ब्राज़ील, फ्रांस, कनाडा, इसराइल, टर्की, जापान, रुस, यूएसए, यूके. इटली, स्वीडेन, जर्मनी, नीदरलैंड, पोलैंड और 75 खरीद प्रतिनिधियों ने इस ग्रामीण आधारित कुटीर क्षेत्र के लिए व्यवसाय उत्पन्न करने के लिए एक्सपो का दौरा किया। सीईपीसी के चेयरमैन कुलदीप राज वाटल ने कहा कि इंडिया कार्पेट एक्सपो अंतर्राष्ट्रीय कालीन खरीदारों, खरीददारों, खरीद एजेंटों, आर्किटेक्ट्स और भारतीय कालीन निर्माताओं और निर्यातकों के लिए एक आदर्श मंच है। जहां वे एक-दूसरे से मिलकर दीर्घकालिक व्यापारिक संबंध स्थापित कर सकते हैं। यह प्रदर्शनी हस्तनिर्मित कालीन के भारतीय निर्यात को और अधिक और नई ऊंचाइयों पर ले जाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। श्री वाटल ने आगे कहा कि भाग लेने वाले निर्माताओं और निर्यातकों के लिए जबरदस्त व्यावसायिक अवसर हैं। क्योंकि दुनिया भर से हस्तनिर्मित कालीनों के कई प्रमुख खरीदार इस शो में भाग लेंगे और निकट भविष्य में हज़ारों करोड़ से अधिक के ऑर्डर निष्पादित होने की उम्मीद है। कालीन एक्सपो में नए डिज़ाइन प्रदर्शित किए जा रहे हैं।



