17 वर्षीय UPSC छात्र ने खुद का निजी अंग काटा-जांच जारी”

लीड: प्रयागराज — यूपीएससी की तैयारी कर रहे 17 वर्षीय छात्र ने कथित रूप से खुद का निजी अंग काट लिया और गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती है। परिवार का कहना है कि युवक लंबे समय से स्वयं को लड़की महसूस करता था और उसने इंटरनेट व एक निजी चिकित्सक से जानकारी लेने के बाद यह कदम उठाया।
मुख्य समाचार:
प्रयागराज के सिविल लाइंस इलाके में किराये के कमरे में रहने वाला यह छात्र अमेठी का निवासी बताया जा रहा है। परिवार के अनुसार वह अपने माता-पिता का इकलौता पुत्र है और पिता किसान हैं। युवक फिलहाल ग्रेजुएशन के साथ यूपीएससी की तैयारी कर रहा था।
परिवार के बयान और स्थानीय सूत्रों के अनुसार, युवक ने गूगल और यूट्यूब पर “लड़की बनने” से जुड़ी जानकारी खोजी। पुलिस व परिजन यह बताते हैं कि युवक ने प्रयागराज के कटरा इलाके के एक निजी चिकित्सक से भी मुलाकात की और चिकित्सक ने उसे घरेलू तरीके से इस तरह का क़दम उठाने के बारे में जानकारी दी — ऐसा परिवार का कहना है। विद्यार्थ्ी ने कथित रूप से एनेस्थीसिया का इंजेक्शन, सर्जिकल ब्लेड और अन्य सामान खरीदे और कमरे में अकेला बैठकर अपना निजी अंग काट लिया। बाद में वह गंभीर वेदना के कारण अस्पताल में भर्ती हुआ।
हालांकि युवक का कहना है कि अब वह खुद को लड़की मानता है और उसे अपनी आवाज भी लड़कियों जैसी लगती है, पर घटना के परिजनों और चिकित्सकों से मिले बयान सत्यापित किए जा रहे हैं। अस्पताल ने फिलहाल मरीज की पहचान गुप्त रखी है और उसकी गंभीरतम मेडिकल स्थिति का विवरण साझा नहीं किया है।
प्राथमिक पूछताछ व कार्रवाई:
घटना की सूचना मिलने पर स्थानीय पुलिस व चिकित्सकीय टीम मामले की जाँच कर रहे हैं। पुलिस ने कहा है कि पूरे घटनाक्रम की गंभीरता को देखते हुए चिकित्सक के बयान और उपलब्धियों की सत्यता जाँची जाएगी। (यदि आपने अस्पताल या पुलिस से आधिकारिक बयान प्राप्त कर लिया है तो उसे यहाँ जोड़ें।)
सावधानी और विशेषज्ञों की राय की आवश्यकता:
विशेषज्ञों का कहना है कि लिंग-पहचान और जेंडर असाइनमेंट से जुड़े मामलों में मेडिकल और मनोवैज्ञानिक मार्गदर्शन बेहद ज़रूरी है। इंटरनेट पर उपलब्ध आंशिक और गलत जानकारी खतरनाक हो सकती है। ऐसे किसी भी परिवर्तनात्मक चिकित्सा निर्णय से पहले प्रमाणित सर्जन, मनोचिकित्सक और ट्रांसजेंडर हेल्थ-केयर विशेषज्ञ से परामर्श आवश्यक है।
नोट: यह रिपोर्ट उपलब्ध पारिवारिक और स्थानीय सूचनाओं पर आधारित है। पुष्टिकरण के लिए अस्पताल और स्थानीय पुलिस के आधिकारिक बयानों का इंतज़ार किया जा रहा है।



