Mumbi News : श्री राम कथा में उमड़ा आस्था का सैलाब, राम–सीता विवाह प्रसंग ने भक्तों को किया भावविभोर
जोगेश्वरी (महाराष्ट्र)।
महाराष्ट्र के जोगेश्वरी स्थित सुदर्शन इंग्लिश हाई स्कूल के विशाल प्रांगण में आयोजित श्री राम कथा के भव्य आयोजन में श्रद्धा और भक्ति का अद्भुत संगम देखने को मिला। कथा स्थल पर प्रतिदिन श्रद्धालुओं का जनसैलाब उमड़ रहा है, जहां भक्तगण श्रीराम की मर्यादा, आदर्श और जीवन मूल्यों को आत्मसात करते हुए भक्ति रस में सराबोर नजर आ रहे हैं।
इस पावन आयोजन के मुख्य यजमान चिंतामणि पांडे द्वारा श्री राम कथा का आयोजन अत्यंत भव्य और सुव्यवस्थित ढंग से किया गया है। कथा के सुप्रसिद्ध कथावाचक जितेंद्र महाराज के मुखारविंद से प्रवाहित हो रही श्री राम कथा ने वातावरण को पूर्णतः भक्तिमय बना दिया है। कथा श्रवण के दौरान श्रोता भावविभोर होकर जय श्रीराम के उद्घोष के साथ प्रभु श्रीराम की महिमा का गुणगान करते दिखे।
कथा के दौरान जितेंद्र महाराज ने श्रीराम और माता जानकी के विवाह प्रसंग का अत्यंत भावपूर्ण वर्णन किया। उन्होंने बताया कि यह विवाह एक साधारण नहीं बल्कि चुनौतीपूर्ण और मर्यादाओं से परिपूर्ण था। राजा जनक के दरबार में आयोजित धनुष यज्ञ का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि शर्त रखी गई थी कि जो भी महारथी भगवान शिव के पिनाक धनुष को उठाकर तोड़ेगा, उसी से माता सीता का विवाह होगा। अनेक देशों से आए प्रतापी राजाओं ने अपने बल और पराक्रम का परिचय दिया, लेकिन कोई भी शिव धनुष को उठा तक नहीं सका।
जब सभी महारथी असफल हो गए तो राजा जनक ने व्यथित होकर कहा कि लगता है धरती वीरों से शून्य हो गई है और उनकी पुत्री का विवाह संभव नहीं हो पाएगा। इसी क्षण गुरु वशिष्ठ की आज्ञा से प्रभु श्रीराम ने सहज भाव से शिव धनुष को उठाकर तोड़ दिया। धनुष टूटते ही सभा में जयकारों की गूंज उठी और माता सीता का विवाह प्रभु श्रीराम से संपन्न हुआ। इस प्रसंग को सुनकर कथा पंडाल में उपस्थित श्रद्धालुओं की आंखें नम हो गईं।
कार्यक्रम के दौरान राम–सीता विवाह की भव्य झांकी भी निकाली गई, जिसने श्रद्धालुओं का मन मोह लिया। झांकी के दर्शन कर भक्तगण भक्ति के सागर में गोते लगाते नजर आए और पूरा परिसर जय श्रीराम के नारों से गूंज उठा।
इस धार्मिक आयोजन में रूपेश पांडे, मुन्ना सिंह, डीएम सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति, समाजसेवी एवं बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे। आयोजन को लेकर क्षेत्र में विशेष उत्साह का माहौल है और प्रतिदिन कथा स्थल पर श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ती जा रही है। श्री राम कथा का यह आयोजन न केवल धार्मिक आस्था को मजबूत कर रहा है, बल्कि सामाजिक समरसता और सांस्कृतिक मूल्यों का भी संदेश दे रहा है।
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