Azamgarh News: महाराजा सुहेलदेव विश्वविद्यालय में रिश्वतखोरी का खुलासा, रजिस्ट्रार का स्टेनो 50 हजार लेते गिरफ्तार

आजमगढ़ बलरामपुर/पटवध से बबलू राय
महाराजा सुहेलदेव विश्वविद्यालय में रिश्वतखोरी का खुलासा, रजिस्ट्रार का स्टेनो 50 हजार लेते गिरफ्तार
आजमगढ़ जनपद के महाराजा सुहेलदेव यूनिवर्सिटी में मंगलवार को उस समय हड़कंप मच गया जब गोरखपुर की विजिलेंस टीम ने छापेमारी कर रजिस्ट्रार के स्टेनो संजय यादव को ₹50 हजार की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया।
जानकारी के मुताबिक, गोरखपुर से आई विजिलेंस टीम ने कार्रवाई के दौरान आरोपी स्टेनो संजय यादव को उस वक्त पकड़ा जब वह डिग्री कॉलेज की मान्यता दिलाने के नाम पर रिश्वत की रकम ले रहा था। छापेमारी के दौरान टीम ने उसके कार्यालय की अलमारी की तलाशी ली, जहां से ₹1.80 लाख नगद भी बरामद किए गए।
बताया जा रहा है कि सुजीत सिंह ने इस मामले की शिकायत विजिलेंस से की थी। उनका आरोप है कि कॉलेज की मान्यता दिलाने के एवज में कुल ₹3 लाख की मांग की गई थी। तय योजना के तहत मंगलवार को ₹50 हजार दिए जाने थे, जबकि शेष ₹2.5 लाख बाद में देने की बात कही गई थी।
पीड़ित का कहना है कि उन्होंने इस संबंध में विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार डॉ अंजनी कुमार मिश्रा से मुलाकात की थी। आरोप है कि रजिस्ट्रार ने ही उन्हें अपने स्टेनो से संपर्क कर रकम देने को कहा था।
शिकायत मिलने के बाद पहले से तैयार विजिलेंस टीम ने जाल बिछाया और जैसे ही शिकायतकर्ता ने आरोपी को पैसे दिए, टीम ने तत्काल कार्रवाई करते हुए उसे हिरासत में ले लिया।
घटना के बाद विश्वविद्यालय परिसर में चर्चाओं का माहौल है। वहीं विजिलेंस टीम आरोपी को अपने साथ Gorakhpur ले गई है, जहां आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
इस कार्रवाई ने उच्च शिक्षा संस्थानों में मान्यता प्रक्रिया को लेकर उठ रहे सवालों को एक बार फिर सामने ला दिया है।



